खेती के साथ-साथ उद्यानिकी एवं दुग्ध उत्पादन को भी बढ़ावा दिया जाएः कृषि उत्पादन आयुक्त

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खेती के साथ-साथ उद्यानिकी एवं दुग्ध उत्पादन को भी बढ़ावा दिया जाएः कृषि उत्पादन आयुक्त


- ग्वालियर-चंबल संभाग में रबी वर्ष 2025-26 की समीक्षा एवं खरीफ 2026 की तैयारियों के लिये समीक्षा बैठक संपन्न

ग्वालियर, 24 जून (हि.स.)। मध्य प्रदेश के कृषि उत्पादन आयुक्त केसी गुप्ता ने कहा कि किसानों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिये परंपरागत खेती से अधिक आय वाली फसलों में शिफ्ट किया जाना चाहिए। किसानों को आधुनिक खेती के संबंध में अधिक से अधिक जानकारी देने का कार्य भी कृषि वैज्ञानिक को करना चाहिए।

कृषि उत्पादन आयुक्त गुप्ता बुधवार को गूगल मीट के माध्यम से ग्वालियर-चंबल संभाग में रबी वर्ष 2025-26 की समीक्षा एवं खरीफ 2026 की तैयारियों के लिये आयोजित समीक्षा बैठक को संबोधित कर रहे थे। बैठक में कृषि सचिव निशांत बरबड़े, कृषि संचालक सहित अन्य कृषि संबंधित विभागों के प्रमुख अधिकारी उपस्थित थे।

ग्वालियर-चंबल संभाग में खरीफ वर्ष 2026 की तैयारियों के लिये आयोजित समीक्षा बैठक में ग्वालियर संभाग के आयुक्त मनोज खत्री संभागीय आयुक्त कार्यालय में संभागीय अधिकारियों के साथ एवं कलेक्टर रुचिका चौहान कलेक्ट्रेट कार्यालय के एनआईसी कक्ष से जिला अधिकारियों के साथ शामिल हुईं। इसके साथ ही ग्वालियर-चंबल संभाग के सभी जिला कलेक्टर अपने-अपने जिले के एनआईसी कक्ष से समीक्षा बैठक में शामिल हुए।

कृषि उत्पादन आयुक्त गुप्ता ने जिला कलेक्टरों से कहा कि वे अपने-अपने जिले में किसानों को पारंपरिक खेती के साथ-साथ ऐसी फसलों को लेने के लिये प्रेरित करें, जिसका बाजार में अधिक मूल्य मिलता है। इसके साथ– साथ उद्यानिकी एवं पशुपालन के लिये भी किसानों को प्रेरित किया जाए ताकि उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत हो सके। उन्होंने यह भी कहा कि वर्तमान समय सोशल मीडिया का समय है। इसका उपयोग किसानों के हित में केन्द्र सरकार एवं प्रदेश सरकार द्वारा किसानों के हित में किए जा रहे नवाचारों और कृषि को बढ़ावा देने के लिये किए जा रहे सार्थक प्रयासों से भी किसानों को अवगत कराया जाए।

गुप्ता ने कहा कि किसानों को ग्वालियर-चंबल संभाग में धान की फसल लेने से हतोत्साहित किया जाए और अन्य फसलें लेने के लिये प्रेरित किया जाए। उन्होंने जल संरक्षण की आवश्यकता को प्रतिपादित करते हुए कहा कि किसानों को खेत तालाब निर्माण के लिये प्रेरित किया जाए। प्रदेश में विकसित भारत - जी राम जी योजना के तहत भी खेत तालाब निर्माण के लिये अभियान चलाकर कार्य किया जायेगा।

उन्होंने कहा कि प्रदेश में खाद की कोई कमी नहीं है। मनचाहा खाद, मनचाहे समय पर और मनचाही दुकान से उपलब्ध है। ग्वालियर-चंबल संभाग में शत-प्रतिशत किसानों की फार्मर आईडी बन जाए, इस पर विशेष ध्यान दिया जाए। उन्होंने कहा कि एसडीएम के साथ-साथ अब तहसीलदारों को भी यूजर आईडी उपलब्ध करा दिया गया है। शेष बचे किसानों की फार्मर आईडी बने, इसकी कलेक्टर नियमित समीक्षा करें।

समीक्षा बैठक में उद्यानिकी फसलों को बढ़ाने पर विशेष जोर दिया गया। उद्यानिकी फसलों के लिये क्लस्टर वाइज कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए गए। बैठक में बताया गया कि उद्यानिकी फसलों में क्लस्टर वाइज योजना बनाने पर केन्द्र सरकार से भी यथासंभव सहायता उपलब्ध होती है। बैठक में यह भी निर्देश दिए गए कि ग्वालियर-चंबल संभाग के प्रत्येक जिले में ग्राम सभायें आयोजित कर किसानों को खेती-किसानी के बारे में विस्तृत जानकारी दी जाए। इसके साथ ही आधुनिक समय में वर्षा की जानकारी भी तकनीक से प्राप्त होती है, इस संबंध में भी किसान भाईयों को जानकारी दी जाए। विद्युत की उपलब्धता के संबंध में भी कलेक्टर नियमित समीक्षा कर किसान भाईयों को जानकारी मुहैया कराएं।

बैठक में सहकारिता, पशुपालन, उद्यानिकी एवं मत्स्य विभाग की भी विस्तार से समीक्षा की गई। भोपाल से विभाग प्रमुखों ने अपने-अपने विभाग की समीक्षा की और योजनाओं के क्रियान्वयन को प्राथमिकता से क्रियान्वित करने के दिशा-निर्देश भी दिए। बैठक में संभागीय आयुक्त मनोज खत्री ने ग्वालियर संभाग के सभी जिलों में कृषि के क्षेत्र में किए जा रहे नवाचार एवं आगामी समय में किए जाने वाले कृषि कार्यों से संबंधित जानकारी दी। कलेक्टर रुचिका चौहान ने भी ग्वालियर जिले में किए जा रहे कार्यों के संबंध में प्रकाश डाला।

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हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश तोमर

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