इंदौर में फिर सामने आया हनीट्रैप नेटवर्क, कारोबारी को वीडियो वायरल करने की धमकी देकर मांगे करोड़ों रुपये

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इंदौर में फिर सामने आया हनीट्रैप नेटवर्क, कारोबारी को वीडियो वायरल करने की धमकी देकर मांगे करोड़ों रुपये


इंदौर, 19 मई (हि.स.)। मध्य प्रदेश के इंदौर में एक बार फिर हाईप्रोफाइल हनीट्रैप और ब्लैकमेलिंग नेटवर्क का मामला उजागर हुआ है। शहर के एक शराब कारोबारी ने कुछ लोगों पर निजी तस्वीरें और वीडियो वायरल करने की धमकी देकर करोड़ों रुपये मांगने का आरोप लगाया है। मामले में क्राइम ब्रांच ने कार्रवाई करते हुए कई आरोपियों को हिरासत में लिया है, जिनमें एक महिला, उसका बेटा, एक प्रॉपर्टी कारोबारी और पुलिस विभाग का एक प्रधान आरक्षक शामिल है।

जांच के दौरान चर्चित पुराने हनीट्रैप प्रकरण से जुड़ी श्वेता विजय जैन का नाम सामने आने से मामला और अधिक चर्चा में आ गया है। क्राइम ब्रांच की टीम ने उसे भोपाल से हिरासत में लेकर इंदौर पहुंचाया, जहां उससे पूछताछ जारी है। हालांकि, अधिकारी फिलहाल जांच का हवाला देते हुए ज्यादा जानकारी साझा करने से बच रहे हैं।

इंदौर क्राइम ब्रांच के डीसीपी राजेश त्रिपाठी के मुताबिक, बाणगंगा क्षेत्र के रहने वाले 45 वर्षीय कारोबारी हितेंद्र सिंह चौहान ने शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में कहा गया कि उनकी पहचान द्वारकापुरी निवासी अलका दीक्षित से थी, जो पहले से कई आपराधिक मामलों में नामजद रही है।

शिकायत में कहा गया कि अलका ने कारोबारी की मुलाकात लाखन चौधरी से करवाई, जिसने खुद को बड़ा निवेशक बताते हुए प्रॉपर्टी कारोबार में साझेदारी का प्रस्ताव रखा। जब कारोबारी ने साझेदारी से इनकार किया तो कथित तौर पर दबाव बनाया जाने लगा। आरोप है कि बाद में कारोबारी को धमकियां दी गईं और निजी वीडियो सार्वजनिक करने की चेतावनी देकर भारी रकम मांगी गई।

फरियादी के मुताबिक, कुछ दिन पहले सुपर कॉरिडोर इलाके में आरोपियों ने उसे घेरकर मारपीट की और गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी। इसके बाद कारोबारी ने सीधे पुलिस कमिश्नर कार्यालय पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई। मामले को गंभीरता से लेते हुए क्राइम ब्रांच ने देर रात ऑपरेशन चलाया। अलग-अलग स्थानों पर दबिश देकर अलका दीक्षित, उसके बेटे जयदीप और लाखन चौधरी को हिरासत में लिया गया।

पूछताछ और डिजिटल जांच में इंटेलिजेंस शाखा में पदस्थ प्रधान आरक्षक विनोद शर्मा का नाम भी सामने आया। पुलिस को आरोपियों और पुलिसकर्मी के बीच बातचीत तथा चैटिंग के कुछ सबूत मिले हैं। इसके बाद पुलिस ने विनोद शर्मा को उसके सरकारी आवास से हिरासत में लेकर मोबाइल और लैपटॉप जब्त कर लिया।

थाना प्रभारी निरीक्षक विष्णु वास्कले ने मंगलवार को बताया कि मामले को गंभीरता से लेते हुए इंदौर क्राइम ब्रांच ने अलका दीक्षित, जयदीप दीक्षित, लाखन चौधरी और अन्य आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं में केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। आरोपियों की भूमिका, कॉल डिटेल, घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर जांच आगे बढ़ाई जा रही है।

इंदौर पुलिस की टीम ने भोपाल पहुंचकर मिनाल क्षेत्र से श्वेता जैन को हिरासत में लिया। अब पुलिस उससे पूछताछ कर रही है कि इस कथित ब्लैकमेलिंग और हनीट्रैप नेटवर्क में उसकी क्या भूमिका रही। क्राइम ब्रांच को शक है कि मामले में कई और हाईप्रोफाइल नाम सामने आ सकते हैं। पुलिस मोबाइल चैट, सोशल मीडिया कनेक्शन, कॉल रिकॉर्ड और आर्थिक लेनदेन की जांच कर रही है। श्वेता जैन का नाम प्रदेश के चर्चित 2019 हनी ट्रैप मामले में भी सामने आ चुका है। उस दौरान नेताओं, अफसरों और कारोबारियों के कथित वीडियो बनाकर ब्लैकमेलिंग करने के आरोप लगे थे। मामला लंबे समय तक राजनीतिक और प्रशासनिक गलियारों में चर्चा का विषय बना रहा था।

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हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश तोमर

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