कटनी की फरार पूर्व सीएसपी नेहा पच्चीसिया की याचिका पर सुनवाई पूरी, हाईकोर्ट ने फैसला सुरक्षित रखा
जबलपुर, 28 अक्टूबर (हि.स.) मध्यप्रदेश हाईकोर्ट में कटनी की फरार पूर्व सीएसपी नेहा पच्चीसिया की याचिका पर बुधवार को सुनवाई पूरी हो गई। जस्टिस आनंद पाठक और जस्टिस राजकुमार चौबे की युगलपीठ ने एफआईआर निरस्त करने और अग्रिम जमानत देने की मांग पर दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया। अब सभी की नजरें हाईकोर्ट के निर्णय पर टिकी हैं।
सुनवाई के दौरान नेहा पच्चीसिया की ओर से दलील दी गई कि विवादित जमीन की खरीद-फरोख्त में उनकी कोई भूमिका नहीं थी। बचाव पक्ष के अनुसार, जमीन मारूफ अहमद हनफी के नाम पर खरीदी गई थी और क्षितिज राज पात्रे ने उसके बैंक खाते में राशि ट्रांसफर की थी। इस लेनदेन में नेहा पच्चीसिया के बैंक खाते से कोई भुगतान नहीं हुआ।
बचाव पक्ष ने कहा कि जमीन के सौदे में नेहा पच्चीसिया की संलिप्तता साबित करने वाला कोई साक्ष्य नहीं है। इसी आधार पर एफआईआर निरस्त करने और अग्रिम जमानत देने की मांग की गई।
यह मामला कटनी के कुठला थाना क्षेत्र में दर्ज धोखाधड़ी समेत अन्य धाराओं के प्रकरण से जुड़ा है। इसमें सीएसपी नेहा पच्चीसिया समेत तीन आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने तीनों आरोपियों की गिरफ्तारी पर 10-10 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था।
आरोप है कि हत्या के एक मामले में निर्धारित समय-सीमा के भीतर चालान पेश नहीं होने के कारण आरोपी को डिफॉल्ट जमानत मिल गई थी। इसके बाद आरोप लगाए गए कि संबंधित आरोपियों की जमीन कम कीमत पर एक एजेंट के नाम से खरीदी गई थी। हालांकि, नेहा पच्चीसिया ने जमीन के सौदे में अपनी भूमिका से इनकार किया है।
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हिन्दुस्थान समाचार / विलोक पाठक

