ग्वालियरः तिल-गुड़ से मुँह मीठा कराया और अपनी आकांक्षाएं लिखकर दीदियों ने उड़ाई पतंगें
- नयी चेतना-हौसलों की उड़ान के तहत महिला सशक्तिकरण पर केन्द्रित गतिविधियां हुईं
ग्वालियर, 15 जनवरी (हि.स.)। स्व-सहायता समूहों से जुड़ीं दीदियों ने तिल-गुड़ से एक-दूसरे का मुँह मीठा कराया और अपनी आकांक्षायें, सपने व सकारात्मक सोच लिखकर खुले आसमान में पतंगे उड़ाईं। मौका था संक्रांति के अवसर पर नयी चेतना- हौसलों की उड़ान के तहत मध्य प्रदेश के ग्वालियर जिले में धूमेश्वर महादेव मंदिर परिसर में राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन द्वारा आयोजित किए गए पतंग उत्सव सह तिल-गुड़ बैठक का।
सरकार के दिशा-निर्देशों के पालन में ग्वालियर जिले में भी नयी चेतना- हौसलों की उड़ान जेंडर कैंपेन के तहत महिला सशक्तिकरण को और अधिक सुदृढ़ करने के उद्देश्य से 13 से 15 जनवरी तक विशेष गतिविधियों का आयोजन किया गया। इस आयोजन में महिलाओं के स्वास्थ्य, आजीविका और जेंडर के मुद्दों के संबंध में सामुदायिक स्तर पर कार्यक्रम आयोजित किए गए। इसी क्रम में संक्रांति पर्व पर स्थानीय जनपद पंचायत की अध्यक्ष लक्ष्मी नारायण राजे के मुख्य आतिथ्य में पतंग उत्सव व तिल-गुड़ सम्मेलन आयोजित हुआ। नयी चेतना- हौसलों की उड़ान अभियान के आखिरी दिन यानी गुरुवार को स्वास्थ्य विभाग के समन्वय से जिले में राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के समस्त कलस्टर व लेवल फेडरेशन स्तर पर स्वास्थ्य शिविरों का आयोजन किया गया।
राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के जिला प्रबंधक विनीत गुप्ता ने बताया कि स्वास्थ्य शिविरों में स्व-सहायता समूहों से जुड़ीं दीदियों की ब्लड प्रेशर, एनीमिया व मधुमेह आदि की जांच की गई। साथ ही महिलाओ से जुड़े मुद्दे जैसे संतुलित एवं पोष्टीक भोजन, बजन नियंत्रण, शिशु-माँ टीकाकरण एवं सेनेटरी नेपकिन के प्रयोग आदि पर महिलाओं को उपयोगी जानकारी दी गई। राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के जिला प्रबंधक गुप्ता ने बताया कि कार्यक्रम के पहले दिन लखपति दीदी संवाद, दूसरे दिन पतंग उत्सव व तिल-गुड़ सम्मेलन एवं आखिरी दिन स्वास्थ्य शिविर लगाए गए।
हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश तोमर

