ग्वालियरः तीन कंपनियों के बीजों का भंडारण व विक्रय प्रतिबंधित, दो विक्रेताओं के लाइसेंस निरस्त-निलंबित

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ग्वालियरः तीन कंपनियों के बीजों का भंडारण व विक्रय प्रतिबंधित, दो विक्रेताओं के लाइसेंस निरस्त-निलंबित


ग्वालियर, 06 अगस्त (हि.स.)। मध्य प्रदेश के ग्वालियर जिले में तीन कंपनियों के अमानक धान-बीज के भण्डारण एवं क्रय-विक्रय पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। इसी तरह एक खाद-बीज भण्डार का बीज विक्रय लायसेंस निरस्त व दूसरे अन्य खाद-बीज भण्डार का बीज विक्रय लायसेंस निलंबित किया गया है।

कृषि उप संचालक भानु प्रकाश शर्मा ने गुरुवार को जानकारी देते हुए किसानों के हितों की सुरक्षा और उन्हें गुणवत्तापूर्ण खाद-बीज उपलब्ध कराने के उद्देश्य से प्रदेश सरकार की मंशा के अनुरूप जिला प्रशासन द्वारा खाद-बीज की दुकानों का लगातार निरीक्षण कराया जा रहा है। साथ ही खाद-बीज के नमूने लेकर प्रयोगशाला में जांच कराई जा रही है। नमूने अमानक पाए जाने पर सख्त कार्रवाई भी की जा रही है। इस कड़ी में कलेक्टर रुचिका चौहान के निर्देश पर अलग-अलग आदेश जारी कर यह कार्रवाई की गई है।

कृषि उप संचालक शर्मा के अनुसार, धान बीज (किस्म पी.बी.-1718 टी.एल.) अमानक साबित होने पर पंजाब की कंपनी मैसर्स जे.सी. एग्री केयर (इंडिया) के सभी प्रकार के बीजों के भंडारण, क्रय एवं विक्रय पर प्रतिबंध लगाया गया है। इसी तरह बीज उत्पादक कंपनी अल्फा एग्रोटेक, कोटा राजस्थान (मार्के. ग्रीन रिवोल्यूशन प्रा.लि.) से लिया गया धान-बीज (किस्म पी.बी.-1509 टी.एल) अमानक पाए जाने पर इस फर्म के समस्त प्रकार के बीजों का जिले में भण्डारण एवं क्रय-विक्रय तत्काल प्रभाव से प्रतिबंधित किया गया है। धान बीज (किस्म पी.बी.-1847 टी.एल.) अमानक पाए जाने पर बीज उत्पादक कंपनी कार्तिक बायो सीड के समस्त प्रकार के बीजों के भण्डारण एवं क्रय-विक्रय पर प्रतिबंध लगाया गया है।

प्रयोगशाला की विश्लेषण रिपोर्ट में गिर्राज जी खाद भण्डार एबी रोड घाटीगांव की धान-बीज (किस्म पी.बी.-1509 टी.एल.) नमूना अमानक पाए जाने पर इनका बीज विक्रय पंजीयन निरस्त कर दिया गया है। इसी तरह न्यू गल्ला मंडी के सामने भितरवार रोड डबरा स्थित प्रधान कृषि सेवा केन्द्र फर्म का धान बीज (किस्म पी.बी. 1847 टी.एल.) बीज विक्रय पंजीयन निलंबित किया गया है। रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद इन सभी कंपनियों व फर्मों को कारण बताओ नोटिस जारी कर अपना पक्ष रखने का अवसर दिया गया। जवाब संतोषजनक नहीं पाए जाने पर बीज नियंत्रण आदेश, 1983 के प्रावधानों के तहत यह कार्रवाई की गई है।

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हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश तोमर

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