ग्वालियरः अधिकारियों ने आदिवासी बस्तियों में मनाई दीपावली, बच्चों को बांटी मिठाई और आतिशबाजी

WhatsApp Channel Join Now
ग्वालियरः अधिकारियों ने आदिवासी बस्तियों में मनाई दीपावली, बच्चों को बांटी मिठाई और आतिशबाजी


ग्वालियरः अधिकारियों ने आदिवासी बस्तियों में मनाई दीपावली, बच्चों को बांटी मिठाई और आतिशबाजी


ग्वालियर, 07 नवंबर (हि.स.)। मध्य प्रदेश के ग्वालियर जिले में राजस्व अधिकारियों एवं अन्य विभागों के अधिकारियों ने शनिवार को दीपावली पर्व की पूर्व संध्या पर आदिवासी बस्तियों और पिछड़ी बस्तियों में पहुंचकर बच्चों के साथ त्यौहार मनाया। अधिकारियों ने बच्चों को मिठाई और आतिशबाजी का वितरण किया तथा उनके साथ दीप जलाकर दीपों के इस त्यौहार की खुशियां साझा कीं।

अधिकारियों के इस स्नेह से बस्तियों में रहने वाले बच्चों के चेहरों पर खुशी झलक उठी। कलेक्टर चौहान ने कहा कि दीपावली खुशियां बांटने का त्यौहार है, प्रशासन का प्रयास है कि कोई भी बच्चा इस खुशी से वंचित न रहे।

बेरखेड़ा में शासकीय सेवकों ने बाँटी मिठाई, पटाखे और अपनेपन की रोशनी

दीपावली का पर्व केवल रोशनी का नहीं, अपनों के बीच खुशियाँ बाँटने का भी पर्व है। इसी भावना को साकार करते हुए जिला प्रशासन की पहल पर, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की मंशा के अनुरूप, जिले के ग्राम बेरखेड़ा में दीपावली के उपलक्ष्य में अनूठा दीपोत्सव मनाया गया। शासकीय सेवक स्वयं घर-घर पहुँचे और गाँव की आंगनबाड़ी के बच्चों एवं गाँव के परिवारों को मिठाई व पटाखे भेंट कर उनके साथ त्योहार की खुशियाँ साझा कीं।

जब अधिकारी हाथों में मिठाई के डिब्बे और पटाखों के पैकेट लेकर दहलीज़ पर पहुँचे, तो ग्रामीणों के चेहरों पर आश्चर्य के साथ अपनत्व की मुस्कान खिल उठी। कई बुजुर्गों ने आशीर्वाद दिया और ग्रामीणों ने स्वागत भी किया। बच्चे पटाखों के पैकेट पाकर खुशी से झूम उठे।

गाँव की गलियों में उत्साह और अपनेपन का माहौल बन गया। कार्यक्रम के दौरान आंगनवाड़ी केंद्र पर भी विशेष आयोजन हुआ। यहाँ नन्हे-मुन्ने बच्चों को मिठाई और पटाखे वितरित किए गए। बच्चों की खिलखिलाहट और उनकी चमकती आँखों ने इस दीपोत्सव को सचमुच यादगार बना दिया। अधिकारियों ने बच्चों से स्नेहपूर्वक बातचीत की और उन्हें सुरक्षित रहकर त्योहार मनाने, साफ-सफाई रखने तथा पढ़ाई के प्रति जागरूक रहने का संदेश दिया। ग्रामवासियों ने इस पहल की मुक्त कंठ से इस पहल की प्रशंसा की। एक बुजुर्ग ग्रामीण ने भावुक होकर कहा कि यह मिठाई सिर्फ मीठी नहीं, अपनेपन की मिठास से भरी है। बेरखेड़ा के इस दीपोत्सव ने समाज को सकारात्मक संदेश दिया कि दीपावली का असली अर्थ अपने आसपास के हर घर में उजाला और मुस्कान पहुँचाना है।

---------------

हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश तोमर

Livevns.news Desk
Livevns.news Desk

774014 Articles

Share this story