ग्वालियरः सरकारी स्कूलों के बच्चों की मदद के लिये बढ़े शासकीय सेवकों के हाथ
- जिले के सभी शासकीय प्राथमिक विद्यालयों के बच्चों के लिए उपलब्ध कराई जायेंगी बैंच, शासकीय सेवकों ने धनराशि देने की सहमति दी
ग्वालियर, 05 जनवरी (हि.स.)। जरूरतमंद बच्चों को शिक्षा के लिये बेहतर सुविधायें उपलब्ध कराना केवल सरकार की ही नहीं, समाज की भी नैतिक जिम्मेदारी है। इसी भाव के साथ ग्वालियर कलेक्टर रुचिका चौहान की पहल पर ग्वालियर जिले के शासकीय प्राथमिक विद्यालयों में अध्ययनरत बच्चों की मदद के लिये शासकीय सेवकों ने हाथ आगे बढ़ाए हैं। जिला प्रशासन ने शासकीय सेवकों एवं जन सहयोग से जिले के सभी शासकीय प्राथमिक विद्यालयों को लकड़ी की बैंच उपलब्ध कराने का बीड़ा उठाया है।
मध्य प्रदेश के ग्वालियर में सोमवार को हुई बैठक में कलेक्टर रुचिका चौहान ने जब अधिकारियों से कहा कि हम सबके थोड़े से सहयोग से शासकीय प्राथमिक शालाओं में अध्ययनरत बच्चों को पढ़ाई करने के लिये बैंच उपलब्ध हो सकती हैं। इस पुनीत पहल में सभी अधिकारियों ने सहयोग का भरोसा दिलाया। बैठक में देखते ही देखते एक हजार बैंच के लिये धनराशि का इंतजाम हो गया।
कलेक्टर ने स्वयं और रीवा में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के रूप में पदस्थ अपने पति शैलेन्द्र सिंह चौहान की ओर से 100 बैंच के लिये धनराशि उपलब्ध कराने की सहमति दी। इसी तरह जिला पंचायत के सीईओ सोजान सिंह रावत व अपर कलेक्टर सी बी प्रसाद ने 51 – 51, उप जिला निर्वाचन अधिकारी अनिल बनवारिया, जिले के एसडीएम व अन्य संयुक्त कलेक्टर ने 50–50 बैंच के लिये अपने वेतन से धनराशि उपलब्ध कराने की सहमति दी। इनके अलावा बैठक में मौजूद विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारियों में से किसी ने 50, किसी ने 25, किसी ने 10, किसी ने 5, किसी ने 2 तो किसी ने 1 बैंच के लिये धनराशि उपलब्ध कराने की सहर्ष सहमति दी है। कलेक्टर ने श्रद्धाभाव के साथ शासकीय स्कूलों के बच्चों की मदद के लिये तैयार हुए सभी अधिकारियों के प्रति धन्यवाद व्यक्त किया। साथ ही भरोसा जताया कि हम सब मिलजुलकर निश्चित ही जिले के सभी शासकीय प्राथमिक विद्यालयों में आवश्यकता के अनुरूप बैंच की आपूर्ति करने में सफल होंगे।
जिले के सभी शासकीय प्राथमिक विद्यालयों में अध्ययनरत बच्चों के लिये कितनी बैंच की आवश्यकता होगी। इसका आंकलन भी जिला प्रशासन द्वारा करा लिया गया है। कलेक्टर ने बताया कि लगभग ढाई करोड़ रुपए की आवश्यकता बैंचों की व्यवस्था के लिये होगी। बैंच उपलब्ध कराने के लिये वैंडर्स से भी बात हो गई है। इन वेंडर्स ने एक बैंच का खर्चा 2250 रुपये बताया है।
हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश तोमर

