ग्वालियरः बिलौआ में किसान ने प्राकृतिक खेती के लिए बनाया बायोरिसोर्स सेंटर

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ग्वालियरः बिलौआ में किसान ने प्राकृतिक खेती के लिए बनाया बायोरिसोर्स सेंटर


- प्राकृतिक खेती करने वाले किसान को कृषि विभाग करे हर संभव मदद: जिला पंचायत सीईओ रावत

ग्वालियर, 04 फरवरी (हि.स.)। मध्य प्रदेश के ग्वालियर जिले के बिलौआ में प्राकृतिक खेती के लिए किसान प्राणसिंह माथुर के खेत में बी.आर.सी. बायोरिसोर्स सेंटर स्थापित किया है। इस बायोरिसोर्स सेंटर का बुधवार को जिला पंचायत सीईओ सोजान सिंह रावत ने भ्रमण किया। भ्रमण के दौरान उन्होंने बायोरिसोर्स सेंटर को संचालित करने से संबंधित सभी सामग्री एवं मशीने संबंधित कृषक को उपलब्ध कराये जाने के निर्देश दिये।

दरअसल, जिले के किसान अब प्राकृतिक खेती से जुड रहे हैं। प्राकृतिक खेती में किसी भी प्रकार के रसायन का प्रयोग नहीं किया जाता है। साथ ही खेतों में गाय एवं भैंस के गोबर से निर्मित प्राकृतिक खाद डाली जाती है। बिलौआ में किसान प्राणसिंह माथुर के यहां बी.आर.सी. बायोरिसोर्स सेंटर का स्थापित की है। इसमें गोबर से गैस एवं खाद बनाई जाएगी।

इस बायोरिसोर्स सेंटर का जिला पंचायत सीईओ सोजान सिंह रावत ने भ्रमण किया। भ्रमण के दौरान किसान द्वारा प्राकृतिक खेती के लिए तैयार किये जाने वाले आदान सामग्री जैसे- जीवामृत, बीजामृत, घनजीवामृत, नीमास्त्र, दसपर्णीय अर्क बृहमास्त्र आदि बनाने की प्रक्रिया एवं लगने वाली सामग्री के बारे में विस्तार से चर्चा की । इसके साथ ही किसान प्राणसिंह माथुर के द्वारा उगाये जा रही प्राकृतिक फसलें जैसे गेहू, आलू, उद्यानिकी फसलें एवं मछली पालन का निरीक्षण किया। सीईओ रावत द्वारा प्राकृतिक खेती हेतु आदान सामग्री आसानी से अधिक अधिक से कृषक भाईयों को उपलब्ध हो सकें, साथ ही बायोरिसोर्स सेंटर को संचालित करने से संबंधित सभी सामग्री एवं मशीने संबंधित कृषक को उपलब्ध कराये जाने के निर्देश दिये।

निरीक्षण के दौरान उपस्थित रणवीर सिंह जाटव, उप संचालक कृषि ग्वालियर के द्वारा कृषक को प्राकृतिक खेती मिशन अंतर्गत दिये जाने वाली सुविधाओं के बारे में अवगत कराया। साथ ही बायोरिसोर्स सेंटर के संचालन हेतु आवश्यक सामग्री उपलब्ध कराने के बारे में भी विस्तार पूर्वक बताया।

जिले में ओला प्रभावित ग्रामों में सर्वेक्षण का कार्य प्रारंभ

ग्वालियर जिले के भितरवार अनुभाग क्षेत्र के ग्रामों में 2 व 3 फरवरी की रात में ओलावृष्टि हुई है। इससे प्रथम दृष्टया फसल हानि होना संभावित है। कलेक्टर रुचिका चौहान ने बुधवार को भितरवार अनुभाग की तहसील चीनौर के ग्राम चीनौर, बड़कीसराय, सिकरौदा, खुर्दपार्क, जुझारपुर, भौरी एवं कछौआ में प्रथम दृष्टया फसल हानि के विस्तृत सर्वेक्षण हेतु तहसील चीनौर के अंतर्गत सर्वेक्षण दल गठित करने के आदेश जारी किए हैं।

ओलावृष्टि के कारण फसल हानि के सर्वेक्षण के लिये सर्वेक्षण दल में अनुविभागीय अधिकारी राजस्व भितरवार, वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी भितरवार एवं तहसीलदार चीनौर को रखा गया है। सर्वेक्षण दल को निर्देशित किया गया है कि राजस्व विभाग की ओर से राजस्व निरीक्षक, पटवारी, कृषि विभाग से आरएईओ तथा जनपद पंचायत की ओर से सचिव को सम्मिलित करते हुए सर्वेक्षण दल गठित कर तीन दिवस में फसल हानि से संबंधित प्रतिवेदन भू-अभिलेख शाखा को भेजना सुनिश्चित करें। कलेक्टर रुचिका चौहान के निर्देश पर सोमवार की देर रात हुई ओलावृष्टि से प्रभावित ग्राम कछौआ और चीनौर एवं जुझारपुर गांव में जिला प्रशासन की टीम द्वारा फसलों को हुए नुकसान के प्रारंभिक आंकलन का कार्य प्रारंभ कर दिया गया है। इसके साथ ही सर्वेक्षण दल द्वारा अन्य प्रभावित क्षेत्रों में भी सर्वेक्षण की कार्रवाई की जा रही है। निर्धारित समय-सीमा में सभी प्रभावित ग्रामों में प्रारंभिक सर्वेक्षण का कार्य कर लिया जायेगा।

हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश तोमर

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