ग्वालियरः कलेक्टर के निर्देश- शहर में वार्डवार कार्ययोजना बनाकर जल गंगा संवर्धन अभियान को मूर्तरूप दें
ग्वालियर, 01 अप्रैल (हि.स.)। मध्य प्रदेश के ग्वालियर शहर में वार्डवार कार्ययोजना बनाकर जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत जल संरक्षण व संवर्धन के कार्य कराए जाएं। साथ ही नालों के कैचमेट के अतिक्रमण प्रमुखता से हटवाएं, जिससे बरसात के दौरान जल भराव की स्थिति निर्मित न हो।
यह निर्देश बुधवार को कलेक्टर रुचिका चौहान ने अंतरविभागीय समन्वय बैठक में जल गंगा संवर्धन अभियान की समीक्षा के दौरान दिए। उन्होंने जिले में जल गंगा संवर्धन अभियान को मूर्तरूप देने के लिये विभागवार बनाई गई कार्ययोजनाओं की विस्तार से समीक्षा की।
बैठक में साधना सप्ताह, ग्रीष्म ऋतु को ध्यान में रखकर बनाई गई पेयजल कार्ययोजना व सीएम हैल्पलाइन सहित शासन की प्राथमिकता वाले अन्य कार्यक्रमों की भी समीक्षा की गई। बैठक में अपर कलेक्टर कुमार सत्यम एवं जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी सोजान सिंह रावत सहित जिले के एसडीएम एवं विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी मौजूद थे।
कलेक्टर ने जल गंगा संवर्धन अभियान की समीक्षा के दौरान जोर देकर कहा कि महाविद्यालयों व छात्रावासों व औद्योगिक इकाईयों के भवनों सहित सभी विभागों के सार्वजनिक भवनों में अभियान बतौर रूफ वाटर हार्वेस्टिंग संरचनायें बनवाई जाएं। उन्होंने सभी विभागों के जिला अधिकारियों को भी अपने-अपने घर में रूफ वाटर हार्वेस्टिंग संरचनायें बनवाकर फोटोग्राफ भेजने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने यह भी निर्देश दिए कि ग्रामीण अंचल में ऐसी जगह पर नए तालाब बनवाएं, जिससे बरसात में तालाब भर सकें।
बैठक में बताया गया कि जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत ग्रामीण अंचल में 930 खेत तालाब, लगभग एक दर्जन अमृत सरोवर, 854 कूप रीचार्ज संरचना सहित अन्य संरचनाओं का निर्माण कराया जा रहा है। कलेक्टर ने पूर्व के वर्षों में बने तालाबों के कैचमेट एरिया से अतिक्रमण हटवाने पर बल दिया। साथ ही कहा कि तालाबों व अमृत सरोवरों को राजस्व रिकॉर्ड में भी दर्ज कराएं। उन्होंने जल गंगा संवर्धन अभियान में सहयोग के लिये अधिक से अधिक “अमृत मित्र” (वाटर वॉलेंटियर) पंजीकृत करने के लिये भी कहा। ग्रीष्म ऋतु को ध्यान में रखकर ग्रामीण व जिले के सभी शहरी क्षेत्रों में पर्याप्त संख्या में प्याऊ स्थापित करने के निर्देश भी बैठक में दिए गए। कलेक्टर श्रीमती चौहान ने सभी प्याऊ के फोटोग्राफ भेजने के निर्देश दिए हैं।
समस्यामूलक बस्तियों में करें पेयजल आपूर्ति के पुख्ता उपाय
गर्मी के मौसम में पेयजल की सुचारू आपूर्ति बनाए रखने पर भी कलेक्टर रुचिका चौहान ने विशेष जोर दिया। उन्होंने नगर निगम के अपर आयुक्त को निर्देश दिए कि पिछले साल जिन बस्तियों में पेयजल समस्या सामने आई थी, वहां पेयजल आपूर्ति की विशेष व्यवस्था करें। उन्होंने ग्रामीण अंचल की भी पेयजल कार्ययोजना की समीक्षा की। साथ ही निर्देश दिए कि समस्यामूलक गाँवों में नए नलकूप खनन के लिये क्षेत्रीय विधायकों से विधायक निधि से धनराशि उपलब्ध कराने का आग्रह करें। साथ ही विभागीय मद से भी तेजी के साथ समस्यामूलक बस्तियों में हैंडपंपों का खनन कराया जाए। जिन नल जल योजनाओं के मोटर पंप खराब हैं और पाइप लाइन में दिक्कत है उन्हें 15वे वित्त आयोग से ठीक कराएं, जिससे ग्रीष्म ऋतु में पेयजल आपूर्ति में बाधा न आए। कलेक्टर ने समस्यामूलक गाँवों का जल स्तर बढ़ाने के लिये इस साल के जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत तालाब बनवाने के निर्देश भी दिए।
शासकीय सेवक iGOT एप डाउनलोड कर प्रशिक्षण लें
सरकार द्वारा शासकीय कामकाज के बेहतर निर्वहन के लिये शासकीय सेवकों के लिये 2 अप्रैल से 8 अप्रैल तक साधना सप्ताह शुरू किया गया है। कलेक्टर ने साधना सप्ताह के दौरान सभी विभागों के शतप्रतिशत शासकीय सेवकों को iGOT पोर्टल के माध्यम से न्यूनतम 4 घंटे के कम से कम पाँच प्रशिक्षण लेने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा यह काम पूरी गंभीरता के साथ जिला स्तरीय अधिकारी अपने अधीनस्थ शासकीय सेवकों से कराएं। साथ ही स्वयं भी प्रशिक्षण लें।
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हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश तोमर

