ग्वालियरः कलेक्टर ने की शहर की पेयजल व्यवस्था की समीक्षा, टंकियों की नियमित सफाई के दिए निर्देश

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ग्वालियरः कलेक्टर ने की शहर की पेयजल व्यवस्था की समीक्षा, टंकियों की नियमित सफाई के दिए निर्देश


ग्वालियर, 03 जनवरी (हि.स.)। मध्य प्रदेश के ग्वालियर में कलेक्टर रुचिका चौहान ने शनिवार को शहर की पेयजल आपूर्ति की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने नगर निगम के अधिकारियों को निर्देश दिए कि शहर की सभी पेयजल टंकियों की सफाई निर्धारित शेड्यूल के तहत नियमित रूप से कराएं। सभी टंकियों पर सफाई की तिथिवार सूचना भी प्रदर्शित करें। साथ ही शहर की ऐसी बस्तियां जहाँ बार-बार गंदे पानी की समस्या निर्मित होती है उन बस्तियों सहित शहर की अन्य बस्तियों के पानी की प्रयोगशाला बैक्टीरियल जाँच कराएं। उन्होंने जोर देकर कहा कि राज्य शासन के स्पष्ट निर्देश है कि हर बस्ती के निवासियों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध हो। इसलिए इस काम में जरा सी भी ढिलाई व लापरवाही नहीं होना चाहिए।

समीक्षा बैठक में नगर निगम आयुक्त संघ प्रिय, अपर आयुक्त टी. प्रतीक राव, प्रदीप तोमर,मुनीष सिकरवार सहित जलप्रदाय एवं सीवर के सभी संबंधित अधिकारी मौजूद थे। कलेक्टर ने कहा शुद्ध पेयजल आपूर्ति को लेकर पूरी सतर्कता व गंभीरता बरतें। पेयजल संबंधी शिकायत किसी भी माध्यम से मिले उसका तत्काल निराकरण सुनिश्चित करें। निराकरण के साथ-साथ पानी की सैम्पलिंग कराकर अनिवार्यत: प्रयोगशाला में जांच भी कराएं। उन्होंने कहा सभी क्षेत्राधिकारी अपने अपने क्षेत्र में जल प्रदाय के संबंध में आने वाली शिकायतों की गंभीरता से मॉनिटरिंग करें। नगर निगम की वाटर टेस्टिंग लैब को अपग्रेड करने के लिये प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश भी उन्होंने दिए।

पेयजल से संबंधित सभी उपयंत्रियों को कलेक्टर ने निर्देश दिए कि उपयंत्री अपने अपने क्षेत्र में 20 साल से अधिक ऐसी पुरानी लाइनों को चिन्हित करें जहां समानांतर रूप से नई पाइपलाइन नहीं डाली गईं हैं। इसकी वार्डवार जानकारी तैयार की जाए। उन्होंने कहा कि जो पाइप लाइनें सीवर के मेन होल के नजदीक से होकर गुजर रही हैं, उन लाइनों की विशेष रूप से जांच की जाए। यदि कहीं लीकेज की स्थिति हो तो सर्वोच्च प्राथमिकता के साथ उसे तत्काल दुरुस्त करें। साथ ही जहां अमृत-01 एवं 02 के माध्यम से नई पानी की लाइनें डाली जा चुकी हैं, वहां पर पुरानी लाइनों को बंद करने के निर्देश भी उन्होंने दिए।

सीएम हैल्पलाइन की पेयजल संबंधी शिकायतों का निराकरण सर्वोच्च प्राथमिकता से हो

कलेक्टर रुचिका चौहान ने निर्देश दिए कि पिछले तीन माह में सीएम हेल्प लाइन पर प्राप्त हुईं गंदे पानी की शिकायतों के आधार पर संबंधित स्थलों पर विशेष ध्यान दें। साथ ही ऐसी व्यवस्था बनाएं जिससे गंदे पानी की समस्या की पुनरावृत्ति न हो। उन्होंने स्थानीय जन प्रतिनिधियों के साथ समन्वय बनाकर गंदे पानी की समस्या का त्वरित निराकरण करने पर बल दिया। साथ ही निर्देश दिए कि सीएम हेल्प लाइन पर आने वाली शिकायतों को प्रतिदिन उपयंत्री एवं सहायक यंत्री देंखे और त्वरित निराकरण कराएं।

जहां ट्यूबवेल से जल आपूर्ति होती है वहां नियमित क्लोरीनेशन हो

कलेक्टर ने कहा कि जहां ट्यूबवेल से जल सप्लाई की जाती है, वहां क्लोरीनेशन कराने की पुख्ता व्यवस्था करें। साथ ही जल सप्लाई के लिए सोर्स स्थल व उस क्षेत्र के घरों में लगातार पानी की सैम्पलिंग कर जांच कराई जाए। गंदे पानी की समस्या के निराकरण के साथ-साथ आमजनों को भी दूषित जल से बचाव के लिये विभिन्न माध्यमों से जागरूक किया जाए।

निजी प्लंबर को निगम में पंजीकृत कर उन्हें प्रशिक्षित करें

समीक्षा बैठक में कलेक्टर ने नगर निगम आयुक्त संघ प्रिय को निर्देश दिए कि पानी की लाइनों को ठीक करने एवं नल कनेक्शन करने वाले निजी प्लंबरों को नगर निगम में पंजीकृत करें। साथ ही उन्हें यह प्रशिक्षण भी दिलायें कि पानी की लाइनों को किस प्रकार ठीक करना है एवं नए कनेक्शन करने पर पुराने कनेक्शन को किस प्रकार बंद करना है।

शिकायत के निराकरण का सत्यापन करने मैदान में पहुंचीं कलेक्टर

कलेक्टर रूचिका चौहान शनिवार को पेयजल से संबंधित सीएम हैल्पलाइन की शिकायत के निराकरण का सत्यापन करने मैदान में पहुँचीं। उन्होंने नगर निगम आयुक्त श्री संघ प्रिय के साथ शहर के वार्ड-9 के अंतर्गत गोलपाड़ा क्षेत्र से सीएम हेल्प लाइन में प्राप्त हुई गंदे पानी की समस्या के निराकरण की वस्तुस्थिति जानी। कलेक्टर ने संबंधित शिकायतकर्ता से भी चर्चा कर शिकायत के निराकरण के संबंध में जानकारी ली। शिकायतकर्ता ने बताया कि पेयजल लाइन में लीकेज के कारण आ रहे गंदे पानी की समस्या का निराकरण नगर निगम द्वारा करा दिया गया है। कलेक्टर ने इस दौरान पानी की गुणवत्ता भी जांची। उन्हें जांच में साफ पानी पाया गया।

हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश तोमर

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