(अपडेट) ग्वालियर हादसे में 15 की मौत, केन्द्रीय मंत्री सिंधिया ने उठाए सवाल, बोले-मंदिर तक कैसे पहुंचा ट्रक?

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(अपडेट) ग्वालियर हादसे में 15 की मौत, केन्द्रीय मंत्री सिंधिया ने उठाए सवाल, बोले-मंदिर तक कैसे पहुंचा ट्रक?


(अपडेट) ग्वालियर हादसे में 15 की मौत, केन्द्रीय मंत्री सिंधिया ने उठाए सवाल, बोले-मंदिर तक कैसे पहुंचा ट्रक?


ग्वालियर, 18 अक्टूबर (हि.स.)। मध्य प्रदेश के ग्वालियर में शीतला माता मंदिर के पास हुए दर्दनाक हादसे ने पूरे शहर को झकझोर कर रख दिया है। शनिवार देर रात 1.30 बजे तेज रफ्तार ट्रक ने मंदिर में दर्शन के लिए लाइन में लगे श्रद्धालुओं को कुचल दिया। हादसे में 15 लोगों की मौत हो गई, जबकि 42 घायल हैं। हादसे पर केन्द्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने सवाल उठाए हैं।

केन्द्रीय मंत्री सिंधिया रविवार को जयारोग्य चिकित्सालय के ट्रॉमा सेंटर पहुंचे और दुर्घटना में घायलों के स्वास्थ्य की जानकारी ली। उन्होंने घायलों के समुचित उपचार के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए। उन्होंने अस्पताल प्रबंधकों से कहा कि घायलों का समुचित उपचार हो, यह सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने हादसे में मृत हुए सभी श्रद्धालुओं के प्रति गहरा दु:ख व्यक्त किया। केन्द्रीय मंत्री के साथ प्रदेश के उद्यानिकी मंत्री नारायण सिंह कुशवाह, विधायक मोहन सिंह राठौर, भाजपा जिला अध्यक्ष जयप्रकाश राजौरिया व पूर्व विधायक मुन्नालाल गोयल सहित अन्य जनप्रतिनिधि भी ट्रॉमा सेंटर पहुंचे।

केन्द्रीय मंत्री सिंधिया ने मृतकों और घायलों के परिजनों से मुलाकात कर उन्हें ढांढस बंधाया। इस दौरान सिंधिया हादसे को लेकर बेहद भावुक नजर आए। उन्होंने कहा कि मंदिर के समीप हुई यह दुर्घटना बेहद दर्दनाक है और उनका हृदय टूट गया है, क्योंकि यह हादसा उनके अपने शहर के परिवारों के साथ हुआ है।

सिंधिया ने हादसे की परिस्थितियों को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि सबसे बड़ा सवाल यह है कि रात के अंधेरे में ट्रक को मंदिर तक प्रवेश कैसे मिला? ट्रक ग्वालियर कैसे पहुंचा और उसे मंदिर परिसर के नजदीक तक आने की अनुमति कैसे मिली, इसकी सख्त तहकीकात होनी चाहिए। हादसे की तकनीकी वजह भी अभी पूरी तरह साफ नहीं है। यह जांच का विषय है कि ट्रक का ब्रेक फेल हुआ था या हादसे के पीछे कोई दूसरी वजह थी। सिंधिया ने कहा कि पूरे मामले की निष्पक्ष और सख्त जांच होनी चाहिए, ताकि हादसे के लिए जिम्मेदार लोगों की पहचान हो सके।

उन्होंने बताया कि हादसे को लेकर मुख्यमंत्री से तीन बार चर्चा हुई है और उन्होंने मुख्यमंत्री से ग्वालियर आने का आग्रह भी किया है। सिंधिया ने साफ शब्दों में कहा कि जिम्मेदार लोगों को बख्शा नहीं जाना चाहिए। हादसे के बाद पुलिस प्रशासन पर भी कार्रवाई हुई है। मामले में आठ पुलिसकर्मियों को निलंबित किया गया है। वहीं मृतकों के परिजनों को प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री राहत कोष से आर्थिक सहायता देने की प्रक्रिया भी जारी है।

मजिस्ट्रियल जांच के आदेश

इधर, कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी रुचिका चौहान ने हादसे की मजिस्ट्रियल जांच आदेश जारी किए हैं। जांच के लिए अपर जिला मजिस्ट्रेट सीबी प्रसाद को नियुक्त किया गया है। जिला दण्डाधिकारी ने जांच अधिकारी को घटना के विभिन्न बिंदुओं पर 7 दिवस के भीतर जांच प्रतिवेदन प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।

जिला दण्डाधिकारी ने अपने आदेश में कहा है कि ग्वालियर जिले के पुलिस थाना आंतरी क्षेत्रांतर्गत स्थित शीतला माता मंदिर में नवरात्रि की सप्तमी तिथि को चीनौर रोड से आते हुए तेज रफ्तार ट्रक बेकाबू हो जाने के कारण सड़क किनारे बनी प्रसाद की पांच दुकानों को रौंदते हुए शीतला माता मंदिर के मुख्य द्वार से टकराकर दुर्घटनाग्रस्त हो गया। हादसे में 15 श्रद्धालुओं की मृत्यु हो गई, लगभग 42 श्रद्धालु घायल हुए हैं। दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल श्रद्धालुओं का जयारोग्य चिकित्सालय के ट्रामा सेंटर में विशेष उपचार किया जा रहा है। अन्य घायलों का भी उपचार जारी है।

रुचिका चौहान ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक धर्मवीर सिंह के साथ ट्रामा सेंटर पहुंचकर घायलों के उपचार की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने चिकित्सकों को सभी घायलों का बेहतर उपचार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। करीब आठ गंभीर घायलों का ट्रामा सेंटर में विशेष उपचार किया जा रहा है। शेष घायलों का उपचार भी जारी है। जिला प्रशासन घायलों के बेहतर से बेहतर उपचार और आवश्यक व्यवस्थाओं पर ध्यान दिया जा रहा है।

जिला प्रशासन के अनुसार, हादसे में जान गंवाने वाले लोगों की पहचान हो गई है। मृतकों में सत्येंद्र सिंह गुर्जर (22) पुत्र जगदीश सिंह, निवासी- महलगांव, सरला तोमर (50) पत्नी राजेन्द्र सिंह तोमर, निवासी- हनुमान पहाड़ी, राजीव नगर, गुढ़ा, गौरव परिहार (18) पुत्र कमलेश परिहार, निवासी- बड़ागांव, खुरेरी, महेश शर्मा (45) पुत्र मातादीन शर्मा, निवासी- सहसराम गसवानी, जिला श्योपुर, विमलेश (18) पुत्र बबलू बघेल, निवासी महागावरा, थाना सीहोर, जिला शिवपुरी, देवेश बघेल (17) पुत्र हरिसिंह बघेल, निवासी मावटा, भितरवार, प्रिंस उर्फ छोटू जाटव (16) पुत्र संतोष जाटव, निवासी ठाठीपुर, शौर्य शर्मा (15) पुत्र संजय शर्मा, निवासी सहसराम- श्योपुर, दिव्यांश कुशवाह (17) पुत्र अशोक कुशवाह, निवासी- महेशपुरा- सिकंदर कम्पू, पवन राठौर (23), पुत्र विद्याराम राठौर, निवासी गदाईपुरा, हजीरा, लव त्यागी (15) निवासी मुरैना, अमन त्यागी (13) निवासी मुरैना, अशोक त्यागी (45) निवासी सदर, ग्वालियर, हेमंत राठौर पुत्र बंटी राठौर, निवासी शिवनगर, गदाईपुरा और नीतेश उर्फ रितेश (18) निवासी मेला ग्राउंड दुल्लापुर, ग्वालियर शामिल है।

हादसे के बाद सीएसपी को हटाया, आठ पुलिसकर्मी निलंबित

ग्वालियर में हुए भीषण सड़क हादसे के बाद राज्य सरकार ने बड़ी कार्रवाई की है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देश पर झांसी रोड सीएसपी रवि भदौरिया को हटा दिया गया है। वहीं, तीन थाना प्रभारियों समेत आठ पुलिस अधिकारियों-कर्मचारियों को निलंबित किया गया है।

हादसे में श्रद्धालुओं की मौत के बाद पुलिस की भूमिका और सुरक्षा इंतजामों को लेकर सरकार ने जवाबदेही तय करने के निर्देश दिए हैं। पुलिस ने ट्रक चालक और ट्रक मालिक को गिरफ्तार कर लिया है। मुख्यमंत्री ने हादसे में लापरवाही बरतने पर झांसी रोड के सीएसपी रवि भदौरिया को हटाने के निर्देश दिए हैं। इसके अलावा 8 पुलिस अधिकारियों-कर्मचारियों को निलंबित किया गया है।

मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद झांसी रोड सीएसपी रवि भदौरिया को हटा दिया गया है। इसके अलावा कार्रवाई की जद में झांसी रोड थाना प्रभारी शक्ति सिंह यादव, आंतरी थाना प्रभारी गीतेश शर्मा, झांसी रोड के ट्रैफिक थाना प्रभारी अभिषेक रघुवंशी, निरीक्षक यातायात राघवेंद्र जादौन, प्रधान आरक्षक सुशील द्विवेदी और आरक्षक किशन खन्ना, अनिल जैतपुरिया व पवन सेंगर शामिल हैं। ग्वालियर कलेक्टर रुचिका चौहान ने कहा है कि हादसे की जांच की जा रही है।

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया है कि ड्यूटी में लापरवाही मिलने पर किसी को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने सोशल मीडिया एक्स पर कहा कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा सर्वोपरि है। कर्तव्य में लापरवाही किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जवाबदेही तय कर कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। इससे पहले मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया पर आर्थिक सहायता की घोषणा की थी। उन्होंने कहा कि राज्य शासन की ओर से मृतकों के परिजनों को 4-4 लाख, गंभीर घायलों को 2-2 लाख और अन्य घायलों को 50-50 हजार की आर्थिक सहायता प्रदान करने के निर्देश दिए हैं।

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हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश तोमर

Livevns.news Desk
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