मप्र में ग्रीन मोबिलिटी क्रांति: वर्ष 2027 तक 1100 नई ई-बसों से सजेगा प्रदेश का परिवहन बेड़ा

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मप्र में ग्रीन मोबिलिटी क्रांति: वर्ष 2027 तक 1100 नई ई-बसों से सजेगा प्रदेश का परिवहन बेड़ा


भोपाल, 11 सितम्बर (हि.स.)। मध्य प्रदेश के इंदौर में दो दिवसीय यात्री परिवहन विजन समिट-2026 के पहले दिन शुक्रवार को अंतिम सत्र में “ग्रीन मोबिलिटी: स्वच्छ ईंधन और भविष्य के लिए तैयार बस बेड़ा” विषय पर आयोजित विशेष तकनीकी सत्र में पर्यावरण-अनुकूल सार्वजनिक परिवहन और सतत विकास पर गहन विचार-विमर्श किया गया।

सत्र के दौरान स्वच्छ परिवहन प्रणालियों को अपनाने और आधुनिक यात्री सेवाओं के विस्तार पर बल देते हुए राज्य में हरित गतिशीलता के चार प्रमुख आधार स्तंभ निर्धारित किए गए सुरक्षा, सुगमता और यात्री सुविधा को प्राथमिकता देने वाला भविष्य-अनुकूल बेड़ा; ई-बसों और कम कार्बन उत्सर्जन वाले ईंधनों का अधिकतम उपयोग, प्रगतिशील नीतियों व पारदर्शी नियामक ढांचे से निजी भागीदारी (पीपीपी मॉडल) को बढ़ावा तथा पारंपरिक डिपो का आधुनिकीकरण कर उन्हें अत्याधुनिक मोबिलिटी हब में तब्दील करना।

वर्तमान में राज्य में 96 पीएम ई-बसें और 120 इंटरसिटी बसें संचालित हैं। प्रदेश के परिवहन बेड़े का विस्तार करते हुए आगामी 6 महीनों में 486 नई पीएम ई-बसें व 34 नई इंटरसिटी बसें जोड़ी जाएंगी, जिसे वर्ष-2027 तक बढ़ाकर 1,100 बसों तक पहुंचाने का लक्ष्य है। इस बेड़े को सहायता देने के लिए वर्तमान 7 डिपो के अतिरिक्त अगले 6 महीनों में सौ-सौ बसों की क्षमता वाले 9 नए अत्याधुनिक डिपो विकसित किए जाएंगे।

इस विस्तार से प्रति वर्ष 70 हजार टन कार्बन उत्सर्जन में कमी आएगी और संचालन व रख-रखाव लागत घटेगी। इसके साथ ही पूरे राज्य में पारदर्शी और रियल-टाईम प्रबंधन के लिए शीघ्र ही इंटेलिजेंट ट्रांसपोर्ट मैनेजमेंट सिस्टम (आईटीएमएस) हेतु आरएफपी जारी की जाएगी।

सीएनजी थिंक गैस सीनियर वाइस प्रेसिडेंट राणा दत्ता ने सत्र को संबोधित करते हुए कहा कि सीएनजी को वर्तमान परिदृश्य में एक अत्यंत किफायती और व्यावहारिक ईंधन का विकल्प है। अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी, एचसीबीएसएल, हरियाणा अशोक कुमार बंसल ने कहा कि इलेक्ट्रिक बस संचालन के ज़मीनी अनुभवों को साझा करते हुए कहा कि राज्य में ई-बसों के सफल और टिकाऊ संचालन के लिए सुदृढ़ चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर, कुशल बैटरी प्रबंधन प्रणाली तथा राज्य सब्सिडी व पीपीपी मॉडल में पूर्ण पारदर्शिता होना अत्यंत आवश्यक है।

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हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश तोमर

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