मप्रः राज्यपाल ने मांडू में जानी बाघ प्रिंट की बारीकियां, जनजातीय महिलाओं के आत्मनिर्भर प्रयासों को सराहा
इंदौर, 04 अप्रैल (हि.स.)। मध्य प्रदेश के राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने शनिवार शाम अपने ऐतिहासिक पर्यटन स्थल मांडू प्रवास के दौरान यहाँ की विश्व प्रसिद्ध 'बाघ प्रिंट' कला का बारीकी से अवलोकन किया।
राज्यपाल स्थानीय कलाकार नेहा जायसवाल के केंद्र पर पहुँचे, जहाँ उन्होंने प्राकृतिक रंगों और पारंपरिक ठप्पों (ब्लॉक) के माध्यम से कपड़े पर उकेरी जा रही कलाकृतियों को देखा। इस दौरान केंद्रीय राज्य मंत्री सावित्री ठाकुर, जनप्रतिनिधिगण व प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित थे।
राज्यपाल पटेल ने केंद्र पर बाघ प्रिंटिंग की पूरी प्रक्रिया के बारे में जानकारी ली। उन्होंने कपड़े को भिगोने, हरड़ा पाउडर के उपयोग, और फिटकरी व हल्दी जैसे प्राकृतिक रंगों के प्रयोग को प्रत्यक्ष रूप से देखा। नेहा जायसवाल ने राज्यपाल को बताया कि यह पूरी तरह से हस्तनिर्मित प्रक्रिया है, जिसमें एक कपड़े को तैयार करने में लगभग 25 दिनों का समय लगता है। राज्यपाल ने हथकरघा का फीता काटकर उद्घाटन किया।
अवलोकन के दौरान राज्यपाल ने जनजातीय महिलाओं द्वारा तैयार किए जा रहे उत्पादों की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि स्थानीय कला और संस्कृति को जीवित रखने के साथ-साथ ये महिलाएं आर्थिक स्वावलंबन की दिशा में भी अनुकरणीय कार्य कर रही हैं।
केंद्र पर प्रदर्शित हस्तशिल्प और जनजातीय वेशभूषा के बारे में भी राज्यपाल ने विस्तार से चर्चा की। इस अवसर पर उन्होंने जनजातीय महिलाओं से उनके कामकाज और अनुभवों के बारे में भी संवाद किया। उन्होंने यह भी जानकारी दी गई कि 'रानी रूपमती हैंडलूम एंड हैंडीक्राफ्ट' के माध्यम से अब नए हैंडलूम स्टार्टअप की भी शुरुआत की जा रही है। राज्यपाल ने इस नए प्रयास के लिए अपनी शुभकामनाएं दीं और स्थानीय उत्पादों को प्रोत्साहित करने पर बल दिया।
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हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश तोमर

