प्रदर्शन कर रहे ओबीसी वर्ग के अभ्यर्थियों से मिले जीतू पटवारी, आंदोलन का किया समर्थन

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प्रदर्शन कर रहे ओबीसी वर्ग के अभ्यर्थियों से मिले जीतू पटवारी, आंदोलन का किया समर्थन


प्रदर्शन कर रहे ओबीसी वर्ग के अभ्यर्थियों से मिले जीतू पटवारी, आंदोलन का किया समर्थन


भाेपाल, 10 मई (हि.स.)। मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष जीतू पटवारी ने रविवार को भोपाल स्थित आंबेडकर पार्क पहुंचकर ओबीसी वर्ग के 13 प्रतिशत होल्ड पदों पर नियुक्ति की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे अभ्यर्थियों से मुलाकात की और उनके आंदोलन को समर्थन दिया। इस दौरान प्रदेशभर से आए ओबीसी अभ्यर्थियों ने सरकार के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन करते हुए शिक्षक भर्ती, पुलिस भर्ती, एमपीपीएससी सहित विभिन्न भर्तियों में होल्ड किए गए पदों पर तत्काल नियुक्ति की मांग उठाई।

दरअसल, मध्य प्रदेश में ओबीसी वर्ग को 27 प्रतिशत आरक्षण देने का मामला फिलहाल न्यायालय में लंबित है। इसी कारण राज्य सरकार ने कई प्रतियोगी परीक्षाओं और भर्ती प्रक्रियाओं में ओबीसी वर्ग के 13 प्रतिशत पदों को होल्ड कर रखा है। शिक्षक भर्ती पात्रता परीक्षा 2018, 2020 और 2023, पुलिस भर्ती, एमपीपीएससी सहित कई भर्तियों में हजारों अभ्यर्थियों की नियुक्तियां प्रभावित हुई हैं। इन्हीं मांगों को लेकर “13 प्रतिशत होल्ड अभ्यर्थी संघ” द्वारा प्रदेशव्यापी आंदोलन आयोजित किया गया, जिसमें विभिन्न जिलों से बड़ी संख्या में युवा शामिल हुए।

धरनास्थल पर अभ्यर्थियों को संबोधित करते हुए जीतू पटवारी ने कहा कि 45 डिग्री की भीषण गर्मी में ओबीसी वर्ग के युवा अपने संवैधानिक अधिकारों के लिए संघर्ष करने को मजबूर हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर के नाम पर राजनीति करने वाली भाजपा सरकार सामाजिक न्याय और आरक्षण की भावना को कमजोर कर रही है।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार के दौरान तत्कालीन मुख्यमंत्री कमलनाथ ने ओबीसी वर्ग को 27 प्रतिशत आरक्षण देने का ऐतिहासिक निर्णय लिया था, लेकिन भाजपा सरकार ने इसे प्रभावी ढंग से लागू नहीं होने दिया। पटवारी ने आरोप लगाया कि सरकार ने अदालत में मजबूत पैरवी नहीं की, बार-बार वकीलों के पैनल बदले गए और कई बार सरकारी पक्ष के वकील सुनवाई में उपस्थित तक नहीं हुए। उनके अनुसार यह स्थिति भाजपा सरकार की ओबीसी विरोधी मानसिकता को दर्शाती है।

मुख्यमंत्री मोहन यादव के हालिया बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए पटवारी ने कहा कि जिस कानून को विधानसभा ने पारित किया, जिस पर राज्यपाल की मंजूरी मिली और जिसके आधार पर कई अभ्यर्थियों को नियुक्तियां भी दी गईं, उसे “पर्ची पर बना कानून” बताना संविधान, विधानसभा और ओबीसी समाज का अपमान है।

उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार की नीति केवल ओबीसी आरक्षण को रोकने तक सीमित रह गई है और हजारों योग्य अभ्यर्थियों के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। जीतू पटवारी ने मांग की कि ओबीसी वर्ग को 27 प्रतिशत आरक्षण का लाभ तत्काल बहाल किया जाए और विभिन्न भर्ती परीक्षाओं में होल्ड किए गए 13 प्रतिशत पदों के परिणाम जारी कर पात्र अभ्यर्थियों को शीघ्र नियुक्ति दी जाए। उन्होंने आंदोलनरत युवाओं को भरोसा दिलाया कि कांग्रेस पार्टी उनके संवैधानिक अधिकारों की लड़ाई सड़क से लेकर सदन और न्यायालय तक पूरी मजबूती के साथ लड़ती रहेगी।

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हिन्दुस्थान समाचार / नेहा पांडे

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