मप्रः आयुष्मान भारत योजना में फ्रॉड डिटेक्शन को मिलेगी मजबूती
- स्टेट एंटी फ्रॉड यूनिट के लिए पदस्थ 20 डॉक्टरों को विशेष प्रशिक्षण
भोपाल, 16 सितम्बर (हि.स.)। मध्य प्रदेश में आयुष्मान भारत योजना में पारदर्शिता एवं जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए फ्रॉड डिटेक्शन व्यवस्था को और मजबूत किया जा रहा है। इसी क्रम में स्टेट एंटी फ्रॉड यूनिट में कार्य करने के लिए पदस्थ 20 बंधपत्र चिकित्सकों को विशेष प्रशिक्षण दिया गया।
आयुष्मान भारत निरामयम् मप्र के मुख्य कार्यपालन अधिकारी अरविंद शाह ने बुधवार को यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षित चिकित्सकों की सेवाओं से संदिग्ध प्रकरणों की चिकित्सकीय एवं तकनीकी जांच को मजबूती मिलेगी तथा संभावित अनियमितताओं की समय पर पहचान कर नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित करने में सहायता मिलेगी।
उन्होंने कहा कि हितग्राहियों को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के साथ योजना में पारदर्शिता और जवाबदेही बनाए रखना प्राथमिकता है। प्रशिक्षण में चिकित्सकों को संदिग्ध प्रकरणों की पहचान, उपचार संबंधी दस्तावेजों एवं मेडिकल रिकॉर्ड की जांच, चिकित्सकीय परीक्षण तथा संभावित फ्रॉड की पहचान से जुड़े विभिन्न पहलुओं की जानकारी दी गई।
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हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश तोमर

