मप्र के स्थापना दिवस पर मंत्रियों ने प्रदेशवासियों को दी हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं

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मप्र के स्थापना दिवस पर मंत्रियों ने प्रदेशवासियों को दी हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं


भोपाल, 31 अक्टूबर (हि.स.)। मध्य प्रदेश का 71वां स्थापना दिवस रविवार, एक नवंबर को धूमधाम से मनाया जाएगा। इस अवसर पर राज्य के मंत्रियों ने प्रदेशवासियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं।

प्रदेश के नगरीय विकास एवं आवास तथा संसदीय कार्य मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने शनिवार को अपने शुभकामना संदेश में कहा कि आधुनिक, स्वच्छ और सुनियोजित शहर ही विकसित प्रदेश की पहचान और विकास के प्रमुख इंजन हैं। राज्य सरकार शहरों में सुदृढ़ बुनियादी ढांचे के विस्तार, प्रत्येक नागरिक को गरिमापूर्ण आवास उपलब्ध कराने और नगरीय सेवाओं को सुगम व पारदर्शी बनाने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। लोकतांत्रिक मूल्यों और जनसहभागिता के माध्यम से प्रदेश के नगरों को स्मार्ट, स्वच्छ और आत्मनिर्भर बनाना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है।

मंत्री विजयवर्गीय ने सभी नागरिकों से स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण और नगरों के सर्वांगीण विकास में सक्रिय भागीदारी निभाते हुए एक सशक्त, आधुनिक और समृद्ध मध्य प्रदेश के निर्माण में अपना अमूल्य योगदान देने का आह्वान किया है।

वहीं, राजस्व मंत्री करण सिंह वर्मा ने कहा कि सुशासन, पारदर्शिता और जनकल्याणकारी राजस्व प्रशासन ही एक सशक्त राज्य की नींव हैं। राजस्व विभाग आधुनिक तकनीक और डिजिटलीकरण के माध्यम से सेवाओं को सरल, पारदर्शी और त्वरित बनाकर नागरिकों की समस्याओं के स्थायी समाधान के लिए प्रतिबद्धता से कार्य कर रहा है। भू-अभिलेखों का सरलीकरण और लोक सेवाओं का सुगम प्रदाय राज्य के विकास को नई गति दे रहा है। मंत्री वर्मा ने सभी नागरिकों से सुशासन और न्यायपूर्ण व्यवस्था को मजबूती प्रदान करते हुए एक आत्मनिर्भर, समृद्ध और विकसित मध्यप्रदेश के निर्माण में सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया है।।

पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण तथा विमुक्त, घुमक्कड़ एवं अर्द्धघुमक्कड़ जनजाति कल्याण विभाग राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कृष्णा गौर ने कहा कि सर्वसमावेशी विकास और वंचित वर्गों का सर्वांगीण उत्थान ही एक सशक्त राज्य की वास्तविक पहचान है। राज्य सरकार पिछड़ा वर्ग, अल्पसंख्यक समुदाय और विमुक्त, घुमक्कड़ व अर्द्धघुमक्कड़ जनजातियों के शैक्षणिक उन्नयन, कौशल विकास, स्वरोजगार और सामाजिक सुरक्षा को सुनिश्चित करने के लिए पूर्ण प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है, ताकि समाज का प्रत्येक वर्ग विकास की मुख्यधारा में बराबरी से भागीदार बन सके।

राज्य मंत्री कृष्णा गौर ने सभी नागरिकों से सामाजिक समरसता, सौहार्द और परस्पर सहयोग को बढ़ावा देते हुए एक आत्मनिर्भर, सशक्त और विकसित मध्यप्रदेश के निर्माण में सक्रिय योगदान देने का आह्वान किया है।

राज्य मंत्री दिलीप अहिरवार ने कहा कि हमारे वन ही हमारी संस्कृति और भविष्य हैं। हम सब मिलकर वनों के संरक्षण और संवर्धन का संकल्प लें। राज्य मंत्री श्री अहिरवार ने कहा कि मध्यप्रदेश टाइगर स्टेट ही नहीं, लेपर्ड स्टेट, घड़ियाल स्टेट और अब चीता स्टेट भी है। मध्य प्रदेश में 9 टाइगर रिजर्व और अपार जैव विविधता वन विभाग के अथक परिश्रम का परिणाम है। वन है तो हम हैं, वन है तो जीवन है, मध्य प्रदेश के हरे-भरे भविष्य के लिये हम सब मिलकर पौधे लगाएं और पर्यावरण बचाने का संकल्प लें।

राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दिलीप जायसवाल ने स्थापना दिवस पर प्रदेश के सभी शिल्पकारों, बुनकरों, कारिगरों और ग्रामोद्योग से जुड़े उद्यमियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य मध्य प्रदेश की पारंपरिक कलाएं चंदेरी, महेश्वरी, बाग प्रिंट, गोंड पेंटिंग और माटी शिल्प जैस कलाएं देश-दुनिया तक पहुंची और हमारे ग्रामीण युवाओं को रोजगार के अवसर प्राप्त हो। राज्य सरकार लोकल को वोकल बनाने के लिये प्रतिबद्ध है। आइए, आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश के निर्माण में हम सब सहभागी बनें।

अनुसूचित जाति कल्याण मंत्री नागर सिंह चौहान ने कहा कि सामाजिक समरसता, समानता और समाज के अंतिम पंक्ति के व्यक्ति का समग्र विकास ही एक सशक्त राज्य की वास्तविक पहचान है। अनुसूचित जाति वर्ग के शैक्षणिक उत्थान, आर्थिक सशक्तीकरण, स्वरोजगार और सामाजिक न्याय को सुनिश्चित करने के लिए राज्य सरकार पूरी संवेदनशीलता एवं प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। मंत्री चौहान ने सभी नागरिकों से सामाजिक सद्भाव और भाईचारे को सुदृढ़ करते हुए एक समतामूलक, आत्मनिर्भर और समृद्ध मध्यप्रदेश के निर्माण में सक्रिय सहभागिता निभाने का आह्वान किया है।

संस्कृति, पर्यटन और धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) धर्मेंद्र भाव सिंह लोधी ने कहा कि समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, आध्यात्मिक चेतना और अनुपम प्राकृतिक सौंदर्य से समृद्ध मध्यप्रदेश निरंतर प्रगति और आत्मनिर्भरता के मार्ग पर अग्रसर है। प्रदेश की ऐतिहासिक व धार्मिक धरोहरों का संरक्षण और पर्यटन का सर्वांगीण विकास सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। राज्य मंत्री लोधी ने सभी नागरिकों से प्रदेश की गौरवशाली परंपराओं को संजोते हुए सशक्त, समृद्ध और स्वर्णिम मध्य प्रदेश के निर्माण में सक्रिय योगदान देने का आह्वान किया है।

पंचायत एवं ग्रामीण विकास और श्रम मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल ने कहा कि सशक्त गांव और कर्मठ श्रमिक वर्ग ही मध्यप्रदेश की वास्तविक शक्ति और विकास की धुरी हैं। राज्य सरकार ग्रामीण अंचलों के समग्र विकास, बुनियादी सुविधाओं के विस्तार और श्रमिक वर्ग के कल्याण व सम्मान को सुनिश्चित करने के लिए पूरी प्रतिबद्धता से कार्य कर रही है। आत्मनिर्भर गांव ही विकसित प्रदेश के आधार स्तंभ हैं। मंत्री पटेल ने सभी नागरिकों से ग्रामीण सशक्तीकरण और श्रम के सम्मान को प्राथमिकता देते हुए एक समृद्ध, स्वावलंबी और सशक्त मध्यप्रदेश के निर्माण में अपना सक्रिय योगदान देने का आह्वान किया है।

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हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश तोमर

Livevns.news Desk
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