मप्र जनजातीय संग्रहालय में पांच दिवसीय महुआ महोत्सव 06 जून से

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मप्र जनजातीय संग्रहालय में पांच दिवसीय महुआ महोत्सव 06 जून से


- महोत्सव में सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के साथ शिल्प-व्यंजन मेला और कठपुतली प्रदर्शन एवं प्रशिक्षण भी

भोपाल, 02 जून (हि.स.)। मध्य प्रदेश शासन की राजधानी भोपाल में जनजातीय जीवन, देशज ज्ञान परम्परा और सौन्दर्यबोध एकाग्र मप्र जनजातीय संग्रहालय की स्थापना के तेरहवें वर्षगाँठ समारोह के अवसर पर आगामी 06 जून से पांच दिवसीय ’महुआ महोत्सव’ आयोजित किया जा रहा है।

मप्र जनजातीय संग्रहालय के संग्रहालय के अध्यक्ष अशोक मिश्र ने मंगलवार को जानकारी देते हुए बताया कि जनजातीय लोक कला एवं बोली विकास अकादमी एवं उत्तर मध्य क्षेत्र सांस्कृतिक केन्द्र- प्रयागराज के संयुक्त तत्त्वाधान में एवं दक्षिण मध्य क्षेत्र सांस्कृतिक केन्द्र- नागपुर के सहयोग आगामी 06 से 10 जून तक जनजातीय संग्रहालय, श्यामला हिल्स, भोपाल में इस महोत्सव का आयोजन किया जा रहा। महोत्सव का शुभारम्भ 6 जून को सायं 6.30 बजे होगा। इस अवसर पर संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री धर्मेन्द्र सिंह लोधी की गरिमामय उपस्थिति रहेगी।

उन्होंने बताया कि महोत्सव के शुभारंभ दिवस पर सायं 6.30 बजे से राजा लोहगुण्डी गोण्डवानी आख्यान आधारित नृत्य-नाट्य और कोरकू जनजतीय गदली नृत्य की प्रस्तुति होगी। महोत्सव में दोपहर 02 बजे से धरोहर अंतर्गत पारंपरिक शिल्पियों को आमंत्रित किया गया है, जिसमें बांस, धातु, कपड़ा, खराद, मिट्टी एवं अन्य शिल्प शामिल हैं। स्वाद अंतर्गत देशज व्यंजन में मध्यप्रदेश, उड़ीसा, त्रिपुरा, असम के व्यंजन, उल्लास अंतर्गत बच्चों के लिए कठपुतली प्रदर्शन एवं प्रशिक्षण का भी संयोजन किया गया है।

संग्रहालय अध्यक्ष ने बताया कि महोत्सव में 7 जून 2026 को अश्विन यादव एवं साथी, खरगोन द्वारा निमाड़ी गायन, लायक राम एवं साथी, उत्तराखंड द्वारा तांदी नृत्य, गजाधर एवं साथी द्वारा सोनभद्र (उ.प्र) करमा नृत्य, अशोक गुड्डू एवं साथी, हरियाणा द्वारा पनिहारी नृत्य एवं चन्द्रमाधव बारिक-भोपाल के पुनर्संयोजन: में महाबली छत्रसाल बुन्देल केसरी के जीवन और अवदान आधारित नृत्य-नाट्य की प्रस्तुति होगी।

महोत्सव के तीसरे दिन 8 जून 2026 को शीला त्रिपाठी एवं साथी, भोपाल द्वारा बघेली गायन, रोसन देबबर्मा एवं साथी, त्रिपुरा द्वारा मोसाकसुरमनि नृत्य, लायक राम एवं साथी, उत्तराखंड द्वारा हारुल नृत्य, गजाधर एवं साथी, सोनभद्र (उप्र) द्वारा डोमकच नृत्य अशोक गुड्डू एवं साथी, हरियाणा द्वारा घूमर नृत्य एवं संगीता शर्मा एवं साथी, नई दिल्ली द्वारा शिप्रा नृत्य-नाटिका की प्रस्तुति पहली बार होगी।

09 जून, 2026 को सम्प्रिया पूजा एवं साथी- दुर्ग (छत्तीसगढ़) द्वारा पण्डवानी गायन, रोसेन देबबर्मा एवं साथी, त्रिपुरा द्वारा होजागिरि नृत्य, नन्दाकुमार क्षेत्रीय एवं साथी-सिक्किम द्वारा सिंग्गीछाम नृत्य, जुलियट लालियंटलुआंगी एवं साथी-मिजोरम द्वारा चेराव बैम्बू नृत्य, निरंजन साहू एवं साथी-उड़ीसा द्वारा रणपा नृत्य, डूगरचंद एवं साथी, राजस्थान द्वारा आंगी नृत्य, बृजभान मरावी एवं साथी, (उ.प्र) द्वारा झूमर नृत्य, मुरारी लाल भार्वे एवं साथी, डिंडोरी (म.प्र) द्वारा गुदुमबाजा नृत्य, उदय कुमार एवं साथी, तेलंगाना द्वारा माथुरी नृत्य, एम महादेव मुरथी एवं साथी, कर्नाटक द्वारा कमसाले नृत्य, जे अरविंद एवं साथी, आंध्रप्रदेश द्वारा तपेटगुल्लू नृत्य की प्रस्तुति दी जायेगी।

वहीं महोत्सव के समापन दिवस 10 जून, 2026 को वंदना मिश्रा एवं साथी, प्रयागराज द्वारा अवधी गायन, नन्दाकुमार क्षेत्रीय एवं साथी-सिक्किम द्वारा सिंग्गीछाम नृत्य, जुलियट लालियंटलुआंगी एवं साथी-मिजोरम द्वारा चेराव बैम्बू नृत्य, निरंजन साहू एवं साथी-उड़ीसा द्वारा रणपा नृत्य, डूगरचंद एवं साथी, राजस्थान द्वारा गैर नृत्य, बृजभान मरावी एवं साथी (उ.प्र) द्वारा सैला -करमा नृत्य, मुरारी लाल भार्वे एवं साथी, डिंडोरी (म.प्र) द्वारा गुदुमबाजा नृत्य, उदय कुमार एवं साथी, तेलंगाना द्वारा माथुरी नृत्य, एम महादेव मुरथी एवं साथी, कर्नाटक द्वारा कमसाले नृत्य, जे अरविंद एवं साथी, आंध्रप्रदेश द्वारा तपेटगुल्लू नृत्य की प्रस्तुति दी जायेगी।

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हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश तोमर

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