मप्र में पहली बार हुई ई-रिवर्स ऑक्शन, प्रारंभिक न्यूनतम दर की तुलना में प्राप्त हुई 35 प्रतिशत कम दर

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मप्र में पहली बार हुई ई-रिवर्स ऑक्शन, प्रारंभिक न्यूनतम दर की तुलना में प्राप्त हुई 35 प्रतिशत कम दर


- सोलर पार्कों की आंतरिक विद्युत निकासी प्रणाली के संचालन एवं संधारण के लिए हुई ऑक्शन

भोपाल, 13 मई (हि.स.)। मध्य प्रदेश के नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री राकेश शुक्ला ने बताया कि बुधवार को प्रदेश में पहली बार सौर ऊर्जा के क्षेत्र में ई-रिवर्स ऑक्शन हुई है। उन्होंने बताया कि ऑक्शन में प्रारंभिक न्यूनतम दर (वर्तमान प्रक्रिया) की तुलना में लगभग 35 प्रतिशत कम दर प्राप्त हुई है।

मंत्री शुक्ला ने बताया कि रीवा अल्ट्रा मेगा सोलर लिमिटेड (आरयूएमएसएल) द्वारा राज्य के विभिन्न सोलर पार्कों की आंतरिक विद्युत निकासी प्रणाली (उपकेन्द्र एवं उनसे संबंधित ट्रांसमिशन लाइनों) के संचालन एवं संधारण कार्य के लिये प्रदेश में पहली बार सफलतापूर्वक ई-रिवर्स ऑक्शन हुई।

उन्होंने बताया कि यह कार्य आरयूएमएसएल द्वारा विकसित सोलर पार्कों के 33/220 केवी पूलिंग सब-स्टेशनों, संबद्ध 220 केवी ट्रांसमिशन लाइनों, सुरक्षा व्यवस्था, रख-रखाव तथा संपूर्ण आंतरिक विद्युत निकासी अवसंरचना के संचालन एवं संधारण से संबंधित है। इस परियोजना के अंतर्गत लगभग 1930 एमवीए क्षमता के पूलिंग सब-स्टेशनों तथा लगभग 171 किलोमीटर लंबी 220 केवी ट्रांसमिशन लाइनों का संचालन एवं रख-रखाव किया जाएगा।

मंत्री शुक्ला ने बताया कि तकनीकी मूल्यांकन के बाद वित्तीय बोली में प्राप्त प्रारंभिक न्यूनतम दर (बेस्ट कोट/एल-1 रेट) रुपये 1,34,93,280.97 थी। इसके आधार पर ई-रिवर्स ऑक्शन हुई, जो लगभग 3 घंटे तक चली। प्रतिस्पर्धात्मक बोली प्रक्रिया के परिणामस्वरूप अंतिम दर घटकर रुपये 88,43,280.97 प्राप्त हुई, जो प्रारंभिक एल-1 दर की तुलना में लगभग 35 प्रतिशत कम है।

मंत्री शुक्ला ने बताया कि आरयूएमएसएल द्वारा अपनाई गई यह पारदर्शी एवं प्रतिस्पर्धात्मक निविदा प्रक्रिया सार्वजनिक संसाधनों के प्रभावी उपयोग तथा लागत में उल्लेखनीय बचत सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इससे संचालन एवं संधारण कार्यों में दक्षता एवं विश्वसनीयता सुनिश्चित होगी। साथ ही प्रदेश की अक्षय ऊर्जा अवसंरचना को भी और अधिक सुदृढ़ बनाया जा सकेगा।

नवीकरणीय ऊर्जा विभाग के अपर मुख्य सचिव मनु श्रीवास्तव ने बताया कि आरयूएमएसएल द्वारा रीवा, आगर, शाजापुर, नीमच एवं ओंकारेश्वर जैसी सोलर पार्क परियोजनाएँ पूर्व में विकसित की गई हैं। इन परियोजनाओं ने राष्ट्रीय स्तर पर अपनी उत्कृष्ट योजना, पारदर्शी निविदा प्रक्रिया तथा प्रतिस्पर्धात्मक दरों पर सौर ऊर्जा उपलब्ध कराने के लिए विशेष पहचान बनाई है। रीवा अल्ट्रा मेगा सोलर परियोजना को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी सराहा गया है तथा इसे देश में अक्षय ऊर्जा क्षेत्र की एक मॉडल परियोजना माना जाता है। आरयूएमएसएल लगातार नवीन एवं प्रतिस्पर्धात्मक प्रक्रियाओं के माध्यम से मध्य प्रदेश को हरित ऊर्जा के क्षेत्र में अग्रणी बनाने के लिये कार्य कर रहा है।

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हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश तोमर

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