विदिशा के गंजबासौदा में पटाखा-बाजार में लगी आग, 7 दुकानें जलीं, तीन गाड़ियां भी राख
विदिशा, 05 नवंबर (हि.स.)। मध्य प्रदेश के विदिशा जिले के गंजबासौदा में श्रीरामलीला मेला मैदान में गुरुवार शाम पटाखा बाजार में आग लगने से भारी नुकसान हो गया। एक दुकान से शुरू हुई आग ने देखते ही देखते आसपास की छह अन्य दुकानों को भी चपेट में ले लिया।
पटाखों में लगातार विस्फोट होने से बाजार में भगदड़ मच गई। इस दौरान तीन वाहन भी जलकर राख हो गए। आग और अफरा-तफरी के बीच भीड़ एक दुकानदार की दुकान का पूरा सामान उठाकर ले गई। घटना में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है।
घटना शाम करीब छह बजे की है। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, एक दुकान से अचानक चिंगारियां निकलने लगीं। कुछ ही देर में पटाखे फूटने लगे और रॉकेट इधर-उधर उड़ने लगे। आग तेजी से आसपास की दुकानों तक पहुंच गई। जान बचाने के लिए दुकानदार अपना सामान छोड़कर सुरक्षित स्थानों की ओर भागे। इसी अफरा-तफरी का फायदा उठाकर भीड़ ने एक दुकान का पूरा माल लूट लिया।
दुकानदारों ने दमकल के देर से पहुंचने पर नाराजगी जताई। उनका आरोप है कि पटाखा बाजार में आग बुझाने के लिए पहले से दमकल की व्यवस्था होनी चाहिए थी, लेकिन हादसे के वक्त कोई दमकल वाहन मौजूद नहीं था। दुकानदार कुलदीप पंथी के अनुसार, आग लगने के करीब 20 से 25 मिनट बाद दमकल पहुंची। तब तक कई दुकानें आग की चपेट में आ चुकी थीं। सूचना मिलने पर दो दमकल वाहनों ने मौके पर पहुंचकर आग बुझाने का प्रयास किया।
दुकानदार राकेश प्रजापति ने बताया कि आग में उनका पूरा सामान जल गया। उन्होंने करीब डेढ़ लाख रुपये के नुकसान की बात कही। दुकानदारों के मुताबिक, प्रत्येक दुकान में लगभग एक से दो लाख रुपये तक के पटाखे रखे हुए थे। इस आधार पर कुल नुकसान 8 से 10 लाख रुपये के बीच होने का अनुमान है।
प्रारंभिक जानकारी में आग लगने की वजह बिजली के तारों में शॉर्ट सर्किट मानी जा रही है। बाजार में बिजली कंपनी की सीधी सप्लाई नहीं थी। दुकानों तक बिजली पहुंचाने के लिए जनरेटर लगाया गया था और केबल के माध्यम से कनेक्शन दिए गए थे। आशंका है कि इसी केबल में शॉर्ट सर्किट होने से एक दुकान में आग भड़की। हालांकि, आग लगने के वास्तविक कारण की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
नगर पालिका ने मेला मैदान में लॉटरी के माध्यम से 257 दुकानदारों को स्थान आवंटित किया था। गुरुवार तक इनमें से करीब 150 दुकानदारों ने ही अपनी दुकानें लगाई थीं। शेष दुकानदारों को धनतेरस यानी शुक्रवार को दुकानें शुरू करनी थीं।
स्थानीय लोगों का मानना है कि दुकानों के बीच खाली जगह होने से आग का फैलाव सीमित रहा। यदि सभी दुकानें लग चुकी होतीं तो नुकसान और बड़ा हो सकता था। लोगों ने यह भी बताया कि बाजार की दुकानों पर अग्निशमन यंत्र उपलब्ध नहीं थे। उनका कहना है कि शुरुआती दुकान में आग लगते ही अग्निशमन उपकरणों से प्रयास किया जाता तो स्थिति को बिगड़ने से रोका जा सकता था।
कलेक्टर अंशुल गुप्ता के मुताबिक, पटाखा बाजार पूरी तरह शुरू भी नहीं हुआ था। दमकल की मदद से आग पर काबू पा लिया गया और व्यापारियों सहित अन्य लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। घटना में कोई जनहानि नहीं हुई है। प्रभावित दुकानदारों के नुकसान का आकलन कराया जाएगा और नियमानुसार मुआवजे की कार्रवाई की जाएगी।
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हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश तोमर

