मप्रः धार के खलघाट टोल पर किसानों का आंदोलन स्थगित, 15 घंटे चला प्रदर्शन
धार, 01 दिसम्बर (हि.स.)। मध्य प्रदेश के धार जिले में आगरा-मुंबई नेशनल हाइवे पर खलघाट टोल नाके पर राष्ट्रीय किसान मजदूर महासंघ के बैनर तले मालवा-निमाड़ क्षेत्र में किसानों और मजदूरों की समस्याओं को लेकर शुरू हुआ बड़ा आंदोलन स्थगित हो गया है। सोमवार सुबह से देर शाम तक करीब 15 घंटे किसानों ने यहां जोरदार प्रदर्शन किया और देर शाम धार कलेक्टर के आश्वासन के बाद किसान संघ ने आंदोलन स्थगित करने की घोषणा की।
हो रहा है। यहां चार जिलों - खरगोन, धार, बड़वानी, खंडवा के हजारों किसान साेमवार सुबह से ही प्रदर्शन कर रहे हैं। किसानों ने खलघाट में नेशनल हाईवे-52 पर चक्काजाम कर दिया है। कुछ किसान सड़क के बीचोंबीच पेड़ रखकर उस पर बैठ गए हैं। मौके पर पुलिस अधिकारियों समेत 400 का बल तैनात है।
मध्य प्रदेश के धार जिले के धामनोद स्थित खलघाट टोल पर मंगलवार सुबह 5 बजे राष्ट्रीय मजदूर किसान महासंघ के नेतृत्व में किसानों ने चक्काजाम कर धरना प्रदर्शन शुरू किया था। इसमें चार जिलों - खरगोन, धार, बड़वानी, खंडवा के हजारों किसान शामिल हुए। खलघाट में नेशनल हाईवे-52 पर चक्काजाम कर किसान सड़क के बीचोंबीच पेड़ रखकर उस पर बैठ गए थे। इस दौरान मौके पर पुलिस अधिकारियों समेत 400 का बल तैनात रहा। यह आंदोलन दिनभर चला। रात करीब 8 बजे धार कलेक्टर प्रियंक मिश्रा, धार एसपी मयंक अवस्थी और खरगोन एसपी मौके पर किसानों से चर्चा करने पहुंचे। किसान संघ के पदाधिकारियों ने अपनी मांगें प्रशासन के सामने रखीं और विधिवत ज्ञापन का वाचन किया।
ज्ञापन सुनने के बाद कलेक्टर प्रियंक मिश्रा ने किसानों को आश्वस्त किया कि उनकी सभी मांगें मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री तक पहुंचाई जाएंगी। इसके साथ ही केंद्रीय राज्य मंत्री व क्षेत्रीय जनप्रतिनिधि सावित्री ठाकुर के नेतृत्व में किसानों का एक प्रतिनिधिमंडल दिल्ली जाकर सरकार के सामने अपनी बात रखेगा। इस आश्वासन के बाद किसान संघ ने धरना-प्रदर्शन स्थगित करने की घोषणा कर दी।
धरना प्रदर्शन के चलते पूरे दिन नेशनल हाईवे-52 पर यातायात प्रभावित रहा। धार, बड़वानी, खरगोन और खंडवा जिलों से बड़ी संख्या में किसान मौके पर पहुंचे थे। स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन ने पूरे धार जिले में बीएनएसएस की धारा 163 लागू की थी और भारी पुलिस बल तैनात किया गया था। किसान न्यूनतम समर्थन मूल्य की गारंटी, कर्जमाफी और अन्य लंबित मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे थे। किसानों का कहना था कि पिछले कई महीनों से आवेदन देने के बावजूद उनकी समस्याओं पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
धार कलेक्टर प्रियंक मिश्रा ने बताया कि किसानों का ज्ञापन शासन स्तर तक अग्रेषित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधियों के माध्यम से दिल्ली में भी किसानों की बात रखी जाएगी और शेष मांगों पर नियमानुसार विचार किया जाएगा। फिलहाल आंदोलन स्थगित होने के बाद हाईवे पर यातायात सामान्य कर दिया गया है।
हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश तोमर

