ईडी ने एसबीआई के पूर्व एजीएम की तीन करोड़ की संपत्ति की अटैच

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ईडी ने एसबीआई के पूर्व एजीएम की तीन करोड़ की संपत्ति की अटैच


- आय से 481 फीसदी अधिक संपत्ति का खुलासा

भोपाल, 11 जून (हि.स.)। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने मध्य प्रदेश में बड़ी कार्रवाई करते हुए भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) के एलएचओ में पदस्थ रहे पूर्व सहायक महाप्रबंधक (एजीएम) अनिल कुमार जैन की लगभग 3.01 करोड़ रुपये मूल्य की चल संपत्तियों को अस्थायी रूप से अटैच किया है। यह कार्रवाई पीएमएलए 2002 के अंतर्गत की गई है।

इडी ने गुरुवार को एक बयान में कहा कि एसबीआई अधिकारी जैन ने शैल कम्पनी के माध्यम से राशि हेरफेर करने का काम किया था। जांच में पाया गया कि वैध आय से 481 प्रतिशत अधिक आमदनी है। ईडी ने शैल कम्पनी के एक फर्जी डायरेक्टर का भी खुलासा किया है।

ईडी ने जांच की शुरुआत केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) की एंटी करप्शन ब्रांच, भोपाल द्वारा दर्ज एफआईआर के आधार पर की थी। मामला आय के ज्ञात स्रोतों से अधिक संपत्ति अर्जित करने से जुड़ा है। जांच में सामने आया कि 1 अप्रैल 2017 से 31 दिसंबर 2018 के बीच अनिल कुमार जैन ने लगभग 3.01 करोड़ रुपये की संपत्ति अर्जित की, जो उनकी वैध आय से करीब 481 प्रतिशत अधिक थी।

ईडी के अनुसार, यह संपत्ति उनकी ज्ञात आय के स्रोतों के मुकाबले अत्यधिक पाई गई। जांच के दौरान यह भी पता चला कि अनिल कुमार जैन ने अपने और परिवार के सदस्यों के बैंक खातों में करीब 2.35 करोड़ रुपये नकद जमा कराए। उन्होंने इन जमा राशियों को अचल संपत्तियों की बिक्री से प्राप्त धन बताया, लेकिन इसके समर्थन में कोई साक्ष्य प्रस्तुत नहीं कर सके। बाद में इन रकमों को फिक्स्ड डिपॉजिट (एफडीआर) में परिवर्तित कर दिया गया। इसके अलावा करीब 66 लाख रुपये की एफडीआर भी अनुपातहीन संपत्ति के रूप में पाई गई।

हवाला ऑपरेटर और सीए की मदद से आय वैध कराने की कोशिश

ईडी की जांच में यह भी सामने आया कि अनिल कुमार जैन ने कथित रूप से हवाला ऑपरेटरों और एक चार्टर्ड अकाउंटेंट की मदद से अवैध आय को वैध दिखाने का प्रयास किया। इसके लिए उन्होंने एक कथित शैल कंपनी एक्सीलेंट इन्फ्राबिल्ड प्राइवेट लिमिटेड के माध्यम से अचल संपत्तियों की बिक्री का दावा किया।

जांच एजेंसी के अनुसार, कंपनी की कोई वास्तविक व्यावसायिक गतिविधि नहीं थी और उसके निदेशकों में शामिल अखिलेश चौधरी कथित तौर पर डमी डायरेक्टर के रूप में कार्य कर रहे थे। ईडी ने बताया कि अटैच की गई 3.01 करोड़ रुपये की फिक्स्ड डिपॉजिट राशि अपराध से अर्जित आय है। संपत्तियों को जब्ती और कुर्की की आगामी कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए अटैच किया गया है।

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हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश तोमर

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