मप्र: “छात्रों की गूंज” अभियान के तहत शिक्षा व्यवस्था में सुधार और जवाबदेही की मांग

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मप्र: “छात्रों की गूंज” अभियान के तहत शिक्षा व्यवस्था में सुधार और जवाबदेही की मांग


भोपाल, 25 जून (हि.स.)। शिक्षा व्यवस्था से जुड़े विभिन्न मुद्दों, प्रतियोगी परीक्षाओं में सामने आई अनियमितताओं तथा छात्रों की समस्याओं को लेकर भोपाल में “छात्रों की गूंज” अभियान के अंतर्गत राजधानी भाेपाल मे एक प्रेस वार्ता आयोजित की गई। कार्यक्रम में लोकसभा सांसद इमरान मसूद, मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष जीतू पटवारी और एनएसयूआई के राष्ट्रीय समन्वयक अंशुल त्रिवेदी ने शिक्षा व्यवस्था में सुधार और जवाबदेही सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर जोर दिया।

इस अवसर पर जिला कांग्रेस शहर अध्यक्ष प्रवीण सक्सेना, एनएसयूआई प्रदेश प्रभारी रवि दांगी, प्रदेश अध्यक्ष आशुतोष चौकसे, पूर्व प्रदेश प्रवक्ता राहुल राज सहित कांग्रेस एवं एनएसयूआई के कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित रहे। प्रेस वार्ता के दौरान छात्रों ने अपने अनुभव साझा करते हुए शिक्षा प्रणाली से जुड़ी चुनौतियों और समस्याओं को सामने रखा। पन्ना जिले के छात्र लक्ष्य मिश्रा, जिन्होंने कक्षा 10वीं में 95.8 प्रतिशत अंक प्राप्त किए, ने बताया कि हिंदी विषय की उत्तरपुस्तिका के पुनर्मूल्यांकन के दौरान मूल्यांकन संबंधी त्रुटियां सामने आईं। उनका कहना था कि पर्याप्त प्रयासों के बावजूद उन्हें अपेक्षित समाधान नहीं मिल सका, जिससे उन्हें मानसिक तनाव का सामना करना पड़ा। इसी प्रकार खंडवा की नीट अभ्यर्थी खुशी ने प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़े तनाव और परीक्षा प्रक्रिया को लेकर छात्रों में बढ़ती चिंता का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि लंबे समय तक कठिन तैयारी के बाद भी परीक्षा संबंधी विवादों का प्रभाव छात्रों के आत्मविश्वास और मानसिक स्वास्थ्य पर पड़ता है।

लोकसभा सांसद इमरान मसूद ने कहा कि शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और विश्वसनीयता बनाए रखना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने प्रतियोगी परीक्षाओं की प्रक्रिया को अधिक जवाबदेह और सुरक्षित बनाने के लिए स्वतंत्र ऑडिट तथा प्रभावी निगरानी तंत्र विकसित करने की आवश्यकता बताई। उन्होंने छात्रों की चिंताओं को गंभीरता से लेने पर बल दिया। मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कहा कि परीक्षा एवं भर्ती प्रक्रियाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करना समय की आवश्यकता है। उन्होंने गुणवत्तापूर्ण शिक्षा तक सभी वर्गों की समान पहुंच सुनिश्चित करने तथा शिक्षा क्षेत्र में व्यापक सुधारों पर राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा की आवश्यकता जताई।

प्रेस वार्ता के दौरान कांग्रेस और एनएसयूआई नेताओं ने शिक्षा संबंधी मुद्दों को लेकर आगामी कार्यक्रमों की जानकारी भी दी। बताया गया कि अगले 40 दिनों तक प्रदेश के 28 शहरों में जनसंपर्क और जागरूकता अभियान चलाया जाएगा, जिसके माध्यम से छात्रों की समस्याओं और सुझावों को एकत्रित किया जाएगा। इसके साथ ही परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और जवाबदेही की मांग को लेकर इंदौर से भोपाल तक एक साइकिल यात्रा आयोजित करने की घोषणा की गई, जिसमें बड़ी संख्या में युवाओं के शामिल होने की संभावना है।

नेताओं ने बताया कि 9 अगस्त, अगस्त क्रांति दिवस के अवसर पर देशभर के छात्र और युवा दिल्ली में एकत्रित होकर शिक्षा सुधारों से संबंधित एक “स्टूडेंट चार्टर” प्रस्तुत करेंगे। अभियान का केंद्र बिंदु शिक्षा व्यवस्था में जवाबदेही, वहनीयता और समान अवसर को बढ़ावा देना होगा। प्रेस वार्ता में वक्ताओं ने कहा कि शिक्षा का विषय केवल राजनीतिक विमर्श का मुद्दा नहीं, बल्कि करोड़ों छात्रों और उनके भविष्य से जुड़ा राष्ट्रीय महत्व का विषय है। उन्होंने परीक्षा प्रक्रियाओं में पारदर्शिता, समयबद्ध कार्रवाई और छात्रों के हितों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर बल दिया। “शिक्षा बचाओ, भविष्य बचाओ” के संदेश के साथ चलाया जा रहा यह अभियान शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों पर जनजागरूकता बढ़ाने तथा सुधार संबंधी सुझावों को व्यापक स्तर पर सामने लाने का प्रयास करेगा।

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हिन्दुस्थान समाचार / नेहा पांडे

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