प्रतिदिन हो पेयजलों की टेस्टिंग, सीएम हेल्पलाइन की शिकायतों का करें तत्काल निराकरणः संभागायुक्त

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प्रतिदिन हो पेयजलों की टेस्टिंग, सीएम हेल्पलाइन की शिकायतों का करें तत्काल निराकरणः संभागायुक्त


- वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से संभागायुक्त ने ग्रामीण एवं नगरीय क्षेत्रों की पेयजल समीक्षा की

भोपाल, 08 जनवरी (हि.स.)। मध्य प्रदेश के भोपाल संभाग के आयुक्त संजीव सिंह ने गुरूवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी जिले के पेयजल आपूर्ति की समीक्षा की। उन्होंने सभी जिलों की सीईओ, मुख्य नगर पालिका अधिकारी एवं संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिये कि पेयजल की टेस्टिंग प्रतिदिन होनी चाहिए, इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं होनी चाहिए। पानी के संबंध में सीएम हेल्पलाइन की शिकायतों का तत्काल निराकरण हो।

संभागायुक्त सिंह ने राजगढ़, सीहोर, विदिशा एवं रायसेन जिलों के अधिकारियों को निर्देश दिये कि स्वच्छ पेयजल आपूर्ति के संबंध में पेयजल गुणवत्ता परीक्षण, पुरानी लाईनों के सर्वेक्षण करें। यदि उन्हें बदलने या दुरूस्त करने की गुंजाईश है तो तुरंत किया जाना होगा। उन्होंने कहा कि सभी अपने जिले के अंतर्गत आने वाले जल शोधन संयंत्रों की टेस्टिंग नगरीय निकाय के साथ मिलकर की जानी चाहिए, इसकी मॉनीटरिंग भी करें।

संभागायुक्त सिंह ने पीएचई विभाग द्वारा जिलों में किये जा टेस्टिंग की भी समीक्षा की। उन्होंने सभी सीईओ को निर्देश दिये कि जिला पंचायत के दौरे के दौरान पेयजल व्यवस्था अनिवार्य रूप से निरीक्षण करें। उन्होंने यह भी कहा कि पेयजल की टेस्टिंग अनिवार्य रूप से होनी चाहिए। उन्होंने हैडपंप के पेयजल की भी टेस्टिंग तुरंत की जानी चाहिए। सभी अधिकारी अपने - अपने जिलों की पानी की टंकी के साफ -सफाई का विशेष ध्यान दे। अगली समीक्षा में उन्होंने सभी अधिकारियों को निर्देश दिये कि पेयजल व्यवस्था के टेस्टिंग, आपूर्ति एवं कितने जल संग्रहण (डेम) या अन्य स्त्रोत है। उनकी अगली बैठक में पेयजल व्यवस्था की सटीक जानकारी देने के निर्देश दिये।

आयुक्त सिंह ने ग्रामीण क्षेत्रों में शुद्ध पेयजल उपलब्धता की भी समीक्षा की। उन्होंने भोपाल संभाग के अंतर्गत जल प्रदाय प्रारंभ योजनाओं की जानकारी ली। उन्होंने जल निगम के अधिकारियों से भोपाल संभाग के रायसेन, विदिशा, सीहोर एवं राजगढ़‍ जिलों में पेयजल उपलब्धता के ग्रामों की जानकारी ली। आयुक्त ने निर्देश दिये कि ग्रामों के अंतर्गत जल वितरण का संचालन एवं प्रबंधन ग्राम जल एवं स्वच्छता समितियों द्वारा किया जाना चाहिए।

हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश तोमर

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