जिला विकास सलाहकार समिति जिले के विकास के लिए अभिनव पहलः गोविंद सिंह राजपूत

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जिला विकास सलाहकार समिति जिले के विकास के लिए अभिनव पहलः गोविंद सिंह राजपूत


जिला विकास सलाहकार समिति जिले के विकास के लिए अभिनव पहलः गोविंद सिंह राजपूत


जिला विकास सलाहकार समिति जिले के विकास के लिए अभिनव पहलः गोविंद सिंह राजपूत


- प्रभारी मंत्री राजपूत की अध्यक्षता में जिला विकास सलाहकार समिति की बैठक सम्पन्न

भोपाल, 16 मई (हि.स.)। मध्य प्रदेश के खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति तथा नरसिंहपुर जिले के प्रभारी मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अभिनव पहल पर जिला विकास सलाहकार समिति का गठन किया गया है। उक्त समिति के माध्यम से जिले के विकास से संबंधित सुझाव आमंत्रित किए जाएंगे, जिससे जिले में विकास योजनाओं व कार्यों को गति दी जा सकेगी तथा समग्र विकास सुनिश्चित होगा।

मंत्री राजपूत शनिवार को नरसिंहपुर कलेक्ट्रेट में आयोजित जिला विकास सलाहकार समिति की बैठक को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने बैठक में गेहूं उपार्जन की समीक्षा करते हुए कहा कि गेहूं नरसिंहपुर जिले की प्रमुख फसल है और सभी किसानों का गेहूं समर्थन मूल्य पर खरीदा जाएगा तथा खरीदी प्रक्रिया को और अधिक सुगम बनाया जाएगा।

उन्होंने कहा कि जिले में दीर्घकालीन विकास के लिए सभी से सुझाव आमंत्रित किए जाएंगे, जिससे जिले में विकास योजनाओं का क्रियान्वयन बेहतर हो सके और विकास कार्यों को गति दी जा सके। जिले के परंपरागत कौशल को चिन्हित कर वोकल फॉर लोकल के सिद्धांत को दृष्टिगत रखते हुए जिले की समृद्धि का रोडमैप तैयार किया जाएगा तथा स्थानीय संसाधनों का अधिकतम उपयोग सुनिश्चित किया जाएगा। जिले में शासकीय योजनाओं व कार्यों को बेहतर तरीके से लागू करने के लिए दिए गए सुझाव पर विचार किए जाएंगे और स्थानीय स्तर पर प्रचलित नवाचारों को भी प्रभावी रूप से लागू किया जाएगा। जिले में उद्योग, व्यापार, जल संरचनाओं के संरक्षण, निर्यात, कृषि, खनिज, पर्यावरण आदि क्षेत्रों में जिले की विकास योजनाओं के लिए सुनियोजित एवं समन्वित रूप से कार्य किए जाएंगे।

बैठक में जिला सलाहकार समिति के सदस्यों ने कहा कि जिले में होने वाली सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिए विस्तृत कार्य योजना बनाई जाए, जिससे जिले में होने वाले सड़क दुर्घटनाओं को प्रभावी रूप से रोका जा सके। उन्होंने सड़कों के निर्माण कार्य व मरम्मत का कार्य गुणवत्तापूर्वक करने तथा जिले में ओव्हर लोर्डिंग करने वाले वाहनों पर सख्त कार्यवाही करने की मांग की। जिले के ग्रामीण क्षेत्रों के आवागमन को सुविधाजनक बनाने के लिए सभी सड़कों को बेहतर बनाया जाए और आवश्यकतानुसार पुल-पुलियों का निर्माण किया जाए। नर्मदा परिक्रमा करने वाले श्रद्धालुओं के लिए नर्मदा पथ का सुदृढ़ीकरण करने तथा सांकेतिक चिन्ह लगाने की मांग की गई, जिससे नर्मदा परिक्रमा करने वाले श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी न हो और उन्हें सुगम मार्गदर्शन मिल सके।

बैठक में जिला विकास सलाहकार समिति के सदस्यों ने जिले में चिकित्सा सुविधाओं तथा शैक्षणिक व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने की बात कही, जिससे जिले के नागरिकों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा मिले और विद्यार्थियों के शैक्षणिक स्तर में सुधार हो सके। बैठक में जिले के प्राकृतिक स्थल, धार्मिक स्थल, ऐतिहासिक एवं पुरातात्विक धरोहरों को संरक्षित करने की मांग की गई, जिससे जिले के इन प्रमुख स्थलों पर अधिक से अधिक पर्यटकों को आकर्षित किया जा सके और पर्यटन को बढ़ावा मिल सके। बैठक में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा की गई घोषणाओं पर शीघ्रता से कार्य करने की मांग की गई। आयोजित बैठक में किसानों के हित में संचालित जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ किसानों को तत्परता से दिलाने की बात कही गई। जिले में किसानों के लिए पर्याप्त मात्रा में खाद और बीज का आवंटन हो, जिससे किसानों को निर्धारित समय में खाद और बीज उपलब्ध हो सके और कृषि कार्य प्रभावित न हो।

मंत्री राजपूत ने कृषि रथों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया

प्रभारी मंत्री गोविंद सिंह राजपूत, सांसद चौधरी दर्शन सिंह, जिला पंचायत अध्यक्ष ज्योति नीलेश काकोड़िया, विधायक विश्वनाथ सिंह पटेल व महेन्द्र नागेश, रामसनेही पाठक और कलेक्टर रजनी सिंह ने शनिवार को कलेक्टर कार्यालय नरसिंहपुर परिसर से किसान कल्याण वर्ष 2026 के अंतर्गत कृषि रथों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक डॉ. ऋषिकेश मीणा, जिला पंचायत मुख्य कार्यपालन अधिकारी गजेंद्र नागेश, अन्य जनप्रतिनिधि, उपसंचालक कृषि मोरिस नाथ, परियोजना संचालक आत्मा आरपी झारिया, अनुविभागीय कृषि अधिकारी श्री अभिषेक दुबे, वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी, बीटीएम एटीएम एवं अन्य किसान मौजूद थे।

जिले के विकासखंडों में कृषि रथ 25 मई 2026 तक भ्रमण कर किसानों को शासन की विभिन्न योजनाओं और नवीन तकनीकों की जानकारी प्रदान करेगा। इस दौरान कृषि विभाग के अधिकारी, वैज्ञानिक एवं संबंधित विभागों के अधिकारी किसानों को उन्नत कृषि पद्धतियों से अवगत कराएंगे। भ्रमण के दौरान किसानों को विशेष रूप से ई-विकास प्रणाली के अंतर्गत उर्वरक वितरण, नरवाई प्रबंधन, आगामी खरीफ फसल की बोनी की तैयारी, मृदा स्वास्थ्य कार्ड, जैविक एवं प्राकृतिक खेती तथा समन्वित खेती के विषय में विस्तार से जानकारी दी जाएगी। साथ ही किसानों की आय वृद्धि के लिए अपनाए जाने वाले उपायों पर भी मार्गदर्शन प्रदान किया जाएगा। इसके अतिरिक्त किसान क्रेडिट कार्ड की सुविधा, सब्जियों एवं फसलों के क्षेत्र विस्तार, दुग्ध उत्पादन बढ़ाने, गाय-भैंस की उन्नत नस्लों के चयन एवं सुधार तथा पशुओं के टीकाकरण की आधुनिक तकनीकों की जानकारी भी किसानों को दी जाएगी।

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हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश तोमर

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