मप्र के देवगढ़ में अपनेपन के मुरीद हुए फ्रांस से आए मेहमान

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मप्र के देवगढ़ में अपनेपन के मुरीद हुए फ्रांस से आए मेहमान


मप्र के देवगढ़ में अपनेपन के मुरीद हुए फ्रांस से आए मेहमान


- होम स्टे बनने के बाद पहली बार देवगढ़ पहुंचे विदेशी मेहमान, समां की खीर खाकर बोले- वेरी टेस्टी, गिफ्ट दी गुल्लक

छिन्दवाडा, 28 मार्च (हि.स.)। मध्य प्रदेश में ग्रामीण पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए एमपी टूरिज्म बोर्ड के सहयोग से देवगढ़ में बने होम स्टे में फ्रांस से आए मेहमान अपनेपन के मरीद हो गए।

जनसम्पर्क अधिकारी नीलू सोनी ने शनिवार को जानकारी देते हुए बताया कि मप्र टूरिज्म बोर्ड ने बैक टू विलेज संस्था के साथ मिलकर देवगढ़ गाँव के होम-स्टे को अद्भुत रूप से विकसित किया है। होम-स्टे करने वाले पर्यटक यहाँ दी जा रही बेहतरीन सुविधाओं की तारीफ करते नहीं थकते। यहां पहली बार विदेशी मेहमान पहुंचे, जहां उनका भावभीना स्वागत किया गया। तीन दिन तक रूके फ्रांसीसी मेहमानों ने होमस्टे में रूककर ग्रामीण संस्कृति और कल्चर को जाना। सूदूर अंचल में बसे गांव कलकोट घूमा और भोजन के बाद समां की खीर खाकर कहा-वेरी टेस्टी।

देवगढ़ में मिले अपनेपन के मुरीद होकर गए फ्रांस के मेहमानों ने कहा कि वे अपने देश के लोगों को यहां मिली बेमिसाल खातिरदारी के बारे में जरूर बताएंगे।

पातालकोट भी देखा

मोहखेड़ ब्लॉक के ऐतिहासिक व पर्यटन ग्राम देवगढ़ में रूके फ्रांसीसी विदेशी मेहमानों ने होमस्टे में रूककर पर्यटन स्थल का आनंद उठाया। तीन दिनों के यात्रा के दौरान उन्होंने एक दिन पातलाकोट में बिताया। रातेड़ व चिमटीपुर के व्यू पांइट से उन्होंने पातालकोट देखा और रास्ते में आदिवासी ग्रामीणों से बातचीत की।

कलकोट में देखे आदिवासियों के घर

देवगढ़ भ्रमण के दौरान फ्रांसीसी मेहमानों ने सूदूर अंचल में बसे गांव कलकोट घूमा। यहां पर मवासी आदिवासियों के घरों में बनने वाले भोजन, उनके रहन-सहन व संस्कृति को समझा। विदेशी मेहमान कलकोट के घरों में देशी परिवेश में भोजन, तीज-त्यौहार और कल्चर जैसे विभिन्न गतिविधियों से रूबरू हुए। इसके आलावा देशी पोषक एवं पहनावा, आदिवासियों की श्रृंगार सामाग्री भी देखी।

मक्के की रोटी और चटनी खाई

विदेशी मेहमानों ने यहां पर परंपरागत भोजन भी किया। मक्के की रोटी, टमाटर की चटनी, समां की खीर- उन्हें बेहद पसंद आई। इन मेहमानों ने गांव में बनी गुल्लक खरीदी और होम स्टे संचालक कविता देवीसिंह धुर्वे को भेंट की। खास बात यह रही कि विदेशी मेहमानों ने होम स्टे के साथ ही ग्रामीणों के घर जाकर भी भोजन किया।

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हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश तोमर

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