मप्रः जीएसटी डिफॉल्टर्स पर विभागीय कार्रवाई से निकले सकरात्मक परिणाम

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मप्रः जीएसटी डिफॉल्टर्स पर विभागीय कार्रवाई से निकले सकरात्मक परिणाम


- कुर्की की कार्रवाई के बाद भोपाल की तीन बड़ी फर्मों ने चुकाया टैक्स

भोपाल, 04 जून (हि.स.)। मध्य प्रदेश में वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) अधिनियम अंतर्गत शासकीय राजस्व की सुरक्षा के लिए वाणिज्यिक कर विभाग ने बड़े बकायेदारों के खिलाफ त्वरित एवं सख्त कार्रवाई की है।

जनसम्पर्क अधिकारी संतोष मिश्रा ने गुरुवार को जानकारी देते हुए बताया कि विभाग द्वारा बकाया कर राशि की वसूली के लिए विभिन्न वैधानिक उपाय अपनाए जा रहे हैं। विभाग ने अब डिफॉल्टर्स की अचल संपत्तियों को कुर्क करने की कड़ी कार्रवाई शुरू कर दी है। विभाग के कड़े रुख के बाद अब सकारात्मक परिणाम आने लगे हैं, कर न चुकाने वाले व्यापारियों और फर्मों द्वारा राशि का भुगतान करना कर दिया गया है।

विभागीय वैधानिक कार्यवाहियों का असर अब धरातल पर दिखने लगा है। कानूनी कार्रवाई से बचने के लिये कई बड़े बकायेदारों ने स्वेच्छा से आगे आकर अपनी बकाया कर राशि सरकारी खजाने में जमा करानी शुरू कर दी है। इसी कड़ी में राजधानी भोपाल की 3 बड़ी फर्मों के खिलाफ जब विभाग ने शिकंजा कसा, तो उन्होंने कुल 91 लाख रुपये का टैक्स चुकाया। इसमें मेसर्स सिग्मा इंफोटेक द्वारा सबसे अधिक 44 लाख रुपये की राशि विभाग में जमा कराई गई है, जबकि मेसर्स ग्लोबल इंफ्रा प्रोजेक्ट ने 25 लाख रुपये और मेसर्स काकड़ा रोलिंग मिल्स, भोपाल ने 22 लाख रुपये का बकाया टैक्स जमा कर दिया है।

वाणिज्यिक कर विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने इस संबंध में स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा है कि शासकीय राजस्व की सुरक्षा और शत-प्रतिशत कर अनुपालन सुनिश्चित करने के लिए बकायेदारों के खिलाफ यह अभियान आगे भी निरंतर जारी रहेगा। विभाग ने सभी करदाताओं से औपचारिक अपील की है कि वे समय रहते अपने कर दायित्वों का पूरी ईमानदारी से निर्वहन करें। साथ ही सचेत किया है कि किसी भी प्रकार की अप्रिय दंडात्मक कार्रवाई, भारी जुर्माने और अपनी संपत्तियों को कुर्क होने से बचाने के लिए व्यापारी अपनी बकाया कर राशि शीघ्र से शीघ्र जमा कराएं।

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हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश तोमर

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