मप्रः श्रम संवाद में श्रमिकों के कल्याण, सामाजिक सुरक्षा और अनुपालन व्यवस्था पर हुआ मंथन

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मप्रः श्रम संवाद में श्रमिकों के कल्याण, सामाजिक सुरक्षा और अनुपालन व्यवस्था पर हुआ मंथन


- नवीन श्रम संहिताओं पर एक दिवसीय जिला स्तरीय क्षमता निर्माण एवं जागरूकता कार्यक्रम

भोपाल, 28 अक्टूबर (हि.स.)। मध्य प्रदेश में श्रमिकों के समग्र कल्याण और उद्योगों के लिए पारदर्शी व सुगम नियामक व्यवस्था स्थापित करने के उद्देश्य से भोपाल में बुधवार को 'श्रम संवाद' जिला स्तरीय क्षमता निर्माण एवं जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। श्रम सचिव रघुराज राजेंद्रन के मार्गदर्शन में अटल बिहारी वाजपेयी हिंदी विश्वविद्यालय में नवीन श्रम संहिताओं और श्रम सुधारों के प्रभावी क्रियान्वयन एवं औद्योगिक सौहार्द्र को सुदृढ़ करने पर मंथन हुआ।

केंद्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्रालय के संयुक्त सचिव गोविंद राम ने श्रम संहिताओं के दूरगामी प्रभावों को रेखांकित किया। उन्होंने तकनीकी सत्र के अंतर्गत 'श्रम संहिताओं का सिंहावलोकन' प्रस्तुत करते हुए बताया कि श्रम संहिताओं में नवीन सुधार आधुनिक कार्य-संस्कृति के अनुकूल हैं, इनसे जटिल श्रम कानूनों का सरलीकरण हुआ है। इन सुधारों से श्रमिकों के हितों के संरक्षण के साथ नियोक्ताओं के लिए कार्य सुगमता का वातावरण तैयार होगा।

उप श्रमायुक्त ने आयोजन की रूपरेखा प्रस्तुत की। उन्होंने कहा कि बदलते औद्योगिक परिवेश में नवीन श्रम संहिताओं का मूल ध्येय कार्यस्थलों पर श्रमिकों के अधिकारों, स्वास्थ्य और सुरक्षा को सुनिश्चित करते हुए प्रक्रियाओं को अधिक व्यावहारिक बनाना है।

तकनीकी सत्र के दूसरे चरण में 'नियोक्ताओं के लिए श्रम संहिताओं के तहत प्रमुख अनुपालन' विषय पर केंद्रित विमर्श हुआ। इसमें श्रम एवं रोजगार मंत्रालय के RPFC-II कृष्ण कुमार और राज्य श्रम विभाग की उप श्रमायुक्त रजनी मालवीय ने विधिक प्रावधानों, डिजिटल प्रक्रियाओं और समयबद्ध रिपोर्टिंग व्यवस्था पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने नियोक्ताओं को नियमों के सरल अनुपालन और उत्तरदायित्वों के संबंध में व्यावहारिक मार्गदर्शन प्रदान किया।

कार्यशाला में कामगारों के सामाजिक आर्थिक संबल के लिए संचालित प्रमुख योजनाओं पर भी विशेष सत्र रखे गए। ईपीएफओ भोपाल के रौशन कश्यप ने 'प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना' की कार्यप्रणाली, वित्तीय लाभों और रोजगार सृजन में भूमिका की जानकारी दी। केंद्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्रालय के अंकुर ने 'प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना' पर असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों के लिए वृद्धावस्था पेंशन और सामाजिक सुरक्षा के लाभों से अवगत कराया।

कार्यक्रम के अंतिम चरण में प्रश्नोत्तर सत्र आयोजित किया गया। इसमें विभिन्न औद्योगिक संगठनों के प्रतिनिधियों, श्रम विशेषज्ञों और प्रतिभागियों ने नवीन संहिताओं के क्रियान्वयन से संबंधित अपनी व्यावहारिक जिज्ञासाएं और प्रश्न रखे, जिनका विशेषज्ञों द्वारा समाधान किया गया।

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हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश तोमर

Livevns.news Desk
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