मप्रः नेशनल डिफेंस कॉलेज के प्रतिनिधिमंडल ने डीजीपी मकवाणा से की सौजन्य भेंट

WhatsApp Channel Join Now
मप्रः नेशनल डिफेंस कॉलेज के प्रतिनिधिमंडल ने डीजीपी मकवाणा से की सौजन्य भेंट


मप्रः नेशनल डिफेंस कॉलेज के प्रतिनिधिमंडल ने डीजीपी मकवाणा से की सौजन्य भेंट


- डीजीपी ने अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा परिदृश्य, पुलिस सुधार, साइबर अपराध, ड्रग तस्‍करीएवं नक्सलवाद उन्मूलन जैसे विषयों पर की विस्तृत चर्चा

भोपाल, 18 मार्च (हि.स.)। भारत सरकार के रक्षा मंत्रालय के अधीन संचालित नेशनल डिफेंस कॉलेज (NDC), नई दिल्ली के नेशनल सिक्योरिटी एंड स्ट्रैटेजिकस्टडीज़ कोर्स के अंतर्गत अध्ययन भ्रमण पर आए एक उच्चस्तरीय 16 सदस्‍यीय प्रतिनिधिमंडल ने बुधवार को पुलिस मुख्यालय, भोपाल में पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) कैलाश मकवाणा से भेंट कर राष्ट्रीय एवं आंतरिक सुरक्षा से जुड़े विभिन्न विषयों पर विस्तृत संवाद किया।

यह प्रतिनिधिमंडल नरोन्हा प्रशासन अकादमी में अपने अध्ययन कार्यक्रम के तहत मध्य प्रदेश के दौरे पर है। प्रतिनिधिमंडल में भारतीय सशस्त्र बलों के वरिष्ठ अधिकारी, भारतीय सिविल सेवा के अधिकारी तथा मित्र देशों के सैन्य अधिकारी शामिल हैं। प्रतिनिधिमंडल में फ्रांस, नेपाल, भूटान, संयुक्त अरब अमीरात (UAE) तथा म्यांमार से आए पांच विदेशी सैन्य अधिकारी भी शामिल हैं, जो भारत की संघीय व्यवस्था, प्रशासनिक ढाँचे और सुरक्षा तंत्र का अध्ययन करने के उद्देश्य से इस कार्यक्रम में भाग ले रहे हैं।

नेशनल डिफेंस कॉलेज, नई दिल्ली में वरिष्ठ सैन्य एवं सिविल सेवा अधिकारियों को राष्ट्रीय सुरक्षा, रणनीतिक नीति-निर्माण, कूटनीति और शासन से जुड़े विषयों पर उच्च स्तरीय प्रशिक्षण प्रदान किया जाता है। इस कोर्स की अवधि 47 सप्ताह की होती है।जिसके अंतर्गत प्रतिभागियों को देश के विभिन्न राज्यों का अध्ययन भ्रमण भी कराया जाता है, ताकि वे क्षेत्रीय प्रशासन, सामाजिक-आर्थिक परिस्थितियों और सुरक्षा संबंधी चुनौतियों को प्रत्यक्ष रूप से समझ सकें।

संवाद के दौरान पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाणा ने बदलते सुरक्षा परिदृश्य पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए कहा कि वर्तमान समय में सोशल मीडिया और इंटरनेट के व्यापक प्रसार के कारण अपराध के स्वरूप में तेजी से परिवर्तन आया है। ऐसे में पुलिसिंग को अधिक तकनीक आधारित, त्वरित और समन्वित बनाना समय की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि पुलिस, सेना और अन्य सुरक्षा एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय तथा खुफिया सूचनाओं का प्रभावी आदान-प्रदान राष्ट्रीय सुरक्षा को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

डीजीपी ने बताया कि मध्यप्रदेश पुलिस आंतरिक सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर निरंतर सक्रिय रूप से कार्य कर रही है। विशेष रूप से साइबर अपराध के बढ़ते मामलों को देखते हुए प्रदेश में व्यापक जन-जागरूकता अभियान संचालित किए गए हैं, जिनके माध्यम से नागरिकों को ऑनलाइन धोखाधड़ी और साइबर अपराधों से बचाव के उपायों की जानकारी दी जा रही है। उन्होंने बताया कि e-Zero FIR जैसी व्यवस्थाओं के माध्यम से साइबर अपराधों के मामलों में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की गई है।

संवाद के दौरान नक्सल समस्या पर भी चर्चा की गई। पुलिस महानिदेशक ने बताया कि माननीय प्रधानमंत्री एवं केंद्रीय गृहमंत्री द्वारा दिए गए निर्देशों के अनुरूप नक्सल समस्या को निर्धारित समय-सीमा से पहले समाप्त किया गया है। प्रभावी रणनीतियों के माध्यम से प्रदेश को नक्सलमुक्त बनाया गया।

बैठक में भिंड एवं मुरैना जिलों में पुलिस बल की पूर्व चुनौती, दस्‍युसमस्‍या पर भी चर्चा की गई। संवाद के दौरान पुलिस भर्ती प्रक्रिया, भविष्य की सुरक्षा आवश्यकताओं तथा आगामी सिंहस्‍थ-2028 जैसे विशाल धार्मिक आयोजनों की तैयारियों और उनसे जुड़े सुरक्षा एवं प्रबंधन संबंधी पहलुओं पर भी विस्तार से चर्चा की गई।

इस अवसर पर वर्ष 1948 बैच के प्रथम आईपीएस अधिकारी एच. एम. जोशी के 100वें जन्म शताब्दी वर्ष के संदर्भ में भी चर्चा की गई। डीजीपी ने कहा कि सीमित संसाधनों के बावजूद उस दौर के पुलिस अधिकारियों ने अत्यंत समर्पण, साहस और कर्तव्यनिष्ठा के साथ अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन किया, जो आज भी पुलिस सेवा के लिए प्रेरणास्रोत है।

पुलिस महानिदेशक ने यह भी उल्लेख किया कि मध्यप्रदेश पुलिस की एक महत्वपूर्ण विशेषता यह है कि यहाँ अधिकारी आम नागरिकों तथा अधीनस्थ कर्मचारियों के लिए सहज रूप से उपलब्ध रहते हैं। लोगों को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए अधिकारियों तक पहुँचने में अनावश्यक प्रतीक्षा नहीं करनी पड़ती, जिससे पुलिस और जनता के बीच विश्वास का वातावरण और अधिक सुदृढ़ होता है।

इस अवसर पर सेना अधिकारियों द्वारा भी विभिन्न महत्वपूर्ण मुद्दों पर अपने विचार रखे गए। उन्होंने अपराध नियंत्रण, साइबर फ्रॉड, मादक पदार्थों की तस्करी, आंतरिक सुरक्षा से जुड़ी उभरती चुनौतियों तथा बदलते सुरक्षा परिवेश के प्रभावों पर चर्चा करते हुए इनसे प्रभावी ढंग से निपटने के लिए समन्वित रणनीति और बहु-एजेंसी सहयोग की आवश्यकता पर बल दिया।

इस प्रतिनिधिमंडल में मेजर जनरल पवनपाल सिंह, कुणाल सत्यार्थी, कमोडोर सुमीत शिडोरे, ब्रिगेडियर पृथ्वी राज चौहान, ब्रिगेडियर अतुल बहुगुणा, कर्नल कर्मा लीवांग, ब्रिगेडियर अमर राजपूत, ब्रिगेडियर वाई. डी. मल्लूर, ब्रिगेडियर जसविंदर सिंह, कर्नल अली अलजाबी, स्वाति रत्ना, दिवाकर झा, कर्नल बसंता गौतम, कर्नल औंग क्याव थान, एयर कमोडोर अरविंद रामामूर्ति तथा कर्नल (एयर) इराडजराडजासोजानेमुरूगू एवं अन्‍य पुलिस अधिकारी उपस्थित रहे।

---------------

हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश तोमर

Share this story