श्योपुरः शिक्षक की मौत का खुलासा, पत्नी के प्रेमी ने दोस्त के साथ मिलकर की हत्या
श्योपुर , 01 जनवरी (हि.स.)। मध्य प्रदेश के श्योपुर जिले के कराहल थाना क्षेत्र के अन्तर्गत 27 दिसम्बर को नौनपुरा घाटी में मिली शिक्षक की लाश के बाद परिजनों द्वारा लगातार इस प्रकरण में हत्या के आरोप लगाये जा रहे थे। पुलिस ने इस सनसनीखेज हत्याकांड का खुलासा करते हुए एक महिला व दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। शिक्षक के हत्याकांड की कहानी, किसी ओर ने नहीं बल्कि उसकी पत्नी ने अपने प्रेमी के साथ मिलकर रची थी, जिसे हादसा में बदलने पूरी कोशिश की गई, लेकिन पुलिस की सघन जांच और तथ्यों के बाद आरोपीगण पुलिस की नजरों से नहीं बच सके। गुरूवार को बड़ौदा एसडीओपी प्रवीण अष्ठाना से मामले का खुलासा करते हुए इस अंधे कत्ल का पर्दाफाश किया है।
घटनाक्रम के अनुसार कराहल ट्रायबल के अन्तर्गत आने वाले प्राथमिक विद्यालय चकरामपुरा में पदस्थ शिक्षक रमाकांत पुत्र राधेश्याम पाठक (टोलू) उम्र 49 साल निवासी कराहल 26 दिसम्बर 2025 की रात करीब 9.30 बजे घर से सैसईपुरा की कहकर निकले थे, लेकिन जब रात भर घर नहीं पहुंचे तो परिजनों को चिंता हुई और उन्होंने सुबह सात बजे से शिक्षक की तलाश शुरू कर दी। तभी 27 दिसम्बर को दोपहर 11 बजे नौनपुरा घाटी के मोड से कुछ ही दूरी पर शिक्षक का शव संदिग्ध परिस्थितियों में मिला। शिक्षक की बाइक का पिछला पहिया उनकी सीने पर पर था, जबकि मोबाइल शिक्षक से करीब 40 मीटर दूर था। शिक्षक की हत्या उसकी पत्नी साधना शर्मा, प्रेमी मनीष पुत्र रामकुमार साकेत जाति जाटव उम्र 24 साल निवासी शंकरपुर कराहल, सतनाम सिंह पुत्र महेन्द्र सिह सरदार उम्र 37 साल नि. जानपुरा हाल ब्लाक कालोनी श्योपुर शामिल हैं।
परिजनों को शुरू से ही नजर आ रही थी हत्या की आशंका
पुलिस द्वारा किये गये खुलासे में बताया गया कि शिक्षक और उनकी पत्नी के बीच संबंध अच्छे नहीं थे। इस घटनाक्रम के बाद से ही परिजनों द्वारा इस प्रकरण में हत्या की आशंका व्यक्त की जा रही थी। यही कारण था कि शिक्षक की मौत के बाद परिजनों ने घटना स्थल श्योपुर-शिवपुरी हाइवे पर तत्समय ही जाम लगाकर फोरेंसिक टीम द्वारा जांच कराये जाने की मांग की थी।
इस तरह रचा हत्या का षडयंत्र
शिक्षक रमाकांत पाठक की हत्या एक सोची-समझी साजिश के तहत की गई, जिसकी योजना शिक्षक की पत्नी और उसके प्रेमी के बीच करीब डेढ माह से चल रही थी। पुलिस खुलासे में सामने आया कि शिक्षक की पत्नी के प्रेमी मनीष जाटव ने अपने दोस्त सरनाम सरदार को कार लेकर बुलाया। वे शिक्षक को किसी से मिलाने के बहाने कार में बैठाकर ले गये। तभी नौनपुरा घाटी के पास कार को टोयलेट जाने का बहाना बनाकर रोका गया। जब शिक्षक रमाकांत गाड़ी से बाहर निकले तो मनीष जाटव ने डंडे से उनके सिर पर वार कर घायल कर दिया, इसके बाद मुंह दबाकर शिक्षक की हत्या कर दी।
हत्या को हादसे में बनाने की कोशिश
शिक्षक घर से अपनी बाइक लेकर निकले थे, जिसे आरोपियों द्वारा एक पेट्रोल पंप पर रखवा दिया गया, लेकिन शिक्षक की हत्या के बाद दोनों आरोपियों ने शव को ठिकाने लगाने और इस हत्याकांड को हादसे में बदलने के लिये पुनः योजना बनाई। आरोपियों ने अपने जुर्म में कबूल करते हुए बताया कि वे पहले शिक्षक के शव को गाडी की डिग्गी में डालकर सेसईपुरा से आगे तक लेकर गये, लेकिन फिर उन्होंने नोनपुरा घाटी के मोड पर शिक्षक के शव को फैंक दिया। आरोपी मनीष जाटव शिक्षक की बाइक को पेट्रोल पंप से उठाकर लाया और इस तरह मृतक के उपर रखा गया, ताकि यह हत्या देखने वालों को हादसा नजर आये।
मामले का खुलासा करने में कराहल पुलिस की सराहनीय भूमिका
शिक्षक की हत्या के मामले में कराहल पुलिस द्वारा की गई सघन जांच के दौरान मुखबिर व डिजीटल साक्ष्य के आधार पर व संदेहियों से कड़ी पूछताछ की गई। साक्ष्यो के आधार पर संदेहीगण टूट गये और उनके द्वारा अपने अपराध को स्वीकार कर लिया गया। इस प्रकरण के खुलासे में कराहल थाना प्रभारी यास्मीन खांन, सउनि पवन शर्मा, बृजेश राजौरिया, रामबरन सोलंकी, प्रआर हेमंत रावत, पवन शर्मा, प्रआर महावीर सिह, महेन्द्र सेंगर, आर पवन कटारे, विकाश शर्मा, लवकुश रावत, अभिषेक गोत्तम, चन्द्रशेखर शर्मा, अशोक गोरछिया, कमल सूरी, कहार सिंह, अंकित, खालिद खांन, महिला आर रोहिणी शर्मा, लक्ष्मी बाजुल्ला आदि की महत्वपूर्ण भूमिका रही है।
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हिन्दुस्थान समाचार / प्रशांत वैष्णव

