मप्रः किसानों की सुविधा के लिए उपार्जन केंद्रों में तौल कांटे चार से बढ़ाकर छह किए गए

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मप्रः किसानों की सुविधा के लिए उपार्जन केंद्रों में तौल कांटे चार से बढ़ाकर छह किए गए


भोपाल, 19 अप्रैल (हि.स.)। मध्य प्रदेश में किसानों की सुविधा के लिए उपार्जन केंद्रों पर तौल कांटों की संख्या चार से बढ़कर छह कर दी गई है। इससे समय पर किसानों द्वारा लाये गए गेहूं की तुलाई हो सकेगी।

यह जानकारी रविवार को प्रदेश के खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने दी। उन्होंने बताया कि प्रदेश में न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर अभी तक एक लाख 36 हज़ार 237 किसानों से 59 लाख 48 हजार 980 क्विंटल गेहूँ की खरीदी की जा चुकी है। किसानों को 575 करोड़ 86 लाख रुपये का भुगतान उनके बैंक खाते में किया जा चुका है।

उन्होंने बताया कि अभी तक 4 लाख 62 हजार 19 किसानों द्वारा 1 करोड़ 97 लाख 29 हजार 339 क्विंटल गेहूँ के विक्रय के लिये स्लॉट बुक किये जा चुके हैं। खरीदी के लिये 3171 उपार्जन केन्द्र बनाये गये हैं। गेहूँ की खरीदी कार्यालयीन दिवसों में होती है। सेटेलाइट ई-मेल में मिलान नहीं पाए गए खसरों को छोड़कर उसी किसान के शेष खसरों पर गेहूँ की फसल विक्रय के लिये स्लॉट बुकिंग की सुविधा दी गई है।

खाद्य मंत्री राजपूत ने बताया कि उपार्जन केन्द्र की क्षमता अनुसार उपज की तौल की जा सके एवं अधिक से अधिक किसानों से उपार्जन किया जा सके, इसके लिये प्रतिदिन प्रति उपार्जन केन्द्र पर गेहूँ विक्रय के लिये स्लॉट बुकिंग की क्षमता 1000 क्विंटल से बढ़ाकर 1500 क्विंटल की गई है।

उपार्जन केंद्र में किसानों के लिये गेहूँ बिक्री की सभी सुविधाएं

मंत्री राजपूत ने बताया कि उपार्जन केंद्रों में गेहूँ विक्रय की सभी सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। उपार्जन केन्द्रों में छायादार स्थान में बैठने और पेय जल की समुचित सुविधा उपलब्ध कराई गई है। केंद्र में बारदाने, तौल कांटे सिलाई मशीन, कंप्यूटर, इंटरनेट, गुणवत्ता परीक्षण उपकरण और उपज की साफ सफाई के लिए पंखा, छनना आदि की व्यवस्थाएं भी सुनिश्चित की गई हैं।

उन्होंने बताया कि रबी विपणन वर्ष 2026-27 में किसानों से 2585 रुपये प्रति क्विंटल समर्थन मूल्य एवं राज्य सरकार द्वारा घोषित 40 रुपये प्रति क्विंटल बोनस राशि सहित 2625 रुपये प्रति क्विंटल की दर से गेहूँ का उपार्जन किया जा रहा है। गेहूँ के उपार्जन के लिये आवश्यक बारदानों की व्यवस्था की जा चुकी है। उपार्जित गेहूँ को रखने के लिये जूट बारदानों के साथ ही पीपी/एचडीपी बैग एवं जूट के भर्ती बारदाने का उपयोग किया जा रहा है। समर्थन मूल्य पर उपार्जित गेहूँ के सुरक्षित भंडारण की पर्याप्त व्यवस्था की गई है। उपार्जित गेहूँ में से 49 लाख 47 हजार 190 क्विंटल गेहूँ का परिवहन किया जा चुका है।

खाद्य मंत्री राजपूत ने कहा कि प्रदेश में गेहूँ उपार्जन के लिये इस वर्ष रिकार्ड 19 लाख 4 हजार किसानों ने पंजीयन कराया है, जो पिछले वर्ष की तुलना में 3 लाख 60 हजार अधिक है। विगत वर्ष समर्थन मूल्य पर लगभग 77 लाख मीट्रिक टन गेहूँ का उपार्जन किया गया था। इस वर्ष युद्ध की विपरीत परिस्थितियों के बावजूद किसानों के हित में सरकार द्वारा 78 लाख मीट्रिक टन गेहूँ के उपार्जन का लक्ष्य रखा गया है, जो कि पिछले वर्ष से एक लाख मीट्रिक टन अधिक है।

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हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश तोमर

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