आंतरिक कलह से जूझ रही कांग्रेस, आपसी वर्चस्व की लड़ाई में उलझे हैं नेता : हेमंत खण्डेलवाल
भोपाल, 30 जून (हि.स.)। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खण्डेलवाल ने कहा कि मध्य प्रदेश कांग्रेस आज गहरे नेतृत्व संकट, गुटबाजी और आंतरिक कलह से जूझ रही है। पार्टी का पूरा संगठन विभिन्न गुटों में बंट चुका है और उसके नेता जनता के मुद्दों के बजाय आपसी वर्चस्व की राजनीति में उलझे हुए हैं।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष खंडेलवाल ने मंगलवार को कांग्रेस की आंतरिक कलह पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी के बीच लंबे समय से चल रहा नेतृत्व संघर्ष अब संगठन के हर स्तर पर दिखाई दे रहा है। इस खींचतान के कारण कांग्रेस कार्यकर्ताओं में भ्रम की स्थिति है और संगठन पूरी तरह दिशाहीन होता जा रहा है। कांग्रेस के नेता अपनी विफलताओं और गुटबाजी से ध्यान हटाने के लिए मीडिया की सुर्खियां बटोर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि जनता का विश्वास खो चुकी कांग्रेस के पास प्रदेश के विकास, किसानों, युवाओं, महिलाओं और गरीबों के लिए कोई सकारात्मक दृष्टि या एजेंडा नहीं बचा है। यही कारण है कि कांग्रेस अपनी आंतरिक कलह और संगठनात्मक विफलताओं से जनता का ध्यान हटाने के लिए समय-समय पर दुष्प्रचार का सहारा लेती है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में विपक्ष की भूमिका सार्थक और रचनात्मक विपक्ष की होती है, लेकिन कांग्रेस का पूरा ध्यान अपने आंतरिक विवादों और नेतृत्व संघर्ष तक सीमित होकर रह गया है। जब पार्टी के भीतर ही विश्वास और समन्वय का अभाव हो, तब जनता के हितों का प्रभावी प्रतिनिधित्व संभव नहीं हो सकता।
गुटबाजी से ध्यान हटाने के लिए कांग्रेस नेता बटोर रहे मीडिया की सुर्खियां
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष खण्डेलवाल ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में मध्य प्रदेश सरकार विकास, सुशासन और जनकल्याण के संकल्प के साथ निरंतर कार्य कर रही है। दूसरी ओर कांग्रेस नेता अपनी राजनीतिक विफलताओं और गुटबाजी को छिपाने के लिए निराधार और तथ्यहीन बयानबाजी कर मीडिया की सुर्खियां बटोरने का असफल प्रयास कर रहे हैं। प्रदेश की जागरूक जनता कांग्रेस की इस राजनीति को भली-भांति समझती है और ऐसे प्रयासों को लगातार नकारती रही है।
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हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश तोमर

