आर्मी डे परेड और ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट से पहले शहर की सड़कों के सुधार कार्य पूर्ण करें : कलेक्टर मिश्रा
- जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में ब्लैक स्पॉट सुधार, लेफ्ट टर्न निर्माण और राष्ट्रीय राजमार्गों से अतिक्रमण हटाने के निर्देश
भोपाल, 15 अक्टूबर (हि.स.)। मध्य प्रदेश के भोपाल कलेक्टर प्रियंक मिश्रा ने आगामी आर्मी डे परेड एवं ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के दृष्टिगत शहर की प्रमुख सड़कों की मरम्मत, रखरखाव एवं आवश्यक सुधार कार्य प्राथमिकता से पूर्ण करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि यातायात को सुगम एवं सुरक्षित बनाने के लिए सभी संबंधित विभाग आपसी समन्वय से कार्य करें और दुर्घटनाओं की आशंका वाले स्थलों पर सुधार कार्य समय-सीमा में पूर्ण कराएं।
कलेक्टर मिश्रा गुरुवार को कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। बैठक में अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त, यातायात बसंत कुमार कौल सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। कलेक्टर ने निर्माण विभागों के अधिकारियों को शहर की सड़कों की स्थिति बेहतर बनाने के साथ ही भोपाल के आसपास राष्ट्रीय राजमार्गों पर चल रहे निर्माण कार्यों को भी शीघ्र पूर्ण कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आगामी आयोजनों को देखते हुए प्रमुख मार्गों पर सुगम आवागमन सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक कार्य प्राथमिकता से किए जाएं।
बैठक में जिले के चिह्नित ब्लैक स्पॉट पर दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए किए जा रहे सुधार कार्यों की समीक्षा की गई। कलेक्टर ने गोविंदपुरा, ट्रेनिंग सेंटर एवं आईएसबीटी क्षेत्र में प्रस्तावित कार्य तत्काल प्रारंभ कराने तथा अन्य स्वीकृत लेफ्ट टर्न निर्माण कार्य निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण करने के निर्देश दिए।
कलेक्टर मिश्रा ने डिस्ट्रिक्ट हाईवे सेफ्टी टास्क फोर्स को राष्ट्रीय राजमार्गों की सीमा में किए गए अतिक्रमण हटाने के निर्देश दिए। उन्होंने प्रमुख चौराहों पर स्टॉप लाइन एवं जेब्रा क्रॉसिंग बनाने तथा निर्धारित मानकों के अनुरूप स्पीड ब्रेकर का निर्माण प्राथमिकता से कराने के लिए भी कहा। कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को सड़क सुरक्षा से जुड़े कार्यों की नियमित निगरानी करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सड़कों की मरम्मत और यातायात सुधार के कार्यों में समय-सीमा का ध्यान रखा जाए, ताकि नागरिकों को सुरक्षित एवं व्यवस्थित आवागमन की सुविधा मिल सके।
नशे से दूरी है जरूरी’ अभियान में सक्रिय भूमिका निभाएं शिक्षण संस्थानों की एंटी ड्रग कमेटियां
कलेक्टर प्रियंक मिश्रा ने कहा कि युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों से बचाने में स्कूलों, कॉलेजों और विश्वविद्यालयों की महत्वपूर्ण भूमिका है। शिक्षण संस्थानों में एंटी ड्रग कमेटियों का गठन कर उन्हें सक्रिय बनाया जाए तथा ‘नशे से दूरी है जरूरी’ अभियान के अंतर्गत नियमित जागरूकता गतिविधियां संचालित की जाएं।
कलेक्टर मिश्रा गुरुवार को कलेक्टर कार्यालय में आयोजित जिला स्तरीय एनकॉर्ड समिति की बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। उन्होंने नशीले पदार्थों की अवैध तस्करी एवं बिक्री पर प्रभावी नियंत्रण के लिए पुलिस, जिला प्रशासन, राजस्व आसूचना निदेशालय (डीआरआई) तथा संबंधित विभागों को समन्वय से संयुक्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विभागों के बीच सूचनाओं का नियमित आदान-प्रदान किया जाए और अंतरजिला एवं अंतरराज्यीय मामलों में संयुक्त जांच के माध्यम से प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
विभागवार कार्ययोजना बनाकर चलाएं जागरूकता अभियान
कलेक्टर ने सामाजिक न्याय विभाग, स्कूल शिक्षा विभाग, नशामुक्ति केंद्रों और स्वयंसेवी संस्थाओं के समन्वय से स्कूल-कॉलेजों में व्यापक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने के निर्देश दिए। उन्होंने विभागवार कार्ययोजना एवं गतिविधियों का कैलेंडर तैयार करने, सभी शासकीय महाविद्यालयों में एंटी ड्रग कमेटियां गठित कर नोडल अधिकारी नियुक्त करने तथा गतिविधियों का नियमित संचालन सुनिश्चित करने को कहा। युवाओं तक अभियान का संदेश पहुंचाने के लिए सोशल मीडिया और इन्फ्लुएंसर्स का सहयोग लेने के निर्देश भी दिए गए।
मेडिकल स्टोर्स का नियमित निरीक्षण, उल्लंघन पर कार्रवाई
बैठक में ड्रग इंस्पेक्टर को संदिग्ध एवं नियमों का उल्लंघन करने वाले मेडिकल स्टोर्स का डेटाबेस तैयार करने के निर्देश दिए गए। मेडिकल स्टोर्स के नियमित निरीक्षण और नशीली दवाओं की अवैध बिक्री में संलिप्त विक्रेताओं के विरुद्ध कठोर कार्रवाई पर जोर दिया गया।
नशामुक्ति केंद्रों में उपचार और पुनर्वास की होगी प्रभावी निगरानी
कलेक्टर ने जिले के नशामुक्ति केंद्रों की गतिविधियों, उपचार एवं पुनर्वास की निगरानी के लिए ऑनलाइन ट्रैकिंग सॉफ्टवेयर विकसित करने के निर्देश दिए। बैठक में सभी शासकीय एवं निजी नशामुक्ति केंद्रों की सूची अद्यतन रखने और उनका नियमित निरीक्षण सुनिश्चित करने का निर्णय लिया गया। नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) द्वारा पुलिस, आबकारी एवं अन्य संबंधित विभागों के अधिकारियों के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करने पर भी चर्चा हुई।
कलेक्टर ने कहा कि नशे की रोकथाम के लिए प्रभावी प्रवर्तन के साथ सामाजिक जागरूकता और सामूहिक सहभागिता आवश्यक है। सभी विभाग समन्वित प्रयास करें, ताकि युवाओं को नशे से बचाने और भोपाल को नशामुक्त बनाने की दिशा में ठोस परिणाम प्राप्त हों।
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हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश तोमर

