इंदौर, उज्जैन और भोपाल को मेट्रोपॉलिटन सिटी के रूप में विकसित करने की दिशा में कार्य जारी: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

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इंदौर, उज्जैन और भोपाल को मेट्रोपॉलिटन सिटी के रूप में विकसित करने की दिशा में कार्य जारी: मुख्यमंत्री डॉ. यादव


इंदौर, उज्जैन और भोपाल को मेट्रोपॉलिटन सिटी के रूप में विकसित करने की दिशा में कार्य जारी: मुख्यमंत्री डॉ. यादव


- मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मध्य प्रदेश अर्बन ग्रोथ कॉन्क्लेव 2.0 का किया शुभारंभ

भोपाल, 28 अक्टूबर (हि.स.)। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि राज्य के शहरों को आधुनिक, निवेश-अनुकूल, पर्यावरण-संवेदनशील और नागरिक-केंद्रित बनाना राज्य सरकार की प्राथमिकता है। इंदौर, उज्जैन और भोपाल को मेट्रोपॉलिटन सिटी के रूप में विकसित करने की दिशा में कार्य तेजी से किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव बुधवार को इंदौर में आयोजित अर्बन ग्रोथ कॉन्क्लेव 2.0 को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि वर्ष 2047 तक इस क्षेत्र में लगभग 20 लाख रोजगार के अवसर सृजित करने, 12 से 15 नई टाउनशिप विकसित करने तथा 25 से 30 हजार एकड़ क्षेत्र में नियोजित शहरी विकास का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इंदौर फ्यूचर सिटी में लगभग 5 हजार एकड़ क्षेत्र में आवास, उद्योग और रोजगार आधारित विकास किया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि शहर केवल आवासीय क्षेत्र नहीं, बल्कि उद्योग, व्यापार, निवेश और रोजगार के प्रमुख केंद्र हैं। शहरी विकास को आधुनिक अधोसंरचना, जल सुरक्षा, किफायती आवास और बेहतर जीवन गुणवत्ता से जोड़कर भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप विकसित किया जाएगा। कॉन्क्लेव में निवेशकों के साथ शहरी विकास एवं अधोसंरचना में निवेश की संभावनाओं पर चर्चा हुई। इससे प्रदेश में निवेश को बढ़ावा मिलेगा और ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट-2027 के लक्ष्यों को प्राप्त करने में मदद मिलेगी।

उन्होंने कहा कि प्रदेश में अब तक लगभग 12 लाख करोड़ रुपये के निवेश को धरातल पर उतारा जा चुका है। औद्योगिक कॉरिडोर, सड़क नेटवर्क, लॉजिस्टिक्स, पर्यटन, नवकरणीय ऊर्जा, जल प्रबंधन और आधुनिक अधोसंरचना के विकास के साथ सेमीकंडक्टर सहित आधुनिक तकनीकी क्षेत्रों में निवेश को प्रोत्साहित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में विकसित भारत @2047 के संकल्प को साकार करने के लिए मध्यप्रदेश निवेश, उद्योग, तकनीकी विकास और रोजगार के क्षेत्र में निरंतर आगे बढ़ रहा है।

मुख्यमंत्री ने जल संरक्षण एवं उपचारित जल के पुनः उपयोग के लिए उपचारित अपशिष्ट जल पुनर्चक्रण एवं पुनः उपयोग नीति-2026 तथा किफायती आवास उपलब्ध कराने के लिए मध्यप्रदेश अर्बन अफोर्डेबल हाउसिंग एंड हैबिटेट पॉलिसी-2026 के ड्रॉफ्ट जारी किए। उपचारित जल के पुनः उपयोग का लक्ष्य वर्ष 2037 तक 50 प्रतिशत निर्धारित किया गया है। अर्बन चैलेंज फंड के अंतर्गत 2,013 करोड़ रुपये की शहरी अधोसंरचनात्मक परियोजनाओं के लिए वित्तीय समझौते किए गए। विभिन्न एमओयू के माध्यम से औद्योगिक जल के पुनः उपयोग, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन और शहरी विकास में तकनीकी सहयोग को बढ़ावा दिया जाएगा।

नीति आयोग की इंदौर इकोनॉमिक रीजन रिपोर्ट (आईईआर) में मालवा-निमाड़ के 8 जिलों के आर्थिक विकास के लिए वर्ष 2047 तक की रूपरेखा प्रस्तुत की गई है। इसमें उद्योग, कृषि, पर्यटन और रोजगार से जुड़ी 60 से अधिक परियोजनाएं प्रस्तावित हैं। इस अवसर पर भोपाल एवं इंदौर नगर निगम की सतत विकास रिपोर्ट तथा मध्यप्रदेश एकीकृत भूमि विकास एवं भवन प्रोत्साहन नियम-2026 के प्रारूप को जन परामर्श के लिये प्रस्तुत किया गया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उज्जैन में श्री महाकाल महालोक के विकास के बाद धार्मिक पर्यटन का विस्तार हुआ है। प्रतिवर्ष लगभग 7 करोड़ लोगों के उज्जैन आगमन से होटल, परिवहन, व्यापार, रोजगार और रियल एस्टेट सहित विभिन्न क्षेत्रों में आर्थिक गतिविधियों के अवसर बढ़े हैं। इंदौर से अबू धाबी की उड़ान का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि राज्य सरकार अंतर्राष्ट्रीय हवाई संपर्क को बढ़ावा देने के लिए सहायता उपलब्ध करा रही है। बेहतर सड़क नेटवर्क और औद्योगिक कॉरिडोर के विस्तार से भी क्षेत्रीय आर्थिक विकास को गति मिलेगी।

उन्होंने कहा कि ग्रामीण परिवारों को संपत्ति के स्वामित्व संबंधी दस्तावेज उपलब्ध कराने के लिए राज्य सरकार हितग्राहियों की नि:शुल्क रजिस्ट्री कर रही है। उन्होंने निवेशकों, उद्योगपतियों और रियल एस्टेट क्षेत्र के प्रतिनिधियों से मध्यप्रदेश की विकास यात्रा में सहभागी बनने का आह्वान करते हुए कहा कि राज्य सरकार उद्योग, व्यापार, आवास और आधुनिक शहरी विकास के लिए अनुकूल वातावरण उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। इन प्रयासों से प्रदेश में निवेश, रोजगार और आर्थिक गतिविधियों को गति मिलेगी और वर्ष 2047 तक विकसित भारत के निर्माण में मध्यप्रदेश महत्वपूर्ण योगदान देगा।

मुख्यमंत्री ने कॉन्क्लेव में प्रदर्शित अर्बन इनोवेशन गैलरी में प्रदेश की प्रमुख नगरीय परियोजनाओं का अवलोकन कर आवास, आधुनिक अधोसंरचना, शिक्षा एवं एआई सिटी, धार्मिक पर्यटन, स्वच्छ ऊर्जा और अपशिष्ट प्रबंधन के क्षेत्र में निवेश की संभावनाओं की जानकारी ली। उन्होंने 6डी वर्चुअल रियलिटी तकनीक से महाकाल भस्म आरती का अनुभव किया। कॉन्क्लेव में मध्य प्रदेश में हो रहे शहरी परिवर्तन को प्रदर्शित करती विशेष फिल्म का प्रदर्शन किया गया। फिल्म में आधुनिक परिवहन, डिजिटल गवर्नेंस, आवास, शहरी अधोसंरचना एवं प्रमुख विकास परियोजनाओं के साथ निवेश संभावनाओं तथा सिंहस्थ-2028 और ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट-2027 के दृष्टिगत भावी योजनाओं को दर्शाया गया।

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हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश तोमर

Livevns.news Desk
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