सूर्य मित्र कृषि फीडर योजना के अंतर्गत किए जा रहे अनुबंध राज्य के लिए अमूल्य उपहारः मुख्यमंत्री डॉ. यादव
- मुख्यमंत्री ने जन्मदिन पर किसानों को दिया सस्ती बिजली का उपहार, सूर्य मित्र कृषि फीडर योजना के अंतर्गत विद्युत क्रय अनुबंध पत्रों का वितरण किया
भोपाल, 25 मार्च (हि.स.)। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि सूर्य मित्र कृषि फीडर योजना के अंतर्गत किसानों के हित में किए जा रहे अनुबंध राज्य के लिए अमूल्य उपहार हैं। इस महत्वाकांक्षी योजना में 4 हजार मेगावॉट की विशाल क्षमता वाली इकाइयां स्थापित की जाएंगी। जिसका सबसे बड़ा लाभ प्रदेश के किसानों को मिलेगा। इससे लगभग आठ लाख पम्प सीधे सूर्य की शक्ति अर्थात् सौर ऊर्जा से संचालित होंगे।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव बुधवार को अपने जन्म दिवस पर मुख्यमंत्री निवास आयोजित में सूर्य मित्र कृषि फीडर योजना के अंतर्गत विद्युत क्रय अनुबंध वितरण कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि आज से सूर्य मित्र कृषि फीडर योजना के अनुबंधों के वितरण की प्रक्रिया आरंभ हो रही है। आज का दिन प्रदेश की कृषि और ऊर्जा नीति के समन्वय का ऐतिहासिक पड़ाव सिद्ध होगा।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की प्रेरणा से वर्ष 2026 को प्रदेश में कृषि कल्याण वर्ष के रूप में मनाने का संकल्प लिया गया है। किसान भाइयों को सुखी-समृद्ध और आत्मनिर्भर बनाने के इस महासंकल्प में सूर्य मित्र कृषि फीडर योजना का महत्वपूर्ण योगदान होगा।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दीप प्रज्जवलित कर कार्यक्रम कर शुभारंभ किया। इस अवसर पर ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर, नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री राकेश शुक्ला, अपर मुख्य सचिव मनु श्रीवास्तव तथा नीरज मंडलोई उपस्थित थे। मुख्यमंत्री ने योजना के अंतर्गत रतलाम की संस्कृति आर्या, खरगोन के बृजमोहन शर्मा, उज्जैन के नागेन्द्र सिंह चौहान, मंदसौर के निशांत सोनी, राजगढ़ की सीमा सहित अन्य जिलों के किसानों को अनुबंध पत्र प्रदान किए।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि गौरव का विषय है कि मध्य प्रदेश ने अब तक 12 हजार मेगावॉट से अधिक नवकरणीय ऊर्जा क्षमता स्थापित कर ली है। सूर्य मित्र कृषि फीडर योजना के तहत 4 हजार 22 मेगावॉट की सोलर परियोजनाएं आवंटित की गई हैं। इससे मात्र 2 रुपये 40 पैसे से 2 रुपये 85 पैसे प्रति यूनिट की किफायती दर पर बिजली उपलब्ध होगी। मध्य प्रदेश वर्तमान में केवल पॉवर स्टेट ही नहीं, बल्कि ग्रीन पॉवर स्टेट बनने की दिशा में तेजी से कदम बढ़ा रहा है। वैश्विक परिस्थितियां इस बात का प्रमाण हैं कि ऊर्जा और ईंधन के लिए देश का आत्मनिर्भर होना आवश्यक है। सौर ऊर्जा के लिए किए जा रहे कार्य प्रधानमंत्री श्री मोदी की दूरदर्शी सोच का परिणाम है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सनातन संस्कृति में सूर्य का आध्यात्मिक महत्व सदा से रहा है। वर्तमान काल सूर्य देव ऊर्जा का प्रमुख स्त्रोत बनकर, सभी का कल्याण कर रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने ऊर्जा विकास निगम की उपलब्धियों के लिए निगम की सराहना की।
ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने अपने जन्मदिवस पर मध्यप्रदेश को पीएम मित्र पार्क का उपहार दिया था। आज मुख्यमंत्री डॉ. यादव अपने जन्मदिवस पर प्रदेश के किसानों को सस्ती बिजली का उपहार दे रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव का यह कदम किसानों के प्रति उनकी संवेदनशीलता के भाव को दर्शाता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में प्रदेश ऊर्जा के क्षेत्र में निरंतर प्रगति कर रहा है।
नवीन एवं नवीकरणीय मंत्री राकेश शुक्ला ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में राज्य सरकार चरैवेति-चरैवेति के सिद्धांत का पालन करते हुए प्रदेश के समग्र विकास के पथ पर निरंतर अग्रसर है। सभी क्षेत्रों में मध्यप्रदेश प्रगति कर रहा है। मंत्री राकेश शुक्ला ने अपने घरों पर विद्युत उत्पादन के लिए रूफ टॉप लगवाने का प्रदेशवासियों से आहवान किया। कार्यक्रम को अपर मुख्य सचिव मनु श्रीवास्तव ने भी संबोधित किया। अपर मुख्य सचिव मनु श्रीवास्तव ने बताया कि मुरैना में विकसित हो रही प्रदेश की पहली सोलर प्लस स्टोरेज परियोजना में 2 रुपये 70 पैसे प्रति यूनिट अब तक की सबसे कम टैरिफ पर प्राप्त हुई है। ऊर्जा विकासनिगम 44 वर्ष बाद लाभ की स्थिति में आया है। जिसमें किसानों की महत्वपूर्ण भूमिका रही है।
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हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश तोमर

