विद्यार्थी अपनी प्रतिभा, परिश्रम और संकल्प से विकसित भारत के निर्माण में निभाएं महत्वपूर्ण भूमिका : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
- मुख्यमंत्री ने शरद उत्सव कार्यक्रम में विद्यार्थियों से किया आत्मीय संवाद
भोपाल, 25 अक्टूबर (हि.स.)। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने रविवार देर शाम बड़वानी जिले के गायत्री धाम, कलाल्दा में आयोजित शरद उत्सव कार्यक्रम में सहभागिता के दौरान विद्यार्थियों से ‘विकसित भारत का आधार’ विषय पर आत्मीय और प्रेरणादायी संवाद किया। उन्होंने कहा कि विद्यार्थी अपनी प्रतिभा, परिश्रम और संकल्प से विकसित भारत के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएं।
इस अवसर पर उन्होंने विद्यार्थियों की प्रतिभा, उपलब्धियों एवं आत्मविश्वास की सराहना करते हुए संवाद में सहभागिता करने वाले प्रत्येक विद्यार्थी को मुख्यमंत्री स्वेच्छानुदान मद से 10-10 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि प्रदान करने की घोषणा की।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शिक्षा, खेल, संगीत एवं तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट उपलब्धियां अर्जित करने वाले विद्यार्थियों से उनकी सफलता, भविष्य के लक्ष्यों एवं आकांक्षाओं के संबंध में चर्चा की। उन्होंने विद्यार्थियों को निरंतर परिश्रम, अनुशासन एवं दृढ़ संकल्प के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के प्रतिभाशाली विद्यार्थी अपनी मेहनत एवं लगन से न केवल अपने परिवार और प्रदेश का नाम रोशन कर रहे हैं, बल्कि विकसित भारत के निर्माण में भी महत्वपूर्ण योगदान देने की दिशा में अग्रसर हैं। इस दौरान उन्होंने विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत सांस्कृतिक कार्यक्रमों का अवलोकन कर उनकी प्रतिभा की सराहना भी की।
नीट परीक्षा में सफल छात्र रोहित बामनिया की सराहना की, समाज सेवा के लिए किया प्रेरित
संवाद के दौरान एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय, जामली, सेंधवा के पूर्व छात्र रोहित बामनिया ने मुख्यमंत्री को बताया कि उन्होंने नीट-2026 परीक्षा में सफलता प्राप्त कर शासकीय मेडिकल कॉलेज, नीमच में प्रवेश प्राप्त किया है। उन्होंने बताया कि उनके साथ अध्ययन करने वाले अन्य सहपाठियों का भी नीट परीक्षा के माध्यम से शासकीय मेडिकल कॉलेजों में चयन हुआ है।
मुख्यमंत्री ने रोहित की उपलब्धि की सराहना करते हुए उनके परिवार के संबंध में जानकारी प्राप्त की तथा उन्हें चिकित्सक बनकर सेवाभाव से कार्य करने के लिए प्रेरित किया। इस दौरान रोहित ने बताया कि उनकी मेडिकल शिक्षा की फीस मध्यप्रदेश शासन द्वारा वहन की जा रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार वंचित एवं पिछड़े वर्गों के प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। पात्र विद्यार्थियों को शासकीय एवं निजी महाविद्यालयों में उच्च शिक्षा प्राप्त करने के लिए शासन की योजनाओं के माध्यम से फीस संबंधी सहायता प्रदान की जा रही है। उन्होंने रोहित से कहा कि चिकित्सक बनने के बाद समाज की सेवा करने के साथ ही अपने क्षेत्र के अन्य विद्यार्थियों को भी चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए मार्गदर्शन और प्रोत्साहन प्रदान करें।
राष्ट्रीय स्तर पर प्रथम स्थान प्राप्त करने वाली छात्रा आराधना तरोले के गायन से मंत्रमुग्ध हुए उपस्थितजन
एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय, जामली, सेंधवा की कक्षा 10वीं की छात्रा आराधना तरोले ने मुख्यमंत्री को बताया कि उन्होंने गत वर्ष आयोजित कला उत्सव में राष्ट्रीय स्तर पर शास्त्रीय संगीत के एकल गायन में प्रथम स्थान प्राप्त किया था।
मुख्यमंत्री ने आराधना को इस उल्लेखनीय उपलब्धि के लिए बधाई देते हुए उनसे गीत प्रस्तुत करने का आग्रह किया। छात्रा ने अपनी मधुर एवं सुरीली आवाज में गीत प्रस्तुत किया, जिसे सुनकर मुख्यमंत्री सहित उपस्थितजन मंत्रमुग्ध हो गए। मुख्यमंत्री ने छात्रा की संगीत प्रतिभा की सराहना करते हुए उन्हें निरंतर अभ्यास के माध्यम से अपनी कला को और अधिक निखारने तथा राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रदेश का गौरव बढ़ाने के लिए प्रोत्साहित किया।
हाई जंप में राष्ट्रीय स्तर पर प्रथम स्थान प्राप्त करने वाली साक्षी भागले को किया प्रेरित
संवाद के दौरान कन्या खेल परिसर, निवाली की कक्षा 10वीं की छात्रा साक्षी भागले ने मुख्यमंत्री को बताया कि उन्होंने लखनऊ में आयोजित राष्ट्रीय शालेय खेल प्रतियोगिता में हाई जंप स्पर्धा में प्रथम स्थान प्राप्त किया है।
मुख्यमंत्री ने साक्षी की उत्कृष्ट खेल उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए उन्हें बधाई दी। उन्होंने कहा कि विद्यार्थी खेलों के क्षेत्र में निरंतर अभ्यास, अनुशासन एवं दृढ़ संकल्प के साथ आगे बढ़ें तथा भविष्य में ओलंपिक एवं एशियाई खेलों जैसी अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में सहभागिता कर देश एवं प्रदेश का नाम रोशन करें।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश में खेलों को निरंतर प्रोत्साहन मिल रहा है। राज्य सरकार भी खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने एवं खिलाड़ियों को बेहतर अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में कार्य कर रही है। उन्होंने एशियाई खेलों में प्रदेश के खिलाड़ियों की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए बताया कि खिलाड़ियों ने 5 स्वर्ण पदकों सहित कुल 11 पदक अर्जित कर प्रदेश को गौरवान्वित किया है। उन्होंने कहा कि खेलों के क्षेत्र में बढ़ती उपलब्धियां देश एवं प्रदेश के सर्वांगीण विकास को प्रदर्शित करती हैं।
स्मार्ट क्लास एवं निःशुल्क प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी की सुविधाओं की सराहना
कन्या शिक्षा परिसर कक्षा 10वीं की छात्रा किरण गिरासे ने मुख्यमंत्री से संवाद करते हुए बताया कि कन्या शिक्षा परिसर में आईसीटी लैब, कंप्यूटर लैब एवं स्मार्ट क्लास के माध्यम से विद्यार्थियों को आधुनिक तकनीक आधारित शिक्षा उपलब्ध कराई जा रही है। उन्होंने बताया कि स्मार्ट क्लास के माध्यम से नियमित अध्ययन के साथ ही जेईई एवं नीट जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी भी कराई जाती है। विद्यार्थी इन सुविधाओं का लाभ उठाकर अपने भविष्य को बेहतर बनाने के लिए निरंतर प्रयास कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने शासकीय शिक्षण संस्थानों में स्मार्ट क्लास एवं आधुनिक तकनीकी संसाधनों के माध्यम से गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराए जाने पर प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने विशेष रूप से जेईई एवं नीट जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की निःशुल्क तैयारी की सुविधा की सराहना की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार विद्यार्थियों को आधुनिक, गुणवत्तापूर्ण एवं रोजगारोन्मुखी शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए निरंतर प्रयासरत है। डिजिटल शिक्षा एवं तकनीकी संसाधनों के विस्तार से विद्यार्थियों को प्रतिस्पर्धात्मक वातावरण में आगे बढ़ने के बेहतर अवसर प्राप्त हो रहे हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से इन सुविधाओं का अधिकतम लाभ उठाकर अपने निर्धारित लक्ष्यों को प्राप्त करने का आह्वान किया।
कक्षा सातवीं के छात्र कृष्णा चौहान के प्रश्न पर मुख्यमंत्री ने बताए समय प्रबंधन के गुर
विद्यार्थियों से संवाद के दौरान कक्षा सातवीं के छात्र कृष्णा सीताराम चौहान ने मुख्यमंत्री से उनकी व्यस्त दिनचर्या में समय प्रबंधन के संबंध में प्रश्न पूछा। मुख्यमंत्री ने छात्र के प्रश्न की सराहना करते हुए कहा कि जीवन में सफलता प्राप्त करने के लिए समय का उचित नियोजन अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने विद्यार्थियों को प्रतिदिन रात्रि में सोने से पूर्व अगले दिन की दिनचर्या एवं कार्यों की रूपरेखा निर्धारित करने की सीख दी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि विद्यार्थियों को नियमित अध्ययन के साथ योगासन, प्राणायाम एवं शारीरिक गतिविधियों को भी अपनी दिनचर्या में शामिल करना चाहिए। उन्होंने पाठ्यक्रम के अध्ययन के अतिरिक्त स्वाध्याय की आदत विकसित करने पर विशेष जोर देते हुए कहा कि नियमित स्वाध्याय से ज्ञान का विस्तार होता है तथा व्यक्तित्व एवं बौद्धिक क्षमता का विकास होता है।
विद्यार्थियों से भविष्य के लक्ष्य पूछकर मुख्यमंत्री ने दिया विविध क्षेत्रों में आगे बढ़ने का संदेश
मुख्यमंत्री ने उपस्थित विद्यार्थियों से उनके भविष्य के लक्ष्यों और करियर के संबंध में भी चर्चा की। उन्होंने विद्यार्थियों से पूछा कि वे भविष्य में किस क्षेत्र में अपना करियर बनाना चाहते हैं। इस दौरान मुख्यमंत्री ने चिकित्सा, इंजीनियरिंग, शिक्षण, राजनीति एवं आधुनिक प्रगतिशील कृषि सहित विभिन्न क्षेत्रों में उपलब्ध संभावनाओं के बारे में जानकारी दी।
उन्होंने कहा कि प्रत्येक क्षेत्र में समर्पण, परिश्रम एवं नवाचार के माध्यम से उत्कृष्ट उपलब्धियां अर्जित की जा सकती हैं। विद्यार्थियों को अपनी रुचि एवं योग्यता के अनुरूप लक्ष्य निर्धारित कर उसे प्राप्त करने के लिए निरंतर प्रयास करना चाहिए। उन्होंने प्रगतिशील किसान बनने को भी एक महत्वपूर्ण करियर विकल्प बताते हुए कृषि के क्षेत्र में आधुनिक तकनीक एवं नवाचार अपनाने के लिए प्रेरित किया।
मुख्यमंत्री ने नेताजी सुभाषचंद्र बोस के जीवन का उदाहरण देते हुए विद्यार्थियों को राष्ट्रसेवा एवं दृढ़ संकल्प का महत्व समझाया। उन्होंने बताया कि नेताजी सुभाषचंद्र बोस ने भारतीय सिविल सेवा (आईसीएस) की प्रतिष्ठित परीक्षा उत्तीर्ण करने के बावजूद देश की स्वतंत्रता को सर्वोपरि मानते हुए नौकरी का मार्ग त्याग दिया और स्वतंत्रता संग्राम में अपना जीवन समर्पित कर दिया। मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि जीवन में केवल व्यक्तिगत सफलता प्राप्त करना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि अपनी शिक्षा, योग्यता एवं प्रतिभा का उपयोग समाज और राष्ट्र के विकास के लिए करना भी आवश्यक है।
विद्यार्थियों की प्रतिभा और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों की मुख्यमंत्री ने की सराहना
बाल संवाद कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विद्यार्थियों की सांस्कृतिक प्रस्तुतियों का भी अवलोकन किया। जिसमें प्रसिद्ध निमाड़ी गायक तुलसीराम पटेल , चिरंजीवी वेदिका ने श्रीमद् भागवत गीता के 15वें अध्याय , गुरुकुल के छात्रों द्वारा गौमाता वंदना एवं शास्त्रीय नृत्य की प्रस्तुति दी। उन्होंने विद्यार्थियों की प्रतिभा, आत्मविश्वास एवं उत्साह की सराहना करते हुए उनका मनोबल बढ़ाया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षा के साथ खेल, कला, संगीत एवं सांस्कृतिक गतिविधियों में सहभागिता विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए महत्वपूर्ण है। ऐसी गतिविधियों से विद्यार्थियों में आत्मविश्वास, रचनात्मकता, अनुशासन एवं नेतृत्व क्षमता का विकास होता है।
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हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश तोमर

