(अपडेट) परिवार की कनाडा यात्रा और मृतक छात्र के अंतिम संस्कार का खर्च उठाएगी राज्य सरकार
मुख्यमंत्री ने स्व. गुरकीरत के परिजनों से मिलकर व्यक्त की शोक संवेदना
भोपाल, 17 मार्च (हि.स.)। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि कनाड़ा में देश के होनहार छात्र की मृत्यु से उनका हृदय व्यथित है। उन्होंने मृतक छात्र के परिजनों को कनाडा भेजने और स्व. गुरकीरत के अंतिम संस्कार की प्रक्रिया में खर्च राज्य शासन द्वारा वहन किए जाने की घोषणा की है।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव मंगलवार को उज्जैन प्रवास के दौरान गुरजीत सिंह के पार्श्वनाथ कॉलोनी स्थित निवास पहुंचे थे। उन्होंने उज्जैन निवासी गुरजीत सिंह के पुत्र स्व. गुरकीरत मनोचा के छाया चित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। मुख्यमंत्री ने स्व. मनोचा के परिजनों से चर्चा कर कनाडा में हुई असामयिक दु:खद मृत्यु पर शोक संवेदना व्यक्त की।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बाबा श्री महाकाल से दिवंगत आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान प्रदान करने और शोक संतप्त परिवार को इस असहनीय दु:ख को सहन करने की शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की।
गौरतलब है कि मध्य प्रदेश के उज्जैन निवासी छात्र गुरकीरत सिंह मनोचा की कनाडा में गत दिनों हत्या हो गई थी। उसके शव को भारत लाने के लिए लाखों रुपये खर्च होंगे। परिवार का कहना है कि कनाडा सरकार शव देने के लिए करीब 40 हजार डॉलर (लगभग 35 लाख रुपये) जमा कराने को कह रही है। जांच प्रक्रिया के कारण अस्पताल से शव 15 दिन बाद ही दिया जाएगा। शव को कनाडा से उज्जैन लाने में करीब 10 लाख रुपये का अतिरिक्त खर्च आएगा। परिजनों ने केंद्र के साथ ही राज्य सरकार और स्थानीय प्रशासन से भी मदद की गुहार लगाई थी।
परिजनों के अनुसार, गत 14 मार्च को कनाड़ा के फोर्ट सेंट जॉन शहर में छात्र गुरकीरत सिंह मनोचा की कॉलेज में करीब 10-12 युवकों ने पहले पिटाई की, फिर उस पर गाड़ी चढ़ा दी। छात्र को गंभीर चोटें आई थीं। उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसने दम तोड़ दिया। गुरकीरत कनाडा के नॉर्दर्न लाइट्स कॉलेज में बिजनेस मैनेजमेंट के पोस्ट डिग्री डिप्लोमा प्रोग्राम की पढ़ाई कर रहे थे।
गुरकीरत के बड़े भाई प्रबकीरत सिंह ने बताया कि कनाडा में ही रह रहे गुरकीरत के एक दोस्त ने फोन कर घटना की जानकारी दी थी। प्रबकीरत सिंह का कहना है कि कनाडा में प्रक्रिया पूरी करने और शव भारत लाने के लिए लाखों रुपये खर्च होंगे, जिसका इंतजाम करना उनके लिए संभव नहीं है। ऐसे में परिवार ने केंद्र और राज्य सरकार से आर्थिक मदद की गुहार लगाई है।
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हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश तोमर

