मप्रः मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने समाधान ऑनलाइन में समस्याएं सुनकर किया निराकरण
- दस माह से अधिक समय तक मानदेय भुगतान लंबित रखने पर जिला संयोजक आदिम जाति कल्याण निलंबित
भोपाल, 09 अक्टूबर (हि.स.)। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शुक्रवार को हरदा में समाधान ऑनलाइन में जनसमस्याओं के निराकरण की समीक्षा करते हुए पाँच आवेदकों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं और संबंधित अधिकारियों को तत्काल आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
उन्होंने स्पष्ट किया कि आमजनों की समस्याओं को गंभीरता से लिया जाए तथा अधिकारी जिम्मेदारी और उत्तरदायित्व के साथ कार्य करते हुए जमीनी स्तर पर पहुंचकर समस्याओं का निराकरण सुनिश्चित करें। शासन और प्रशासन जनता की सेवा के लिए हैं, इसलिए नागरिकों की शिकायतों के निराकरण में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
समाधान ऑनलाइन के दौरान कर्मचारियों के मानदेय भुगतान में अनावश्यक विलंब और शिकायत के निराकरण में लापरवाही बरतने पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आदिम जाति कल्याण विभाग के जिला संयोजक प्रमोद माथुर को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने के निर्देश दिए। समाधान ऑनलाइन के दौरान सामने आया कि रसोई कार्य करने वाले महिला कर्मचारी का मानदेय दस माह से अधिक समय से लंबित था। मुख्यमंत्री ने संबंधित शिकायत के लंबित रहने का कारण पूछा। इस पर जिला संयोजक प्रमोद माथुर द्वारा संतोषजनक जवाब प्रस्तुत नहीं किए जाने पर मुख्यमंत्री ने उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शिकायतों के निराकरण में अनावश्यक विलंब और शासकीय दायित्वों के निर्वहन में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने संदीप गौर से चर्चा कर कृषि यंत्रों पर सब्सिडी से संबंधित उनकी शिकायत सुनी। इसी प्रकार सतीश उइके की विद्युत बिल से संबंधित समस्या पर चर्चा करते हुए महाप्रबंधक विद्युत विभाग को आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने बिजली बिल से जुड़ी समस्याओं के निराकरण के लिए मीटरों की सेम्पल विवरण कर जानकारी लेने के निर्देश भी दिए। विद्युत बिल संबंधी शिकायतों के समय पर निराकरण में देरी पर उन्होंने संबंधित अधिकारियों के प्रति नाराजगी व्यक्त की। मुख्यमंत्री ने शबाना, रेखा यादव और अरविंद इवने सहित अन्य आवेदकों से की समस्याओं को सुना तथा मौके पर ही उनके निराकरण के लिए आवश्यक निर्देश दिए।
समय-सीमा में शिकायतों का निराकरण नहीं होने पर होगी कार्रवाई
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि लोक सेवा गारंटी अधिनियम के अंतर्गत निर्धारित समय-सीमा में शिकायतों का निराकरण नहीं करने वाले संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध अर्थदंड अधिरोपित करने की कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि सीएम-हेल्पलाइन की शिकायतों का निराकरण तय समय-सीमा में किया जाना सुनिश्चित करें। शिकायतों की जांच और उनके निराकरण में अनावश्यक विलंब नहीं होना चाहिए। उन्होंने निर्देश दिए कि किसी भी कर्मचारी का वेतन भुगतान लंबित नहीं रहे। नियमित, संविदा और आउटसोर्स कर्मचारियों को समय पर वेतन का भुगतान सुनिश्चित किया जाए।
शिकायतों की मानिटरिंग करे
मुख्यमंत्री ने कहा कि शिकायतों का निराकरण इस स्तर पर किया जाए कि आमजन को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए समाधान ऑनलाइन तक पहुंचने की आवश्यकता न पड़े। इसके लिए कलेक्टर सभी शिकायतों की व्यक्तिगत रूप से मॉनिटरिंग करें। शिकायतों की विवेचना और निराकरण में देरी या लापरवाही किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं की जाएगी।
पुलिस विभाग से संबंधित 100 दिवस से अधिक समय से लंबित 27 शिकायतें सामने आने पर मुख्यमंत्री ने अप्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने पुलिस अधीक्षक को निर्देश दिए कि वे स्वयं इन शिकायतों की समीक्षा करें तथा यह सुनिश्चित करें कि निराकरण में कहां और किस स्तर पर शिथिलता बरती जा रही है। लंबित शिकायतों का प्राथमिकता के आधार पर निराकरण किया जाए।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कृषि, ऊर्जा, महिला एवं बाल विकास, पंचायत, राजस्व और गृह विभाग से संबंधित 100 दिवस से अधिक समय से लंबित शिकायतों की भी समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि शिकायतों के निराकरण में संवेदनशीलता बरतें और आवेदकों को समय पर राहत प्रदान करें।
नल-जल योजनाओं की निरंतर निगरानी के निर्देश
इस अवसर पर मुख्य सचिव अशोक बर्णवाल ने कलेक्टर को निर्देशित किया कि हस्तांतरित नल-जल योजनाओं की निरंतर निगरानी की जाए। योजनाओं के संचालन में किसी भी प्रकार की समस्या सामने आने पर उसका तत्काल निराकरण सुनिश्चित करें, ताकि आमजन को नियमित रूप से पेयजल उपलब्ध हो सके। मुख्य सचिव ने जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी को निर्देश दिए कि पूर्ण हो चुकी नल-जल योजनाओं का हस्तांतरण शीघ्र सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने योजनाओं के प्रभावी संचालन और आमजन को निर्बाध पेयजल उपलब्ध कराने के लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए। जिले में विद्युत संबंधी समस्याओं पर त्वरित कार्रवाई की जाए। साथ ही जिले में विद्युत ट्रिपिंग जैसी समस्याएं ना आए यह सुनिश्चित किया जाये।
विभागीय समीक्षा बैठक आयोजित
विभागीय समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि हरदा जिला छोटा जिला है। इसे बहुत आदर्श बनाया जा सकता है। सभी मिलकर जिले को संवारने का कार्य करें। नर्मदा परिक्रमा पथ का शीघ्रता से विकास हो, जिले में उद्योगों को बढ़ावा दिया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि जिले में औद्योगिक विकास को गति देने के लिए जिले में नए औद्योगिक क्षेत्र को विकसित करने की दिशा में आवश्यक कार्रवाई की जाए।
वरिष्ठ नागरिकों से किया संवाद
मुख्यमंत्री ने जिले के वरिष्ठ नागरिक सरगम जैन और विक्रान्त अग्रवाल से चर्चा की। इस दौरान वरिष्ठ नागरिक जैन ने जिले के विकास के संबंध में सुझाव दिये। उन्होने नाभि कुण्ड के विकास के संबंध में भी अनुरोध किया। इसी तरह विक्रान्त अग्रवाल द्वारा जिले में ओपन स्टेडियम बनाने की बात कहीं।
मुख्यमंत्री डॉ यादव ने जिले के ‘मिशन कोड शक्ति’ नवाचार की सराहना
मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्य प्रदेश सरकार द्वारा विभिन्न योजनाओं के माध्यम से प्रदेश के युवाओं को कौशल विकास, आधुनिक तकनीक, शिक्षा और स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। उद्यमियों को अपने उत्पादों की गुणवत्ता बढ़ाने तथा ई-कॉमर्स और डिजिटल माध्यमों से देश-दुनिया के बाजार तक पहुंच बनाने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। किसानों को भी परंपरागत खेती के साथ पशुपालन, प्राकृतिक खेती, खाद्य प्रसंस्करण और कृषि आधारित नवाचार अपनाकर आय के नए स्रोत विकसित करने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री डॉ यादव ने शुक्रवार को मुख्यमंत्री जन विश्वास अभियान के तहत हरदा जिले के जिला पंचायत सभागार में आयोजित उद्यमी, युवा एवं किसान संवाद में विभिन्न योजनाओं से लाभान्वित हितग्राहियों से संवाद कर उनके अनुभव जाने और उनके प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि हरदा में स्थानीय स्तर पर विकसित उत्पादों और नवाचारों को बाजार से जोड़ने के साथ रोजगार के नए अवसर सृजित हो रहे है। संवाद में सामने आई सफलता की कहानियां अन्य युवाओं और किसानों को भी आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करती हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हरदा जिले के उद्यमियों ने अपने परिश्रम और नवाचार से स्थानीय संसाधनों को रोजगार और व्यवसाय के अवसरों में बदला है। युवाओं ने आधुनिक तकनीक को अपनाकर नई संभावनाओं के द्वार खोले हैं, वहीं किसानों ने प्राकृतिक खेती, पशुपालन और कृषि आधारित नवाचारों के माध्यम से अपनी आय बढ़ाने की दिशा में उल्लेखनीय कार्य किया है। उन्होंने कहा कि शासकीय योजनाओं का प्रभावी लाभ लेकर व्यक्ति स्वयं आत्मनिर्भर बनने के साथ दूसरों के लिए भी रोजगार और विकास के अवसर तैयार कर सकता है।
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हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश तोमर

