मप्रः इंदौर में स्कूल चले हम अभियान के तहत शासकीय शारदा कन्या विद्यालय पहुंचे मुख्यमंत्री
- आधुनिक खगोलीय प्रयोगशाला का निरीक्षण और स्मार्ट क्लास में पहुंचकर बच्चों से किया आत्मीय संवाद
इंदौर, 18 जून (हि.स.)। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव गुरुवार को इंदौर प्रवास के दौरान स्कूल चले हम अभियान के तहत बड़ा गणपति स्थित 'शासकीय शारदा कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय' पहुंचे। यहां उन्होंने विद्यालय में स्थापित अत्याधुनिक व आकर्षक खगोलीय प्रयोगशाला का निरीक्षण किया।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने छात्राओं से चर्चा कर खगोलीय उपकरणों, वेधशाला और मॉडल्स की विस्तृत जानकारी प्राप्त की। उन्होंने आकर्षक स्पेस-थीम, रॉकेट मॉडल्स और 'स्पार्क एस्ट्रोनॉमी' लैब देखकर प्रसन्नता जाहिर की। उन्होंने छात्राओं के वैज्ञानिक कौशल की सराहना भी की। साथ ही उन्होंने स्मार्ट कक्षाओं में जाकर बच्चों से आत्मीय संवाद किया और भविष्य के लक्ष्य को जाना।
प्रयोगशाला में दिखे अंतरिक्ष विज्ञान के अनूठे आयाम
निरीक्षण के दौरान विद्यालय की छात्राओं ने अत्यंत आत्मविश्वास के साथ मुख्यमंत्री डॉ. यादव को प्रयोगशाला में उपलब्ध विभिन्न खगोलीय उपकरणों, दूरबीन और नक्षत्रों व ग्रहों की ट्रैकिंग प्रणाली के बारे में विस्तृत जानकारी दी। इस 'स्पार्क एस्ट्रोनॉमी' लैब को ब्रह्मांड की थीम पर बेहद आकर्षक रूप से तैयार किया गया है। प्रयोगशाला में चंद्र ग्रहण, सूर्य ग्रहण, जल चक्र, ज्वालामुखी और पृथ्वी की आंतरिक संरचना को दर्शाने वाले जीवंत चार्ट्स और मॉडल्स प्रदर्शित किए गए हैं। इसके साथ ही वहां रखे रॉकेट व सैटेलाइट मॉडल्स, मानव शरीर की संरचना को समझाने वाले वर्किंग मॉडल, गुरुत्वाकर्षण के नियम, इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन (आईएसएस) की जानकारी और सौर मंडल के आकर्षक भित्तिचित्रों ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव का ध्यान विशेष रूप से आकर्षित किया। यहां प्रमुख रूप से प्राची जैन, वंशिका प्रजापत, गौरवी पहारिया, मोहिनी करोलिया, हर्षिता वर्मा आदि बालिकाओं ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव को अपने वैज्ञानिक और खगोलिय मॉडल के बारे में बताया।
स्मार्ट कक्षा में बालिकाओं से संवाद और भविष्य के सपनों पर चर्चा
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विद्यालय की स्मार्ट कक्षाओं में जाकर बालिकाओं से बेहद आत्मीय और अनौपचारिक संवाद किया। उन्होंने अत्यंत सहजता से बालिकाओं से जाना कि वे भविष्य में क्या बनना चाहती हैं और देश व समाज के लिए क्या योगदान देना चाहती हैं। इस पर बालिकाओं ने भी पूरे उत्साह और आत्मविश्वास के साथ अपनी-अपनी रुचि के अनुसार अपने भविष्य के लक्ष्यों और सपनों के बारे में मुख्यमंत्री डॉ. यादव को बताया। मुख्यमंत्री ने उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए उन्हें निरंतर आगे बढ़ने की प्रेरणा दी। उन्होंने विद्यार्थियों से उनके पारिवारिक पृष्ठभूमि, अध्ययन व्यवस्था, विद्यालय में उपस्थिति तथा पढ़ाई से जुड़ी विभिन्न बातों पर चर्चा की।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार शासकीय विद्यालयों के आधुनिकीकरण और बेटियों को शिक्षा, विज्ञान व तकनीकी क्षेत्र में हर संभव अवसर देने के लिए निरंतर प्रतिबद्ध है। शासकीय विद्यालयों में इस स्तर की अत्याधुनिक खगोलीय प्रयोगशालाओं का होना नई शिक्षा नीति के उद्देश्यों को सार्थक करता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि विज्ञान और तकनीक के क्षेत्र में बढ़ती संभावनाओं के बीच विद्यार्थियों को नवाचार एवं वैज्ञानिक सोच विकसित करने की आवश्यकता है। उन्होंने बच्चों को जिज्ञासु बनकर सीखने तथा अपने ज्ञान का निरंतर विस्तार करने के लिए प्रेरित किया। मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों को मन लगाकर पढ़ाई करने और जीवन में बड़े लक्ष्य निर्धारित कर उन्हें प्राप्त करने के लिए सतत प्रयासरत रहने का संदेश दिया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस अवसर पर राज्य सरकार द्वारा विद्यालयी शिक्षा को अधिक गुणवत्तापूर्ण, आधुनिक और सुलभ बनाने के लिए किए जा रहे विभिन्न प्रयासों एवं योजनाओं की जानकारी भी दी। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार बच्चों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराने के लिए स्मार्ट क्लास, विज्ञान एवं नवाचार प्रयोगशालाओं सहित आधुनिक सुविधाओं का विस्तार कर रही है, ताकि विद्यार्थियों का सर्वांगीण विकास सुनिश्चित हो सके।
इस अवसर पर नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट, सांसद शंकर लालवानी, महापौर पुष्यमित्र भार्गव, विधायक रमेश मेंदोला, मालिनी लक्ष्मण सिंह गौड़, मधु वर्मा तथा मनोज पटेल, सावन सोनकर, सुमित मिश्रा, पुलिस आयुक्त संतोष कुमार सिंह, कलेक्टर शिवम वर्मा, नगर निगम आयुक्त क्षितिज सिंघल, जिला पंचायत सीईओ सिद्धार्थ जैन सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी उपस्थित थे।
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हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश तोमर

