मप्रः मुख्यमंत्री ने किया नर्मदा-झाबुआ-पेटलावद-थांदला-सरदारपुर माइक्रो उद्वहन सिंचाई परियोजना का लोकार्पण

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मप्रः मुख्यमंत्री ने किया नर्मदा-झाबुआ-पेटलावद-थांदला-सरदारपुर माइक्रो उद्वहन सिंचाई परियोजना का लोकार्पण


मप्रः मुख्यमंत्री ने किया नर्मदा-झाबुआ-पेटलावद-थांदला-सरदारपुर माइक्रो उद्वहन सिंचाई परियोजना का लोकार्पण


- 2387.60 करोड़ रुपये लागत की परियोजना से 260 गांवों की 57,422 हेक्टेयर भूमि सिंचित होगी और करीब 72 हजार किसान होंगे लाभान्वित

भोपाल, 24 अक्टूबर (हि.स.)। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शनिवार को धार जिले के सरदारपुर में आयोजित कार्यक्रम में 2387.60 करोड़ रूपये से अधिक लागत की नर्मदा-झाबुआ-पेटलावद-थांदला-सरदारपुर माइक्रो उद्वहन सिंचाई परियोजना का लोकार्पण किया। इस परियोजना से धार और झाबुआ जिलों के 260 गांवों की 57,422 हेक्टेयर भूमि सिंचित होगी और करीब 72 हजार किसान लाभान्वित होंगे।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में पूरे देश में सिंचाई का क्षेत्र निरंतर बढ़ रहा है। प्रदेश में सरदार सरोवर बांध के बाद अलग-अलग परियोजनाओं के माध्यम से धार-झाबुआ क्षेत्र को पर्याप्त जल उपलब्ध हो रहा है। क्षेत्र के किसानों को 2387.60 करोड़ रूपये से अधिक लागत की नर्मदा-झाबुआ-पेटलावद-थांदला-सरदारपुर माइक्रो उद्वहन सिंचाई परियोजना की सौगात मिली है।

उन्होंने कहा कि प्रदेश में वर्ष 2002-03 तक केवल साढ़े सात लाख हेक्टेयर भूमि सिंचित थी। सिंचाई का रकबा वर्ष 2023 तक सिंचाई रकबा बढ़कर 40 लाख हैक्टेयर हो गया। अब पिछले ढाई साल में हमारी सरकार ने सिंचाई का रकबा 60 लाख हैक्टेयर तक पहुंचाया है। प्रदेश में सिंचाई का रकबा 100 लाख हैक्टेयर करने का लक्ष्य रखा है। सूखे खेतों को जब पानी मिलता है तो किसानों की फसल सोने जैसे चमकने लगती है।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार कृषि, उद्योग सहित प्रत्येक सेक्टर में काम कर रही है। प्रदेश के किसानों की समृद्धि ही हमारा ध्येय है। किसान कल्याण वर्ष में किसानों के हित में अनेक कार्य हुए हैं। आज प्रदेश के 16 लाख 70 हजार किसानों को दीवाली त्यौहार से पहले 317.86 करोड़ की राशि भेजकर सौगात दी गई है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में सड़क, रेल और हवाई सुविधाएं तेजी से बढ़ रही हैं। अब धार को भी रेलवे लाइन की सौगात मिल चुकी है। प्रधानमंत्री मोदी ने धार में अपने जन्मदिन पर पीएम मित्र पार्क की बड़ी सौगात दी। इस परियोजना से निमाड़-मालवा क्षेत्र के लगभग 6 लाख कपास उत्पादक किसानों को लाभ मिलेगा। अब एक ही स्थान पर कपास से धागा, धागे से कपड़ा और कपड़े से रेडीमेड गारमेंट्स तैयार किए जाएंगे। यहां के धागे से निर्मित वस्त्रों का निर्यात भी होगा। प्रदेश के तीन लाख लोगों को पीएम मित्र पार्क से रोजगार के अवसर उपलब्ध होंगे। अब धार-झाबुआ के युवा, किसान और महिलाएं पलायन को विवश नहीं होंगे। नर्मदा-झाबुआ-पेटलावद-थांदला-सरदारपुर माइक्रो उद्वहन सिंचाई परियोजना से दोनों जिलों के 260 गांवों की 57,422 हेक्टेयर भूमि सिंचित होगी और करीब 72 हजार किसान लाभान्वित होंगे।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अमका-झमका माता के स्थान को श्रीकृष्ण पाथेय योजना में शामिल कर तीर्थ के रूप में विकसित किया जा रहा है। धार जिले के इसी स्थान पर भगवान श्रीकृष्ण ने माता रुकमणि से विवाह किया था। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार सबका साथ, सबका विकास के मूल मंत्र के साथ आगे बढ़ रही है। आज धार जिले को कुल 2400 करोड़ रुपये की सौगात मिली है। इसमें माइक्रो उद्वहन सिंचाई परियोजना के अलावा 25 करोड़ की लागत के 4 पुलों का लोकार्पण, 15 करोड़ के विद्यालय भवन, 50 बिस्तरीय अस्पताल सहित अन्य विकास कार्यो के लोकार्पण भी शामिल हैं। साथ ही 188 करोड़ के 35 नए कार्यों का भूमि-पूजन हो रहा है। इसमें कन्या विद्यालय भवन, आईटीआई भवन, अमका-झमका माता मंदिर के लिए 3 करोड़ की लागत से विकास कार्य भी शामिल हैं। सिंचाई परियोजनाओं से जो ग्राम छूट गए हैं, उन्हें भी जोड़ा जाएगा। धार को बहुत जल्द मेडिकल कॉलेज की सौगात मिलेगी। यहां के भगोरिया पर्व को राष्ट्रीय उत्सव का दर्जा दिया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों और लाड़ली बहनों को राशि लगातार मिलती रहेगी। किसान कल्याण वर्ष में किसानों को लगातार सौगात मिल रही है। प्रदेश में दूध उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए नई योजना की शुरुआत की गई है। किसान को 25 गाय-भैंस खरीदकर डेयरी शुरू करने पर 10 लाख रुपये का अनुदान सरकार देगी। दूध उत्पादन बढ़ने के किसानों के जीवन में सुख-समृद्धि आएगी। राज्य सरकार ने मुख्यमंत्री सुगम परिवहन बस सेवा की शुरुआत की है। इससे त्यौहार के मौसम में ग्रामीण क्षेत्र की जनता को भी लाभ मिलेगा। राज्य सरकार ने स्वामित्व योजना के अंतर्गत 50 लाख नि:शुल्क रजिस्ट्री करवाने का संकल्प लिया है। इससे गांवों में रहने वाले भाई-बहनों को उनके मकान और भूमि की पक्की रजिस्ट्री मिलेगी और वे भी बैंक या अन्य किसी एजेंसी से ऋण लेने के पात्र होंगे।

कार्यक्रम में केंद्रीय महिला बाल-विकास राज्य मंत्री सावित्री ठाकुर, नगरीय विकास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय और महिला एवं बाल विकास मंत्री निर्मला भूरिया ने भी संबोधित किया।

’लोकार्पित परियोजना एक नजर में’

नर्मदा-झाबुआ-पेटलावद-थांदला-सरदारपुर माईक्रो उद्वहन सिंचाई परियोजना के तहत मॉ नर्मदा का जल माही नदी में छोड़ा जाएगा। परियोजना अंतर्गत धार जिले में 66 ग्रामों में 25 हजार 422 हैक्टर भूमि एवं झाबुआ जिले के 194 ग्रामों के 32 हजार हैक्टर भूमि में सिचाई सुविधा उपलब्ध होगी। उक्त परियोजना से लगभग 72 हजार कृषक लाभांवित होगे। परियोजना से झाबुआ जिले की झाबुआ तहसील के 108 ग्रामों की 17802 हेक्टेयर, पेटलावद तहसील के 06 ग्रामों की 1502 हेक्टेयर, मेघनगर तहसील के 28 ग्रामों की 5504 हेक्टेयर, थांदला तहसील के 39 ग्रामों की 5927 हेक्टेयर, रामा तहसील के 12 ग्रामों की 1185 हेक्टेयर, राणापुर तहसील के 01 ग्रामों की 80 हेक्टेयर, एवं धार जिले की सरदारपुर तहसील के 66 ग्राम में 25422 हेक्टेयर, इस प्रकार कुल 260 ग्रामों के कृषकों को 57422 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई का लाभ मिलेगा। परियोजना अंतर्गत ग्राम चन्दनखेड़ी तहसील कुक्षी में नर्मदा नदी से 186.62 एमसीएम जल का उद्वहन किया जाना प्रस्तावित है। परियोजना में 102.30 मेगावाट बिजली की खपत होगी। भूमिगत पाइप नहर प्रणाली से 2.5 हेक्टेयर चक तक 20 मीटर दबाव युक्त जल उपलब्ध कराया जायेगा, जिसके उपरांत कृषको द्वारा स्प्रिंकलरध्ड्रिप लगाकर सिंचाई की जा सकेगी। इस पद्धति से सिंचाई मिलने पर कृषकों को खेत समतल करने की आवश्यकता नहीं होगी एवं कम पानी में अधिक उपयोगी सिंचाई का लाभ एवं उत्पादन मिलेगा।

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हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश तोमर

Livevns.news Desk
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