माँ नर्मदा के आशीर्वाद से प्रदेश में बह रही है विकास की नई धारा : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
- मुख्यमंत्री ने इंदौर में मां नर्मदा जल के चतुर्थ चरण का भूमि-पूजन और रामसर साइट सिरपुर में एसटीपी प्लांट का लोकार्पण किया
भोपाल, 29 मार्च (हि.स.)। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि मां नर्मदा प्रदेश की जीवन रेखा है और उनके आशीर्वाद से मध्य प्रदेश में विकास की नई धारा प्रवाहित हो रही है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव रविवार को इंदौर में आयोजित नर्मदा के चतुर्थ चरण के भूमिपूजन कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि ऐतिहासिक रूप से भी होलकर साम्राज्य ने मां नर्मदा के आशीर्वाद से कठिन परिस्थितियों में सनातन संस्कृति को सशक्त बनाए रखा और देशभर के प्रमुख तीर्थ स्थलों पर घाट, धर्मशालाएं एवं अन्नक्षेत्र विकसित किए।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में नर्मदा परियोजनाओं को नई गति मिली है। सरदार सरोवर परियोजना के माध्यम से गुजरात, राजस्थान एवं मध्यप्रदेश के निमाड़ क्षेत्र सहित व्यापक भू-भाग में जल उपलब्धता सुनिश्चित हुई है, जिससे कृषि, उद्योग एवं पेयजल की स्थिति में उल्लेखनीय सुधार आया है।
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने इंदौर शहर को पेयजल व्यवस्था के सुदृढ़ीकरण के लिये मां नर्मदा जल के चतुर्थ चरण के तहत अमृत 2.0 योजना में 1356 करोड़ रुपये के विकास कार्यों का भूमि-पूजन किया। इससे शहर की पेयजल आपूर्ति संबंधित बुनियादी ढांचे को मजबूती मिलेगी और नागरिकों को बेहतर जलापूर्ति सुविधाएं प्राप्त होंगी। मुख्यमंत्री ने इंदौर के रामसर साइट सिरपुर में 62.72 करोड़ रुपये लागत से निर्मित एसटीपी प्लांट का लोकार्पण भी किया।
मुख्यमंत्री ने संकल्प से समाधान अभियान के तहत विभिन्न योजनाओं के तहत हितग्राहियों को हितलाभ का वितरण किया। उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव की पहल पर संचालित किए गए इस संकल्प से समाधान अभियान के तहत इंदौर जिले में एक लाख 44 हजार से अधिक हितग्राहियों को लाभान्वित किया गया है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि “संकल्प से समाधान” अभियान में इंदौर जिले में एक लाख 44 हजार 912 आवेदनों का सफलतापूर्वक निराकरण किया गया है। यह अभियान प्रदेश के सभी 55 जिलों में प्रभावी रूप से संचालित हुआ। प्रदेश में अब “जल गंगा संवर्धन अभियान” प्रारंभ किया गया है, जिसके अंतर्गत लगभग पौने तीन लाख कुएं, बावड़ी, तालाब एवं नहरों का निर्माण एवं जल संरचनाओं पुनर्जीवित किया जाएगा। यह अभियान गुड़ी पड़वा से प्रारंभ हो गया है, जो गंगा दशमी तक जारी रहेगा।
उन्होंने कहा कि केन-बेतवा नदी जोड़ो परियोजना से बुंदेलखंड क्षेत्र के 25 जिलों को लाभ मिलेगा, वहीं पार्वती-कालीसिंध-चंबल (PKC) परियोजना से मध्यप्रदेश एवं राजस्थान के 13 जिलों में सिंचाई एवं पेयजल की सुविधाएं सुदृढ़ होंगी। उन्होंने शिप्रा नदी के पुनर्जीवन के लिए राज्य सरकार की प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा कि आगामी सिंहस्थ-2028 में श्रद्धालु शिप्रा के स्वच्छ जल में स्नान कर सकेंगे। इसके लिए बड़े पैमाने पर वर्षा जल संग्रहण एवं निरंतर जल प्रवाह सुनिश्चित किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में जल संरक्षण एवं प्रबंधन के लिए व्यापक कार्य किए जा रहे हैं। कान्ह नदी के जल को शुद्ध कर कृषि कार्यों में उपयोग हेतु उपलब्ध कराया जाएगा। प्रत्येक बूंद जल के संरक्षण के माध्यम से प्रदेश को समृद्ध बनाने का कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि तेजी से विकसित हो रहे इंदौर शहर के लिए आगामी 25 वर्षों की जल आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए समग्र योजना बनाई गई है, जिससे क्षेत्र में पेयजल की समस्या का स्थायी समाधान सुनिश्चित होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि इंदौर-उज्जैन मेट्रोपॉलिटन क्षेत्र देश के प्रमुख विकास केंद्रों में शामिल हो रहा है। आने वाले समय में यह क्षेत्र लगभग डेढ़ करोड़ की आबादी के साथ देश का दूसरा सबसे बड़ा मेट्रोपॉलिटन क्षेत्र बनेगा।
कार्यक्रम को नगरीय विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट, महापौर पुष्यमित्र भार्गव, विधायक मालिनी लक्ष्मण सिंह गौड़ तथा सुमित मिश्रा ने भी संबोधित किया। इस अवसर पर सांसद शंकर लालवानी, जिला पंचायत अध्यक्ष रीना सतीश मालवीय, विधायक रमेश मेंदोला, महेन्द्र हार्डिया, गोलू शुक्ला, मधु वर्मा, उषा ठाकुर, मनोज पटेल, सावन सोनकर, प्रताप करोसिया, श्रवण चावड़ा सहित जनप्रतिनिधि, संभागायुक्त डॉ. सुदाम खाड़े, पुलिस कमिश्नर संतोष कुमार सिंह, कलेक्टर शिवम वर्मा, नगर निगम आयुक्त क्षितिज सिंघल विशेष रूप से मौजूद थे।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अमृत 2.0 योजना के अंतर्गत 1356 करोड रुपए के पेयजल आपूर्ति संबंधी कार्यों का भूमि पूजन किया। इन कार्यों में पैकेज-एक के अंतर्गत 1650 एमएलडी इंटेक, 400 एमएलडी ट्रीटमेंट प्लांट, पंपिंग स्टेशन एवं आधुनिक जल इंफ्रास्ट्रक्चर, पैकेज-2 के अंतर्गत 39 किलोमीटर ग्रेविटी पाइपलाइन, 2870 मीटर लंबी टनल एवं क्लोरिनेशन प्लांट, पैकेज-3 के अंतर्गत 20 नए ओवर हैड टैंक, 29 पुराने टैंकों का उन्नयन, 685 किलोमीटर पाइपलाइन और 1.26 लाख नवीन कनेक्शन तथा पैकेज-4 के अंतर्गत 20 नए ओवर हेड टैंक, 46 पुराने टैंको का उन्नयन, 892 किलोमीटर पाइपलाइन और 1.21 लाख नवीन कनेक्शन देने के कार्य शामिल है।
दशहरा मैदान में आयोजित इस कार्यक्रम में विभिन्न विभागों द्वारा विकासात्मक गतिविधियों पर केन्द्रित प्रदर्शनी भी लगाई गई, जिसमें शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं और उपलब्धियों को प्रदर्शित किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस प्रदर्शनी का अवलोकन किया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने माँ नर्मदा के पवित्र जल का अर्पण भी किया और उपस्थित साधू-संतों से आशीर्वाद प्राप्त किया।
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हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश तोमर

