बड़वानीः मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुई जिला विकास सलाहकार समिति की बैठक

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बड़वानीः मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुई जिला विकास सलाहकार समिति की बैठक


- शिक्षा एवं खेल अधोसंरचनात्मक विस्तार पर विशेष जोर, पानसेमल में खुलेगा पीजी कॉलेज

भोपाल, 14 अगस्त (हि.स.)। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में शुक्रवार को बड़वानी कलेक्ट्रेट में जिला विकास सलाहकार समिति की बैठक हुई। बैठक में बड़वानी जिले के समग्र एवं दीर्घकालीन विकास को लेकर विभिन्न क्षेत्रों की संभावनाओं पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विशेष रूप से शिक्षा, खेल, कौशल विकास, कृषि एवं उससे जुड़े क्षेत्रों, औद्योगिक विकास, रोजगार, कपास उत्पादन, उद्यानिकी, पर्यटन, ऐतिहासिक धरोहरों के संरक्षण तथा नर्मदा तट के विकास से संबंधित प्रस्तावों एवं कार्य योजनाओं की समीक्षा की।

बैठक में जिले के भौगोलिक परिदृश्य की जानकारी देते हुए प्राकृतिक संसाधनों, कृषि आधारित अर्थव्यवस्था तथा उपलब्ध संभावनाओं से मुख्यमंत्री को अवगत कराया गया। जिले में उन्नत कृषि के विस्तार, कृषि आधारित उद्योगों की स्थापना तथा स्थानीय संसाधनों का बेहतर उपयोग करते हुए रोजगार के नए अवसर विकसित करने के संबंध में विस्तृत चर्चा की गई।

शिक्षा के क्षेत्र में उपलब्धियों के साथ सुविधाओं के विस्तार पर जोर

बैठक में शिक्षा के क्षेत्र को विशेष प्राथमिकता देते हुए जिले में शैक्षणिक गुणवत्ता और अधोसंरचना के विस्तार पर चर्चा की गई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव को अवगत कराया गया कि जिले में बोर्ड परीक्षा परिणामों में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। कक्षा 10वीं के परीक्षा परिणाम में 10 प्रतिशत तथा कक्षा 12वीं के परीक्षा परिणाम में 12 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है।

बड़वानी जिले में विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण एवं आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से 10 सांदीपनि विद्यालय विकसित किए जा रहे हैं। इनमें से 3 सांदीपनि विद्यालयों का शुभारंभ हो चुका है, जबकि शेष 7 विद्यालयों को दिसंबर तक क्रियाशील करने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बैठक में पानसेमल क्षेत्र में उच्च शिक्षा की सुविधाओं के विस्तार की आवश्यकता को देखते हुए पानसेमल में पीजी कॉलेज खोले जाने पर सहमति प्रदान की।

ऑनलाइन परीक्षा केंद्र की सुविधा का मिले विद्यार्थियों को लाभ

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रतियोगी एवं अन्य ऑनलाइन परीक्षाओं के लिए जिले के विद्यार्थियों को बेहतर सुविधा उपलब्ध कराने के लिये जिले में परीक्षा केंद्र के लिए पूर्व में दी गई स्वीकृति के आधार पर जिले में ऑनलाइन परीक्षाओं का आयोजन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इससे विद्यार्थियों एवं प्रतियोगी परीक्षाओं में शामिल होने वाले युवाओं को ऑनलाइन परीक्षाओं की सुविधा जिले में ही उपलब्ध होगी।

आईटीआई में रोजगारपरक नए कोर्स प्रारंभ करने की दिशा में हो कार्य

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने युवाओं के कौशल विकास एवं रोजगारपरक प्रशिक्षण पर भी विशेष जोर दिया। बैठक में आईटीआई में आवश्यक ट्रेड्स उपलब्ध नहीं होने के विषय पर चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री ने परम के तहत नए कोर्स प्रारंभ करने के संबंध में आवश्यक जानकारी तैयार करने तथा इस दिशा में कार्यवाही करने के निर्देश दिए। उन्होंने कौशल विकास को स्थानीय औद्योगिक आवश्यकताओं एवं रोजगार की संभावनाओं से जोड़ने की दिशा में कार्य करने पर जोर दिया, ताकि युवाओं को प्रशिक्षण के साथ रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध हो सकें।

खेल मैदान को स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स के रूप में किया जाएगा विकसित

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बड़वानी में खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने एवं खिलाड़ियों के लिए जिले के खेल मैदान को स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स के रूप में विकसित करने के लिए आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश दिए। स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स के रूप में खेल मैदान के विकास से जिले में खेल गतिविधियों के विस्तार तथा स्थानीय खिलाड़ियों को बेहतर खेल सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल होगी।

रेल्वा औद्योगिक क्षेत्र में रोजगारपरक उद्योगों की स्थापना पर जोर

बड़वानी जिले के औद्योगिक परिदृश्य एवं भविष्य की संभावनाओं पर चर्चा के दौरान बताया गया कि रेल्वा औद्योगिक क्षेत्र को 75 हैक्टेयर क्षेत्र में विकसित किया जा रहा है। यहां रोजगारपरक उद्योगों की स्थापना की दिशा में कार्य किया जा रहा है। इसके साथ ही जिले में फूड क्लस्टर विकसित कर फूड प्रोसेसिंग इंडस्ट्री के विकास के अवसर उपलब्ध कराने पर भी चर्चा की गई। बड़वानी में उपलब्ध कृषि एवं उद्यानिकी उत्पादों को प्रसंस्करण उद्योगों से जोड़कर स्थानीय स्तर पर रोजगार एवं औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा देने की संभावनाओं पर विचार-विमर्श किया गया।

माँ नर्मदा के 4 घाटों के पुनर्निर्माण के 32 करोड़ रुपये के प्रस्ताव पर हुई सहमति

मुख्यमंत्री डॉ. यादव को जिले में मां नर्मदा की अविरल धारा एवं नर्मदा परिक्रमा के महत्व से अवगत कराया गया। बैठक में मां नर्मदा के धार्मिक, सांस्कृतिक एवं पर्यटन महत्व को ध्यान में रखते हुए नर्मदा तट के विकास पर भी विशेष चर्चा की गई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने माँ नर्मदा के 4 घाटों के किनारे पुनर्निर्माण कार्य के लिए 32 करोड़ रुपये की राशि के प्रस्ताव पर सहमति प्रदान की।

सेंधवा किले के पुनरुद्धार के लिए 15 करोड़ रुपये के प्रस्ताव पर सहमति

बड़वानी जिले की ऐतिहासिक एवं पुरातात्विक धरोहरों के संरक्षण को भी बैठक में महत्वपूर्ण स्थान दिया गया। आर्कियोलॉजिकल साइट के रूप में सेंधवा किले के संरक्षण एवं पुनरुद्धार के संबंध में प्रस्तुत प्रस्ताव पर विस्तार से चर्चा हुई।

सेंधवा किले के पुनरुद्धार के लिए 15 करोड़ रुपये तथा राजवाड़ा के पुनरुद्धार के लिए 1 करोड़ रुपये की राशि के प्रस्ताव पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सहमति प्रदान की। इन ऐतिहासिक धरोहरों के संरक्षण के साथ पर्यटन की संभावनाओं को भी विकसित करने पर चर्चा की गई।

नागलवाड़ी, बावनगजा और ईको टूरिज्म की संभावनाओं पर हुई चर्चा

बड़वानी जिले में पर्यटन गतिविधियों को विस्तार देने के लिए नागलवाड़ी, बावनगजा सहित अन्य क्षेत्रों की पर्यटन संभावनाओं पर भी चर्चा की गई। इसके साथ ही जिले में उपलब्ध प्राकृतिक क्षेत्रों को ध्यान में रखते हुए ईको टूरिज्म की संभावनाओं को विकसित करने पर विचार-विमर्श किया गया।

स्नेक बाइट की घटनाओं को कम करने के लिए मैदानी अमले को दिया जाए प्रशिक्षण

बैठक में जिले की भौगोलिक परिस्थितियों के संदर्भ में सर्पदंश की घटनाओं एवं उनसे बचाव के उपायों पर भी चर्चा की गई। बताया गया कि जिले में सर्पों की 14 प्रजातियां पाई जाती हैं, जिनमंश ‘बिग-4’ श्रेणी के 4 विषैले सर्प भी पाए जाते हैं।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जिले में स्नेक बाइट की घटनाओं को कम करने के लिए मैदानी अमले को प्रशिक्षण देने के निर्देश दिए। उन्होंने पुलिस एवं अन्य संबंधित विभागों के माध्यम से सर्पदंश से बचाव, सावधानियों एवं जागरूकता से संबंधित गतिविधियों का व्यापक स्तर पर संचालन करने के निर्देश भी दिए।

कपास आधारित अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में विशेष प्रयास

बड़वानी जिले में कपास उत्पादन एवं उससे जुड़े उद्योगों की संभावनाओं पर बैठक में विस्तार से चर्चा की गई। बताया गया कि जिले में कपास उद्योग को बढ़ावा देने के उद्देश्य से सक्रिय 12 जिनिंग इकाइयों को प्रोत्साहित करने के प्रयास किए जा रहे हैं। नेशनल कॉटन पॉलिसी के तहत कपास उत्पादन के निर्धारित पैरामीटर पूर्ण करते हुए जिले के कपास को कस्तूरी कॉटन के रूप में विकसित करने के लिए टेक्निकल अपग्रेडेशन एवं किसान संवाद चौपालों का आयोजन किया जा रहा है।

पीएम मित्र पार्क धार के माध्यम से कपास के खेत से कारखाने तक की प्रक्रिया को सशक्त बनाने की दिशा में प्रयास किए जा रहे हैं। जिले में कपास क्रांति लाने के उद्देश्य से 5 हजार हैक्टेयर क्षेत्र में हाई डेंसिटी प्लांटिंग सिस्टम के माध्यम से कपास उत्पादन किया जा रहा है। इसके साथ ही जिले में शॉर्ट कॉटन के अलावा लॉन्ग स्टेपल कॉटन का भी उत्पादन किया जा रहा है।

कपास उत्पादन बढ़ाने के लिए भोपाल में आयोजित होगी कार्यशाला

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जिले में कपास की संभावनाओं को देखते हुए इसके उत्पादन एवं गुणवत्ता को और बेहतर बनाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि कपास उत्पादन के संबंध में भोपाल में कार्यशाला का आयोजन किया जाएगा। कार्यशाला में जिले के किसानों की सहभागिता सुनिश्चित की जाए, जिससे उन्नत तकनीकों के माध्यम से कपास का उत्पादन बढ़ाने की दिशा में कार्य किया जा सके।

केले के बायोमास से प्रीमियम रेशे एवं पेपर उत्पादन की संभावनाएं

मुख्यमंत्री डॉ. यादव को जिले में केले के उत्पादन एवं उसके बायोमास के उपयोग की संभावनाओं से अवगत कराया गया। बताया गया कि केले के बायोमास से प्रीमियम रेशे एवं पेपर के उत्पादन के लिए गुजरात राज्य में जिले के केले की मांग बढ़ रही है। इस दिशा में उद्यानिकी उत्पादन को मूल्य संवर्धन से जोड़ने की संभावनाओं पर चर्चा की गई।

वृंदावन ग्रामों के माध्यम से दुग्ध उत्पादन को दिया जाए बढ़ावा

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि वृंदावन ग्रामों के माध्यम से दुग्ध उत्पादन को बढ़ावा दिया जाए तथा कृषि के साथ उससे जुड़े सम्बद्ध क्षेत्रों का भी विकास किया जाए। उन्होंने कृषि, पशुपालन एवं दुग्ध उत्पादन जैसी गतिविधियों को एक-दूसरे से जोड़ते हुए ग्रामीण क्षेत्रों में उपलब्ध संभावनाओं का बेहतर उपयोग करने पर जोर दिया।

फार्मर रजिस्ट्री एवं सीमांकन में जिले का अच्छा प्रदर्शन

बैठक में राजस्व विभाग के कार्यों की जानकारी देते हुए बताया गया कि जिले ने फार्मर रजिस्ट्री एवं सीमांकन के क्षेत्र में अच्छा प्रदर्शन किया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जिले में कृषि, उद्योग, शिक्षा, कौशल विकास, खेल एवं पर्यटन सहित विभिन्न क्षेत्रों में उपलब्ध संभावनाओं का समन्वित रूप से उपयोग करते हुए विकास कार्यों को आगे बढ़ाने पर जोर दिया।

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हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश तोमर

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