भोपालः मुख्यमंत्री आज आदिरंग शिल्पकार महोत्सव 2026 का समापन समारोह में होंगे शामिल

WhatsApp Channel Join Now
भोपालः मुख्यमंत्री आज आदिरंग शिल्पकार महोत्सव 2026 का समापन समारोह में होंगे शामिल


भोपाल, 23 जून (हि.स.)। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव आज मंगलवार को राजधानी भोपाल के अचारपुरा स्थित राष्ट्रीय डिजाइन संस्थान मध्य प्रदेश (एनआईडी एमपी) परिसर में आयोजित पांच दिवसीय आदिरंग शिल्पकार महोत्सव 2026 समापन समारोह में शामिल होंगे।

जनसम्पर्क अधिकारी आरआर पटेल ने बताया कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव महोत्सव के दौरान जनजातीय शिल्पकारों द्वारा विकसित नवाचारपूर्ण उत्पादों एवं डिजाइन हस्तक्षेपों की प्रदर्शनी का अवलोकन करेंगे। साथ ही शिल्पकारों, डिजाइन विशेषज्ञों और प्रतिभागियों से संवाद भी करेंगे। कार्यक्रम में जनजातीय कार्य मंत्री डॉ. कुंवर विजय शाह विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे। समारोह में जनजातीय कला, शिल्प और आजीविका संवर्धन के क्षेत्र में किए जा रहे प्रयासों तथा डिजाइन आधारित नवाचारों की जानकारी दी जाएगी।

उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय डिजाइन संस्थान मध्य प्रदेश एवं वन्या, जनजातीय कार्य विभाग द्वारा आयोजित इस महोत्सव में प्रदेश के विभिन्न अंचलों से आए 140 से अधिक जनजातीय शिल्पकार भाग ले रहे हैं। भील, गोंड, बैगा सहित विभिन्न जनजातीय समुदायों के शिल्पकारों द्वारा अपनी पारंपरिक कला, शिल्प और हस्तनिर्मित उत्पादों का प्रदर्शन किया जा रहा है। महोत्सव में आयोजित डिजाइन हस्तक्षेप कार्यशालाओं में शिल्पकारों ने एनआईडी मध्य प्रदेश के संकाय सदस्यों एवं छात्र स्वयं सेवकों के सहयोग से बाजार की आवश्यकताओं के अनुरूप नए उत्पाद विकसित किए हैं।

समापन समारोह के अवसर पर इन कार्यशालाओं के दौरान विकसित उत्पादों और डिजाइन अवधारणाओं की विशेष प्रदर्शनी भी आयोजित की जाएगी। प्रदर्शनी शाम 5:30 बजे से आम नागरिकों के लिए खुली रहेगी, जहां आगंतुक उत्पादों को देख सकेंगे। साथ ही, भील, गोंड, बैगा सहित विभिन्न जनजातीय समुदायों के शिल्पकारों द्वारा प्रदर्शित मूल कलाकृतियां एवं हस्तशिल्प उत्पाद खरीद के लिए उपलब्ध रहेंगे।

आदिरंग शिल्पकार महोत्सव जनजातीय कला, संस्कृति और पारंपरिक ज्ञान को व्यापक मंच प्रदान करने के साथ शिल्पकारों के लिए नए बाजार एवं आजीविका के अवसर सृजित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। एनआईडी मध्यप्रदेश और वन्या के संयुक्त प्रयास से आयोजित यह महोत्सव डिजाइन और परंपरा के समन्वय का एक सशक्त उदाहरण बनकर उभर रहा है।

---------------

हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश तोमर

Share this story