आम जन को मिले शुद्ध और पर्याप्त पेयजल, शहरी तथा ग्रामीण क्षेत्र में व्यवस्था पर रखें सतत निगरानीः मंत्री सिलावट

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आम जन को मिले शुद्ध और पर्याप्त पेयजल, शहरी तथा ग्रामीण क्षेत्र में व्यवस्था पर रखें सतत निगरानीः मंत्री सिलावट


- प्रभारी मंत्री सिलावट ने की पेयजल, स्वास्थ्य एवं अन्य विकास कार्यों की समीक्षा

ग्वालियर, 12 जनवरी (हि.स.)। मध्य प्रदेश के जल संसाधन मंत्री एवं जिले के प्रभारी मंत्री तुलसीराम सिलावट ने कहा कि ग्वालियर जिले के शहरी तथा ग्रामीण क्षेत्र में पेयजल वितरण व्यवस्था पर सतत निगरानी की जाए। जिले में सभी पानी की टंकियों की साफ-सफाई करने के साथ ही जिन ट्यूबवेलों के माध्यम से पेयजल वितरण किया जाता है, उनके क्लोरीनेशन की कार्रवाई की जाए। कहीं पर भी पेयजल के संबंध में कोई शिकायत मिलती है तो उसका निराकरण तत्परता से किया जाए।

मंत्री सिलावट सोमवार को ग्वालियर में पेयजल वितरण व्यवस्था, स्वास्थ्य एवं अन्य विकास कार्यों की समीक्षा कर रहे थे। बैठक में विधायक मोहन सिंह राठौर, नगर निगम सभापति मनोज तोमर, जिला अध्यक्ष भाजपा जयप्रकाश राजौरिया, ग्रामीण अध्यक्ष प्रेम सिंह राजपूत, पूर्व मंत्री इमरती देवी सहित कलेक्टर रुचिका चौहान, नगर निगम आयुक्त संघ प्रिय, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी सोजान सिंह रावत, नगर निगम के अपर आयुक्त टी. प्रतीक राव, डीन मेडीकल कॉलेज डॉ. आर के एस धाकड़ सहित लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, स्वास्थ्य एवं नगर निगम के विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।

मंत्री सिलावट ने कहा कि शहरी तथा ग्रामीण क्षेत्र में वितरित होने वाले पेयजल की गुणवत्ता की नियमित और निर्धारित अंतराल पर जाँच कराई जाए। पेयजल वितरण व्यवस्था की निगरानी के लिये नगर निगम एवं स्मार्ट सिटी के माध्यम से कंट्रोल रूम स्थापित कर निरंतर मॉनीटरिंग की जाए। सीएम हैल्पलाइन, जनसुनवाई के साथ ही जनप्रतिनिधियों के माध्यम से पेयजल के संबंध में जो भी शिकायतें प्राप्त होती हैं, उनका निराकरण सर्वोच्च प्राथमिकता से किया जाए। उन्होंने यह भी निर्देशित किया कि जिन क्षेत्रों में पेयजल एवं सीवर की लाइन पास-पास हैं उन्हें चिन्हित कर ठीक करने का कार्य भी किया जाए।

कलेक्टर रुचिका चौहान ने बैठक में बताया कि ग्वालियर जिले में शहरी तथा ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल वितरण व्यवस्था की सतत निगरानी की जा रही है। सीएम हैल्पलाइन, जनसुनवाई एवं जनप्रतिनिधियों के माध्यम से पेयजल के संबंध में जो भी शिकायतें प्राप्त हुई हैं उनके निराकरण को सर्वोच्च प्राथमिकता के साथ किया गया है। शहरी क्षेत्र में जिन स्थानों पर पेयजल एवं सीवर की लाइनें पास-पास हैं उन्हें चिन्हित कर ठीक करने का कार्य किया जा रहा है। कि शहरी क्षेत्र में जिन स्थानों पर 20 साल से पुरानी पानी की लाइनें हैं उन स्थानों पर नई लाइन डाल दी गई है। इन स्थानों को चिन्हित कर पुरानी लाइनों को बंद करने का कार्य किया जा रहा है।

नगर निगम आयुक्त संघ प्रिय ने बताया कि नगर निगम के माध्यम से 1248 ऐसे ट्यूबवेल जिनके माध्यम से पेयजल वितरण हो रहा है उनके क्लोरीनेशन का काम कराया गया है। इसके साथ ही पेयजल की सेम्पलिंग कर निरंतर जाँच का कार्य कराया जा रहा है। निगम के माध्यम से पेयजल से संबंधित सीएम हैल्पलाइन एवं अन्य माध्यमों से प्राप्त शिकायतों में 112 शिकायतों को संतुष्टिपूर्वक बंद कराया गया है।

नगर निगम सभापति मनोज तोमर के माध्यम से आयोजित बैठक में पार्षदों द्वारा बताई गईं पेयजल संबंधी शिकायतों के निराकरण के लिये मैदानी अमले को तैनात कर निराकरण की कार्रवाई तेजी के साथ की जा रही है। जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी सोजान सिंह रावत ने ग्रामीण क्षेत्र में पेयजल वितरण व्यवस्था के संबंध में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि ग्रामीण क्षेत्र में स्थापित सभी पानी की टंकियों की साफ-सफाई का कार्य कराया गया है। साथ ही हैंडपंपों के क्लोरीनेशन का कार्य भी कराया गया है। पेयजल के संबंध में जनजागरूकता का भी कार्य ग्राम पंचायतों में कराया जा रहा है।

बैठक में विधायक मोहन सिंह राठौर, पूर्व मंत्री इमरती देवी, नगर निगम सभापति मनोज तोमर एवं भाजपा जिला अध्यक्ष जयप्रकाश राजौरिया ने भी पेयजल वितरण व्यवस्था एवं स्वास्थ्य सुविधाओं के संबंध में अपनी बात रखी। मंत्री सिलावट ने स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा के दौरान निर्देश दिए हैं कि जिले के सभी अस्पतालों एवं स्वास्थ्य केन्द्रों पर भी मरीजों व उनके अटेण्डरों को शुद्ध पेयजल मिले, यह सुनिश्चित किया जाए। स्वास्थ्य केन्द्रों में भी स्थापित पानी की टंकियों की साफ-सफाई, क्लोरीनेशन आदि का कार्य किया जाए। उन्होंने डीन मेडीकल कॉलेज को निर्देशित किया है कि अस्पतालों की व्यवस्था चाक-चौबंद रहे यह सुनिश्चित किया जाए। अस्पताल की सभी लिफ्टें चालू रहें यह भी सुनिश्चित किया जाए। अस्पताल की कोई भी लिफ्ट खराब हो तो उसे तत्परता से ठीक कराया जाए। मरीजों को उपचार के दौरान किसी प्रकार की परेशानी न हो।

हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश तोमर

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