हर पुलिस थाने में बाल कल्याण अधिकारी नियुक्त किए जाएं: डॉ. निवेदिता शर्मा

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हर पुलिस थाने में बाल कल्याण अधिकारी नियुक्त किए जाएं: डॉ. निवेदिता शर्मा


- बाल अधिकार संरक्षण आयोग की अध्यक्ष ने जिला स्तरीय समन्वय बैठक में दिए निर्देश

ग्वालियर, 10 अगस्त (हि.स.)। मध्य प्रदेश राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग की अध्यक्ष डॉ. निवेदिता शर्मा ने कहा कि हर पुलिस थाने में बाल कल्याण अधिकारी नियुक्त किए जाएं। साथ ही उन्हें प्रशिक्षण भी दिलाएं, जिससे वे पॉक्सो एक्ट सहित अन्य प्रावधानों के तहत बाल अधिकार संरक्षण में मदद कर सकें।

डॉ. निवेदिता शर्मा ने यह निर्देश सोमवार को ग्वालियर कलेक्ट्रेट के सभागार में जिला स्तरीय समन्वय बैठक में बाल अधिकारों, बाल संरक्षण व्यवस्थाओं एवं शासकीय व अशासकीय बाल देखरेख संस्थाओं की गतिविधियों की समीक्षा करते हुए दिए। बैठक में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी सोजान सिंह रावत, जिला बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष व सदस्यगण, किशोर न्याय बोर्ड के सदस्यगण, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शिवेश बघेल, जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला बाल विकास उपासना राय, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. एम एस सागर सहित स्कूल शिक्षा, सामाजिक न्याय व अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद थे।

बैठक में बाल अधिकार संरक्षण आयोग की अध्यक्ष डॉ. निवेदिता शर्मा ने जोर देकर कहा कि पॉक्सो अधिनियम के तहत दर्ज प्रकरण हर हाल में 24 घंटे के भीतर जिला बाल कल्याण समिति के समक्ष प्रस्तुत हो जाना चाहिए। पुलिस अधिकारी इस काम को गंभीरता से लें। उन्होंने पॉक्सो एक्ट से संबंधित प्रकरणों के लिये पर्याप्त सपोर्ट पर्सन नियुक्त करने के निर्देश जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला बाल विकास को दिए।

आयोग के अध्यक्ष ने कहा कि पॉक्सो एक्ट की धारा-4, 5 व 6 में दर्ज प्रत्येक प्रकरण में सपोर्ट पर्सन की व्यवस्था हर हाल में होना चाहिए। बाल संरक्षण संस्थाओं में निवासरत सभी बच्चों की नियमित हैल्थ व सुरक्षा ऑडिट करने पर भी बाल अधिकार संरक्षण आयोग की अध्यक्ष में विशेष बल दिया।

उन्होंने सभी आंगनबाड़ी केन्द्रों व स्कूलों में बच्चों के लिए शुद्ध पेयजल, स्वच्छ शौचालय इत्यादि मूलभूत सुविधाओं की पुख्ता व्यवस्था करने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए। साथ ही बच्चों को नशे की प्रवृत्ति से दूर करने के लिये ग्वालियर में रिहैबिटेशन सेंटर शुरू करने के निर्देश संयुक्त संचालक सामाजिक न्याय को दिए। उन्होंने सहायक श्रम आयुक्त को भी निर्देश दिए कि बाल श्रम को रोकने के लिये प्रभावी कदम उठाएं।

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी से बाल संरक्षण आयोग के अध्यक्ष ने कहा कि सुनने में असमर्थ 6 वर्ष तक के बच्चों को स्वास्थ्य व महिला बाल विकास विभाग के मैदानी अमले के सहयोग से चिन्हित करें और सरकार के खर्चे पर उनके कानों में कोक्लियर इम्प्लांट लगवाएं।

बैठक में पॉस्को अधिनियम, किशोर न्याय अधिनियम, बाल विवाह निषेध, शिक्षा का अधिकार अधिनियम के तहत वंचित वर्ग के बच्चों का स्कूलों में प्रवेश, बच्चों के पोषण की स्थिति, गुमशुदा, शोषित व जोखिमग्रस्त एवं संरक्षण की आवश्यकता वाले बच्चों की पहचान, पुनर्वास एवं बाल देखरेख संस्थाओं, स्कूल शिक्षा व जनजाति कल्याण विभाग के छात्रावासों की व्यवस्थाओं की समीक्षा भी की गई।

जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी सोजान सिंह रावत ने सभी विभागो के अधिकारियों को बैठक में दिए गए दिशा-निर्देशों का समयबद्ध कार्यक्रम के तहत पालन करने के निर्देश दिए।

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हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश तोमर

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