छिंदवाड़ा: तीन दिवसीय कृषि मेला एवं मिलेट फूड फेस्टिवल आज से

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छिंदवाड़ा: तीन दिवसीय कृषि मेला एवं मिलेट फूड फेस्टिवल आज से


छिंदवाड़ा: तीन दिवसीय कृषि मेला एवं मिलेट फूड फेस्टिवल आज से


- मिलेट्स व्यंजनों का आनंद ले सकेंगे शहरवासी, रोड शो और ऑरेंज फेस्टिवल भी रहेंगे आकर्षण का केंद्र

छिन्दवाडा, 26 फरवरी (हि.स.)। मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा में किसान कल्याण वर्ष 2026 के अंतर्गत जिला स्तरीय कृषि मेला एवं मिलेट फूड फोस्टिवल सह रोड शो 2026 का आयोजन आज गुरुवार से स्थानीय पोला ग्राउंड (दशहरा मैदान) में शुरू हो रहा है। यह तीन दिवसीय फूड फेस्टिवल 28 फरवरी तक चलेगा।

कलेक्टर हरेंद्र नारायन के अनुसार, मध्य प्रदेश शासन द्वारा वर्ष 2026 को किसान कल्याण वर्ष के रूप में मनाया जा रहा है। शासन के निर्देशानुसार श्री अन्न (मिलेट्स) फसलों जैसे कोदो, कुटकी, सवां, ज्वार, बाजरा एवं रागी के उत्पादन, प्रसंस्करण, मूल्य संवर्धन एवं विपणन को बढ़ावा देने तथा कृषकों, युवाओं, उद्यमियों, एफपीओ और उपभोक्ताओं को जोड़ने के उद्देश्य से इस जिला स्तरीय मिलेट्स मेले का आयोजन किया जा रहा है।

30 से अधिक मिलेट्स व्यंजनों के स्टॉल

जनसम्पर्क अधिकारी नीलू सोनी ने बताया कि मेले में जिले के एफपीओ, स्व-सहायता समूह, एनजीओ एवं निजी संस्थाओं द्वारा 30 से अधिक फूड स्टॉल लगाए जाएंगे। प्रमुख रूप से पातालकोट की रसोई एवं वनभोज की रसोई द्वारा मक्के की रोटी, टमाटर की चटनी, बैंगन भर्ता, कुटकी चावल, मिलेट्स चीला/डोसा, रागी सूप, मक्के की भेल, कुटकी की खीर, महुआ की पूड़ी, मक्के का खूद, महेरी, लड्डू, मकर संक्रांति विशेष मिठाइयाँ एवं बाजरे की खिचड़ी जैसे देशी व्यंजन उपलब्ध रहेंगे। विभिन्न स्टॉलों पर ज्वार, बाजरा, कोदो, कुटकी एवं रागी से बने व्यंजनों का विक्रय किया जाएगा। इसके अतिरिक्त जिले में उत्पादित चिरौंजी की बर्फी, स्ट्रॉबेरी, शहद, कच्ची घानी का तेल, गुड़ पाउडर एवं क्यूब, कोदो-कुटकी चावल आदि के स्टॉल आकर्षण का केंद्र रहेंगे।

इसके अलावा कार्यक्रम में ऑरेंज फेस्टीवल, एक जिला एक उत्पाद कार्यशाला एवं बॉयर सेलर मीटिंग, श्री अन्न जागरूकता रोड शो, मिलेट (श्री अन्न) व्यंजन स्टॉल, सांस्कृतिक कार्यक्रम, आधुनिक कृषि तकनीकी का प्रदर्शन, उद्यानिकी कृषि संगोष्ठी एवं प्रर्दशनी, किसान संगोष्ठी पर परिचर्चा, उन्नत बीज एवं कृषि यंत्र प्रदर्शनी एवं जैविक एवं प्राकृतिक उत्पाद स्टॉल भी आकर्षण का केंद्र रहेंगे।

तकनीकी मिलेट्स गैलरी और सांस्कृतिक कार्यक्रम-

मेले में तकनीकी मिलेट्स गैलरी बनाई जाएगी, जिसमें युवाओं एवं शहरवासियों को मिलेट्स के पोषण महत्व से अवगत कराया जाएगा तथा उन्हें दैनिक भोजन में शामिल करने के लिए प्रेरित किया जाएगा। तीन दिवसीय आयोजन के दौरान आदिवासी अंचलों की संस्कृति को लोकगीत एवं लोकनृत्य के माध्यम से प्रस्तुत किया जाएगा। जागरूकता रैली के माध्यम से मिलेट्स रोड शो का भी आयोजन किया जाएगा। साथ ही ऑरेंज फेस्टिवल का भी आयोजन होगा, जिसमें नाबार्ड समर्थित एफपीओ द्वारा ऑरेंज स्टॉल लगाए जाएंगे।

विभिन्न विभागों की सहभागिता-

कृषि विभाग द्वारा मिलेट्स एवं जैविक/प्राकृतिक उत्पादों की प्रदर्शनी लगाई जाएगी। वन विभाग द्वारा ‘वन भोज रसोई’ के माध्यम से मिलेट्स व्यंजन प्रस्तुत किए जाएंगे। उद्यानिकी विभाग द्वारा फ्लावर शो, टेरिस गार्डनिंग एवं प्रदर्शनी आयोजित की जाएगी। पशुपालन एवं डेयरी विभाग द्वारा दुग्ध उत्पाद, शुद्ध प्राकृतिक घी एवं एटू मिल्क का स्टॉल लगाया जाएगा।

एनआरएलएम समूहों द्वारा जैविक उत्पाद, मिलेट्स व्यंजन, जैविक गुलाल, गो-कास्ट उत्पाद एवं टेराकोटा सामग्री का विक्रय किया जाएगा। नगर पालिक निगम द्वारा ‘वेस्ट टू बेस्ट’ थीम पर स्टॉल लगाया जाएगा।

जवाहरलाल नेहरू कृषि विश्वविद्यालय एवं कृषि विज्ञान केन्द्र चंदनगांव/देलाखारी द्वारा मिलेट्स आधारित उत्पादों की प्रदर्शनी लगाई जाएगी। इसके अलावा नरसिंहपुर-गाडरवाड़ा की प्रसिद्ध तुअर दाल एवं जैविक गुड़ तथा मंडला जिले की प्रसिद्ध गोंड पेंटिंग का प्रदर्शन भी मेले में किया जाएगा।

जिला प्रशासन की अपील- जिला प्रशासन ने समस्त जिलावासियों से अपील की है कि वे अधिक से अधिक संख्या में परिवार सहित मेले में सम्मिलित होकर मिलेट्स व्यंजनों का आनंद लें और उनके स्वास्थ्य लाभों की जानकारी प्राप्त करें। कार्यक्रम प्रतिदिन प्रात: 11:00 बजे से रात्रि 09:00 बजे तक संचालित रहेगा।

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हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश तोमर

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