स्वतंत्रता सेनानियों की स्मृतियों को संजोना राष्ट्र के प्रति हमारी जिम्मेदारी : मंत्री पटेल
- स्वतंत्रता सेनानी जवाहरलाल दर्डा की स्मृति में केंद्रीय जेल में सभा भवन का शिलान्यास
जबलपुर, 04 जुलाई (हि.स.)। मध्य प्रदेश के पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल ने कहा कि स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के संघर्ष, त्याग और बलिदान को केवल इतिहास तक सीमित नहीं रखा जा सकता, बल्कि नई पीढ़ी तक उनकी प्रेरणा पहुंचाना भी हमारी जिम्मेदारी है।
मंत्री पटेल शनिवार को जबलपुर के नेताजी सुभाष चंद्र बोस केंद्रीय जेल में स्वतंत्रता संग्राम सेनानी स्वर्गीय जवाहरलाल दर्डा की स्मृति में निर्मित होने वाले स्वतंत्रता सेनानी जवाहरलाल दर्डा सभा भवन के शिलान्यास कार्यक्रम को बतौर मुख्य अतिथि संबोधित कर रहे थे। कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि विधायक अशोक रोहाणी थे एवं अध्यक्षता महाराष्ट्र के पूर्व उद्योग मंत्री राजेंद्र दर्डा ने की।
मंत्री पटेल ने कहा कि जबलपुर का स्वतंत्रता आंदोलन में विशेष योगदान रहा है। राष्ट्रीय ध्वज आंदोलन से लेकर नेताजी सुभाष चंद्र बोस के जीवन की अनेक महत्वपूर्ण घटनाएं इस शहर से जुड़ी हैं। उन्होंने बताया कि जब वे संस्कृति मंत्री थे तब उन्हें उसी ऐतिहासिक टाउन हॉल में राष्ट्रीय ध्वज फहराने का अवसर मिला, जहां पहली बार तिरंगा फहराया गया था। उन्होंने कहा कि ऐसे ऐतिहासिक स्थलों और स्मृतियों का संरक्षण राष्ट्रीय चेतना को मजबूत करता है।
पटेल ने कहा कि स्वर्गीय जवाहरलाल दर्डा ने युवावस्था में ही स्वतंत्रता आंदोलन में सक्रिय भूमिका निभाई और बाद में लोकतांत्रिक मूल्यों, जनसेवा तथा पत्रकारिता के माध्यम से समाज के प्रति अपना दायित्व निभाया। उन्होंने दर्डा परिवार की सराहना करते हुए कहा कि नई पीढ़ी अपने पूर्वजों के आदर्शों को केवल स्मरण ही नहीं कर रही, बल्कि उन्हें समाजहित के कार्यों के माध्यम से आगे भी बढ़ा रही है।
मंत्री पटेल ने कहा कि जेल केवल दंड का स्थान नहीं, बल्कि आत्मचिंतन, आत्ममंथन और सकारात्मक परिवर्तन का केंद्र है। उन्होंने कहा कि बंदियों के व्यक्तित्व विकास और पुनर्वास के लिए ऐसे सभा भवन अत्यंत उपयोगी सिद्ध होंगे। उन्होंने लोकमत समूह द्वारा अपने सामाजिक दायित्व का निर्वहन करते हुए जेल परिसर में सभा भवन के निर्माण की पहल को अनुकरणीय बताया।
विधायक अशोक रोहाणी ने कहा कि स्वर्गीय जवाहरलाल दर्डा का जीवन राष्ट्रसेवा, सामाजिक सरोकार और जनहित के प्रति समर्पित रहा। उन्होंने कहा कि दर्डा परिवार अपने पूर्वजों की विरासत को सहेजते हुए समाजसेवा के कार्यों को निरंतर आगे बढ़ा रहा है। उन्होंने कहा कि जबलपुर से स्वर्गीय दर्डा का ऐतिहासिक संबंध रहा है और उनकी स्मृति में केंद्रीय जेल में सभा भवन का निर्माण आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणादायी रहेगा।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए राजेंद्र दर्डा ने कहा कि उनके पिता स्वर्गीय जवाहरलाल दर्डा ने युवावस्था में महात्मा गांधी के आह्वान पर स्वतंत्रता आंदोलन में भाग लिया और भारत छोड़ो आंदोलन के दौरान लगभग 19 माह तक इसी केंद्रीय जेल में निरुद्ध रहे। उन्होंने कहा कि इस कारण जबलपुर और इस जेल से उनके परिवार का गहरा भावनात्मक संबंध है। उन्होंने बताया कि स्वतंत्रता के बाद बाबूजी ने जनसेवा, लोकतांत्रिक मूल्यों और पत्रकारिता को जीवन का उद्देश्य बनाया। उन्हीं आदर्शों को आगे बढ़ाते हुए शिक्षा, स्वास्थ्य और सामाजिक सरोकारों से जुड़े अनेक कार्य कर रहा हूं।
जेल अधीक्षक अखिलेश तोमर ने कहा कि नया सभा भवन बंदियों के सांस्कृतिक, शैक्षणिक, प्रशिक्षण एवं सुधारात्मक कार्यक्रमों के लिए अत्यंत उपयोगी रहेगा। उन्होंने कहा कि इससे बंदियों के व्यक्तित्व विकास और सकारात्मक पुनर्वास गतिविधियों को और अधिक गति मिलेगी। उन्होंने लोकमत समूह के प्रति आभार व्यक्त करते हुए इसे जेल प्रशासन के लिए महत्वपूर्ण सहयोग बताया।
मंचीय कार्यक्रम के पश्चात अतिथियों ने सभा भवन के निर्माण स्थल पर विधिवत पूजन-अर्चन के साथ शिलान्यास किया। कार्यक्रम के पूर्व पंचायत मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल ने केंद्रीय जेल परिसर स्थित नेताजी सुभाष चंद्र बोस की बैरक में उनके चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। इस अवसर पर पूर्व महापौर सदानंद गोडबोले, पूर्व महापौर स्वाति गोडबोले सहित बड़ी संख्या में बंदी उपस्थित रहे।
एसआईआरडी भाग-2 का निरीक्षण
पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल ने शनिवार को करमेता स्थित राज्य ग्रामीण विकास संस्थान (एसआईआरडी) भाग-2 का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने परिसर में पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। मंत्री पटेल ने एसआईआरडी भाग-2 के भवन, परिसर एवं व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया। उन्होंने भवन में बने विभिन्न कक्षों का अवलोकन कर अधिकारियों से आवश्यक जानकारी प्राप्त की। साथ ही परिसर में सड़क, बाउंड्रीवॉल एवं अन्य विकास कार्यों के संबंध में आवश्यक निर्देश दिए।
मंत्री पटेल ने परिसर में अधिक से अधिक पौधे लगाने और पहले से लगाए गए पौधों के संरक्षण पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि संस्थान परिसर को ग्रीन कैंपस के रूप में विकसित किया जाए। इसके लिए पौधों की नियमित देखभाल और संरक्षण सुनिश्चित किया जाए, ताकि परिसर का वातावरण स्वच्छ, सुंदर और हराभरा बना रहे।
निरीक्षण के दौरान मंत्री पटेल ने परिसर की साफ-सफाई, हरियाली के रखरखाव तथा अन्य व्यवस्थाओं का भी जायजा लिया। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण सभी की जिम्मेदारी है और इस दिशा में सामूहिक प्रयास किए जाने चाहिए। निरीक्षण के दौरान संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
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हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश तोमर

