मध्य प्रदेश में बस का सफर हुआ महंगा, सरकार ने 75 पैसे प्रति मीटर बढ़ाया किराया

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मध्य प्रदेश में बस का सफर हुआ महंगा, सरकार ने 75 पैसे प्रति मीटर बढ़ाया किराया


भोपाल, 05 अगस्त (हि.स.)। मध्य प्रदेश में महंगाई की मार से जूझते आम लोगों को एक और बढ़ा झटका लगा है। प्रदेश में बस से सफर करना अब महंगा हो गया है। परिवहन विभाग ने बुधवार को बस किराए में बढ़ोतरी का नोटिफिकेशन जारी कर नई दरें लागू कर दी हैं। परिवहन विभाग ने बस किराये में 75 पैसे प्रति किलोमीटर की बढ़ोतरी की है।

राज्य के परिवहन विभाग द्वारा जारी नोटिफिकेशन के अनुसार, नई व्यवस्था के तहत अब सामान्य बसों का अधिकतम किराया दो रुपये प्रति यात्री प्रति किलोमीटर होगा, जबकि न्यूनतम किराया 10 रुपये तय किया गया है। पहले यह दर 1.25 रुपये प्रति किलोमीटर थी, यानी किराये में 75 पैसे प्रति किलोमीटर की बढ़ोतरी की गई है। नई दरों के अनुसार यदि कोई यात्री 100 किलोमीटर की यात्रा करता है तो उसे पहले अधिकतम 125 रुपये किराया देना पड़ता था, जबकि अब उसे 200 रुपये तक किराया देना होगा।

बसों की अलग-अलग श्रेणियों के लिए नई दरें

नोटिफिकेशन के मुताबिक रात्रिकालीन सामान्य बस सेवा का किराया सामान्य दर से 10 प्रतिशत अधिक होगा। वहीं डीलक्स (नॉन एसी) बसों में 25 प्रतिशत, स्लीपर बसों में 40 प्रतिशत, डीलक्स एसी बसों में 50 प्रतिशत और सुपर लग्जरी एसी कोच में 75 प्रतिशत तक अधिक किराया लिया जा सकेगा। हालांकि, डीलक्स, स्लीपर और लग्जरी बसों पर अलग से नाइट चार्ज नहीं लगेगा। एक्सप्रेस बस सेवाओं पर भी अतिरिक्त शुल्क नहीं लिया जाएगा।

बस किराया बढ़ने का सबसे ज्यादा असर लंबी दूरी के यात्रियों पर पड़ेगा। लंबी दूरी के रूटों पर 55 से 60 प्रतिशत तक किराया बढ़ सकता है। मध्य प्रदेश बस ओनर्स एसोसिएशन के उपाध्यक्ष वीरेंद्र साहू ने बताया कि नई दरें लागू होने के बाद 400 रुपये का किराया बढ़कर 600 से 700 रुपये तक पहुंच सकता है। यानी लंबी दूरी की यात्रा करने वाले यात्रियों को पहले से अधिक किराया देना होगा।

हड़ताल की चेतावनी के बाद बढ़ा किराया

बस किराया बढ़ाने का फैसला मध्य प्रदेश बस ऑनर्स एसोसिएशन की हड़ताल की चेतावनी के बाद लिया गया है। दो दिन पहले परिवहन मंत्री उदय प्रताप सिंह और विभागीय अधिकारियों के साथ एसोसिएशन की बैठक हुई थी, जिसमें किराया बढ़ाने पर सहमति बनी थी। इसके बाद सरकार ने नया नोटिफिकेशन जारी कर दिया।

मध्य प्रदेश बस ऑनर्स एसोसिएशन का कहना है कि पिछले पांच वर्षों से बस किराये में बढ़ोतरी नहीं हुई थी, जबकि डीजल और संचालन का खर्च लगातार बढ़ा है। उन्होंने बताया कि संगठन ने सरकार के सामने पांच मांगें रखी हैं। यदि बाकी मांगों पर निर्णय नहीं हुआ तो 7 अगस्त की रात 12 बजे से प्रदेशभर में निजी बसों का संचालन बंद किया जाएगा। एसोसिएशन ने सरकार से 40 ऐसे मार्गों पर भी निजी बसों को परमिट देने की मांग की है, जहां फिलहाल केवल मुख्यमंत्री सुगम बस परिवहन सेवा के लिए अनुमति का प्रावधान किया गया है। उनका कहना है कि यदि इन मार्गों पर निजी बसों को संचालन की अनुमति नहीं मिली तो आंदोलन जारी रहेगा।

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हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश तोमर

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