बालाघाट जिले के बिरसा में बच्चों की मौत पर दिग्विजय सिंह ने जताई चिंता, राज्य स्तरीय जांच की मांग

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बालाघाट जिले के बिरसा में बच्चों की मौत पर दिग्विजय सिंह ने जताई चिंता, राज्य स्तरीय जांच की मांग


मृत बच्चों के परिजनों को 10-10 लाख रुपये सहायता और गंभीर बच्चों को बेहतर उपचार के लिए एयरलिफ्ट करने का आग्रह

भोपाल, 12 अगस्त (हि.स.)। मध्य प्रदेश के बालाघाट जिले के बिरसा क्षेत्र में बच्चों की मौत और बड़ी संख्या में बच्चों के बीमार होने के मामले को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री एवं कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को पत्र लिखकर चिंता जताई है। उन्होंने मामले की राज्य स्तर पर जांच कराने, जिम्मेदारी तय करने और प्रभावित परिवारों को तत्काल राहत एवं चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने की मांग की है।

दिग्विजय सिंह ने बुधवार काे मुख्यमंत्री डाॅ यादव को लिखे पत्र में कहा कि बिरसा क्षेत्र के आदिवासी बहुल गांवों में पिछले कुछ दिनों से बड़ी संख्या में बच्चे बीमार हैं। उनके अनुसार, दूषित पानी और संक्रमण से जुड़ी बीमारियों की आशंका के बीच कई बच्चों की मौत हुई है। उन्होंने कहा कि मृतकों की संख्या को लेकर अलग-अलग जानकारी सामने आ रही है और स्थिति की वास्तविकता स्पष्ट करने के लिए विस्तृत जांच आवश्यक है।

पूर्व मुख्यमंत्री सिंह ने बताया कि जिला चिकित्सालय में बड़ी संख्या में बच्चों के उपचार की जानकारी सामने आई है। उन्होंने मुख्यमंत्री से आग्रह किया कि प्रभावित गांवों में विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम भेजकर स्वास्थ्य शिविर लगाए जाएं तथा गंभीर रूप से बीमार बच्चों को आवश्यकता के अनुसार उच्च चिकित्सा संस्थानों में उपचार उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने कहा कि बिरसा विकासखंड के बोंदारी, कुंडेकसा, कोरका सहित आसपास के गांवों में बीमारी को लेकर ग्रामीणों में चिंता का माहौल है। ऐसे में प्रशासन को घर-घर स्वास्थ्य परीक्षण, पेयजल स्रोतों की जांच और संक्रमण की रोकथाम के लिए प्रभावी कदम उठाने चाहिए।

स्वास्थ्य मंत्री और प्रमुख सचिव को क्षेत्र में भेजने का आग्रह

दिग्विजय सिंह ने मुख्यमंत्री से स्वास्थ्य मंत्री एवं स्वास्थ्य विभाग के प्रमुख अधिकारियों को चिकित्सा विशेषज्ञों के साथ प्रभावित गांवों का दौरा करने के निर्देश देने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि प्रभावित क्षेत्रों में पर्याप्त मेडिकल टीम तैनात कर उपचार और निगरानी की व्यवस्था की जानी चाहिए। उन्होंने पेयजल व्यवस्था पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि सरकार की ‘हर घर नल से जल’ योजना के बावजूद यदि किसी क्षेत्र में दूषित पानी की वजह से बीमारी फैलने की आशंका है तो इसकी जांच कर जिम्मेदारी तय की जानी चाहिए। उन्होंने जल स्रोतों और नल-जल योजनाओं के पानी के नमूनों की जांच कराने की मांग की।

मृत बच्चों के परिजनों को 10 लाख रुपये सहायता की मांग

पूर्व मुख्यमंत्री ने प्रत्येक मृत बच्चे के परिवार को मुख्यमंत्री सहायता कोष से 10 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की मांग की। साथ ही गंभीर रूप से बीमार बच्चों को आवश्यकता होने पर एयरलिफ्ट कर नागपुर, रायपुर या भोपाल जैसे बड़े चिकित्सा केंद्रों में उपचार उपलब्ध कराने और इलाज का खर्च राज्य सरकार द्वारा वहन किए जाने का आग्रह किया। दिग्विजय सिंह ने कहा कि प्रभावित परिवार आर्थिक रूप से कमजोर हैं और इस संकट की स्थिति में उन्हें तत्काल चिकित्सा एवं आर्थिक सहायता की जरूरत है। उन्होंने सरकार से बीमारी के कारणों की वैज्ञानिक जांच कराने, प्रभावित क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने तथा यदि किसी स्तर पर लापरवाही सामने आती है तो जिम्मेदारी तय कर कार्रवाई करने की मांग की।

उन्होंने मुख्यमंत्री से मामले में तत्काल हस्तक्षेप कर प्रभावित परिवारों को राहत देने और क्षेत्र में स्वास्थ्य संबंधी स्थिति को नियंत्रित करने के लिए आवश्यक कदम उठाने की अपेक्षा की है।

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हिन्दुस्थान समाचार / नेहा पांडे

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