भोपालः गौशाला में मृत मिले गौवंश को लेकर हिंदू संगठनों ने किया प्रदर्शन, दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग

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भोपालः गौशाला में मृत मिले गौवंश को लेकर हिंदू संगठनों ने किया प्रदर्शन, दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग


भोपाल, 10 जनवरी (हि.स.)। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में नगर निगम की अरवलिया स्थित गौशाला में छह गौवंश मृत मिलने पर हिंदू संगठनों ने शुक्रवार की रात जोरदार प्रदर्शन किया। मामले को लेकर संगठन के पदाधिकारियों ने ईंटखेड़ी थाने में शिकायत भी की है, जिसमें कहा गया कि गाएं भूख के मारे गोबर मिक्स चारा खा रही हैं। हिंदू संगठनों ने निगम कर्मचारियों की लापरवाही से गायों की मौत होने के बात कही है और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है।

दरअसल, विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल के पदाधिकारी शुक्रवार देर रात गौशाला पहुंचे थे। यहां मुख्य गेट पर ताला लगा था। इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस की मौजूदगी में नगर निगम के कुछ कर्मियों को बुलवाकर जब अंदर जाकर देखा तो छह गौवंश मृत पाए गए, जबकि चार गंभीर रूप से बीमार थे। गौशाला प्रबंधन ने अंदर ही एक बड़ा गड्‌ढा खोदा था। आरोप है कि इसमें मृत गौवंश को चोरी-छिपे दफनाने की तैयारी थी। विरोध करते हुए हिंदू संगठनों ने सद्बुद्धि के लिए श्री हनुमान चालीसा का पाठ भी किया। तब जाकर निगम के एडीसी देर रात मौके पर पहुंचे और दोषियों पर कार्रवाई करने की बात कही।

प्रदर्शन के दौरान प्रांत सह गौशाला संपर्क प्रमुख विनोद जोहरे समेत वीर सावरकर, नितिन साहू, राजेंद्र नामदेव, रवि कुशवाह, अभिषेक शर्मा, राकेश रायकवार, गौरव मिश्रा, अभिषेक कुशवाह, कैलाश कुशवाह आदि मौजूद थे। उन्होंने थाने में आवेदन देने के बाद मृत गौवंश के शवों को पोस्टमार्टम के लिए पशु अस्पताल भिजवाया।

स्लॉटर हाउस की गाड़ी में मिले मांस में गौमांस को लेकर सियासत गर्मइधर, राजधानी भोपाल में स्लॉटर हाउस की गाड़ी में मिले मांस में गोमांस की पुष्टि होने के बाद सियासत भी गरमा गई है। कांग्रेसियों के साथ निगम में विपक्षी पार्षद भी 'शहर सरकार' पर हमलावर हैं। वरिष्ठ कांग्रेस पार्षद योगेंद्र सिंह गुड्‌डू चौहान ने शनिवार को एक बयान में कहा कि यह बेहद शर्मनाक है। स्लॉटर हाउस की अनुमति का प्रस्ताव निगम परिषद में नहीं लाया गया। चुपचाप एमआईसी में इसकी अनुमति दे दी गई। जितनी बड़ी मात्रा में गोमांस मिला है, उसका मतलब है कि 650 से अधिक गायों का वध हुआ है। इसके लिए निगम ही जिम्मेदार है।

गौरतलब है कि गत 17-18 दिसंबर की रात हिंदू संगठनों के सदस्यों ने पीएचक्यू के सामने मांस ले जा रहे एक कंटेनर को रोका था। तब दो युवकों को पकड़ा गया था। कंटेनर में भोपाल स्लॉटर हाउस से जारी मीट सर्टिफिकेट मिला था, जिसके आधार पर पुलिस ने ट्रक और मांस को जाने दिया था। बाद में जब्त नमूनों में गौमांस की पुष्टि हुई। इसके बाद गत दिवस कांग्रेस ने माता मंदिर स्थित नगर निगम मुख्यालय का घेराव किया था। कांग्रेस के प्रदेश महासचिव पूर्व पार्षद अमित शर्मा समर्थकों के साथ निगम मुख्यालय पहुंचे और स्लॉटर हाउस पर बुलडोजर चलाने की मांग की। अन्य कांग्रेस नेताओं ने भी इस कृत्य के लिए भाजपा को ही जिम्मेदार ठहराया।

हालांकि, भाजपा से जुड़े जनप्रतिनिधि इसके लिए निगम प्रशासन को जिम्मेदार बताते हुए जिम्मेदारों पर सख्त कार्रवाई करने की बात कह रहे हैं। इस मामले को लेकर भोपाल सांसद आलोक शर्मा ने कहा कि सरकार और पुलिस प्रशासन को इस बात की जांच करना चाहिए कि आखिर वो कौन लोग हैं, जो शहर के भीतर गोकशी को संरक्षण दे रहे हैं। ऐसे सभी लोगों को कठघरे में खड़ा करना चाहिए, चाहे वे कितने ही प्रभावशाली क्यों न हों? मेरे महापौर कार्यकाल में शहर के भीतर कहीं भी स्लॉटर हाउस की अनुमति नहीं दी गई, क्योंकि हमें इस तरह की घटना की आशंका थी।

वहीं, मंत्री विश्वास सारंग ने कहा कि इस जघन्य कृत्य में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। मामले में दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी। ऐसी सजा दिलाई जाएगी, जो समाज में स्पष्ट और सशक्त नजीर बने। शासन-प्रशासन संवेदनशीलता और तत्परता के साथ कार्य कर रहा है। कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों के लिए शून्य सहनशीलता की नीति अपनाई जाएगी।

हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश तोमर

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