अटल जी का जीवन लोकतांत्रिक मूल्यों के लिए प्रतिबद्धता का उदाहरण: मुख्यमंत्री मोहन यादव

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अटल जी का जीवन लोकतांत्रिक मूल्यों के लिए प्रतिबद्धता का उदाहरण: मुख्यमंत्री मोहन यादव


अटल जी का जीवन लोकतांत्रिक मूल्यों के लिए प्रतिबद्धता का उदाहरण: मुख्यमंत्री मोहन यादव


- मुख्यमंत्री ने भोपाल के गोविंदपुरा में निजी प्रतिष्ठान में स्व. अटल जी की प्रतिमा का किया अनावरण

भोपाल, 21 सितम्बर (हि.स.)। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि स्व. अटल बिहारी वाजपेयी भारतीय राजनीति के महान पुरोधा थे। उन्होंने देश को विकास और सुशासन की नई दिशा दिखाई। स्व. अटलजी भारतीय राजनीति और राष्ट्रजीवन का गौरव हैं। उनका जीवन लोकतांत्रिक मूल्यों के लिये प्रतिबद्धता का उदाहरण है। उनके विचार युगों तक हम सबको सदैव प्रेरणा देते रहेंगे।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सोमवार को भोपाल के गोविंदपुरा औद्योगिक प्रक्षेत्र स्थित निजी प्रतिष्ठान के परिसर में भारत रत्न एवं पूर्व प्रधानमंत्री श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी की प्रतिमा का अनावरण करने के बाद आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि श्रद्धेय अटलजी का जीवन हम सभी के लिए मार्गदर्शक प्रकाशपुंज है। वे शुचिता और विनम्रता की प्रतिमूर्ति थे। उनके राष्ट्रवाद और सुशासन के आदर्शों को अपनाना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि है।

उन्होंने कहा कि स्व. अटलजी का सम्पूर्ण जीवन देशसेवा और जनसेवा को समर्पित रहा। उनके व्यक्तित्व में लोककल्याण और राजनीतिक शुचिता ही सदैव अटल रहे। मुख्यमंत्री ने कहा कि राजनीति में शुचिता, विचारों में दृढ़ता और व्यवहार में सौम्यता, इन तीन महान गुणों का संगम अटलजी के व्यक्तित्व की पहचान थी। अटलजी ने सत्ता और विपक्ष, दोनों में लोकतांत्रिक मर्यादाओं का उदाहरण प्रस्तुत किया। उनकी यह सीख आज भी प्रासंगिक है कि सत्ता आती-जाती रहती है, सरकारें बदलती रहती हैं, लेकिन देश और लोकतंत्र बने रहना चाहिए।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी के दिखाए रास्ते, उनके राष्ट्रवाद और सुशासन के मॉडल को अपनाना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि है। आज जब प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत विश्व गुरु बनने की ओर अग्रसर है, तब अटल जी के विचारों और आदर्शों को आत्मसात करना सभी का दायित्व है। स्व. अटलजी ने हमें यह सिखाया कि सत्ता में रहते हुए किस प्रकार का आचरण होना चाहिए और विपक्ष में रहते हुए राजनीतिक मर्यादाओं का पालन कैसे किया जाता है।

उन्होंने कहा कि अटलजी ने विपक्ष में रहते हुए सबसे लम्बे समय तक विपक्ष के नेता का दायित्व निभाया। आपातकाल के दौर में जब लोकतंत्र पर कुठाराघात हुआ, तो उन्होंने करीब 19 माह तक जेल में बिताए थे। भारतीय राजनीति का इतिहास रहा है कि जब राष्ट्र पर संकट आता है, तो हम भारतीय दलों की सीमाएं भूल कर एक संकल्प के साथ खड़े हो जाते हैं। उन्होंने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के कार्यकाल में जब बांग्लादेश युद्ध चल रहा था, तो श्रद्धेय अटलजी ने खुले दिल से प्रधानमंत्री और सरकार का समर्थन किया था।

सत्ता तो आती-जाती रहती है, देश और लोकतंत्र बने रहना चाहिए

मुख्यमंत्री ने अटलजी के संसदीय जीवन का उल्लेख करते हुए कहा कि उन्होंने संसद में खड़े होकर कहा था कि सत्ता तो आती-जाती रहती है और सरकारें भी बदलती रहती हैं, लेकिन देश बना रहना चाहिए, देश का लोकतंत्र कायम रहना चाहिए। मुख्यमंत्री ने इसे भारत के लोकतंत्र की गरिमा और अटलजी के महान व्यक्तित्व का प्रमाण बताया। उन्होंने कहा कि नई पीढ़ी को यह जानना चाहिए कि हमारे बीच ऐसे अटलजी रहे हैं, जिन्होंने सरकार के नेता के साथ विपक्ष के नेता की भूमिका और उसके दायित्वों का भी आदर्श प्रस्तुत किया। मुख्यमंत्री ने निजी प्रतिष्ठान के मालिक त्रिलोकी अग्रवाल का आभार व्यक्त कर कहा कि उन्होंने अपने निजी प्रतिष्ठान में अटलजी की प्रतिमा लगाकर समाज को उनके प्रेरणादायी जीवन से जोड़ने का पुनीत कार्य किया है।

कार्यकम में मौजूद पूर्व राज्यपाल कप्तान सिंह सोलंकी ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव प्रदेश के मुख्य सेवक हैं। प्रधानमंत्री मोदी भी स्वयं को देश का प्रधान सेवक ही मानते हैं। उन्होंने सेवा संकल्प अभियान में जनकल्याण का संकल्प लिया है। प्रजा की भलाई के बिना जनसेवा नहीं हो सकती है। जनसेवा से सुशासन स्थापित होता है। आज यहां अटल जी की प्रतिमा नहीं, एक प्रेरणा पुंज का अनावरण हुआ है।

उन्होंने कहा कि देश को एक सूत्र में पिरोने के साथ सभी को देश के प्रति अपने कर्त्तव्यपालन पर ध्यान देना होगा। अटलजी के लिए राष्ट्र हमेशा सर्वोपरि रहा। वे देश को जोड़ने के लिए 'स्वर्णिम चतुर्भुज राजमार्ग योजना' लेकर आए। उन्होंने देश के गांव-गांव को पक्की सड़कों से जोड़ा। सूखे की समस्या समाप्त करने के लिए उन्होंने देश की नदियों को आपस में जोड़ने का विचार दिया। स्व. अटलजी के लिए भारत एक जीता-जागता राष्ट्रपुरुष था। पूर्व राज्यपाल सोलंकी ने कहा कि आज भारत की जीडीपी विकास दर 7.8 प्रतिशत की गति से आगे बढ़ रही है। यह दुनिया में चीन और अमेरिका से भी अधिक है।

कार्यक्रम में मप्र हिंदी ग्रंथ अकादमी के अध्यक्ष अशोक कड़ेल, पूर्व विधायक शिशुपाल सिंह यादव, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम आयुक्त कुमार पुरूषोत्तम, निजी प्रतिष्ठान के अजय कुमार सोनी सहित बड़ी संख्या नागरिकगण उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उन्होंने कार्यक्रम में निजी प्रतिष्ठान के मोनो का भी लोकार्पण किया। उन्होंने प्रतिष्ठान परिसर में स्थापित डिजीटल प्रिंटिंग मशीनों का अवलोकन भी किया।

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हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश तोमर

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